
तिलक
तिलक #तिलक का अर्थ भारत में पूजा के समय माथे पर लगाया जानेवाला निशान। तिलक नहीँ लगाने से

तिलक #तिलक का अर्थ भारत में पूजा के समय माथे पर लगाया जानेवाला निशान। तिलक नहीँ लगाने से

लग्न का अध्यात्मिक गुणधार स्वभाव भाग मेष लग्न का अध्यात्मिक गुणधार स्वभाव सत्वगुणी स्वभाव इस प्रकार के जातक

मोमोज आपकी जिंदगी बर्बाद कर देगा !!! आजकल गली मोहल्लो नुक्कड़ मार्केट पर सिल्वर के स्ट्रीमर में उबलते

महाँकाल-अर्थात समय, और मृत्यु.. जो इन दोनों को जीत चुके हों | तनिक सोचिये!! वे समय को कैसे

अहंकारानं तुटलेले संसार? सध्याची सामाजिक समस्या म्हणजे अहंकार. ‘माझंच खरं’ हा विचार बळावत आहे त्यामुळे बरीच नाती, घरं

जामुन एक ऐसा वृक्ष जिसके अंग-अंग में औषधि है।🍇 बर्ष में पांच जामुन अवश्य खाएं बीज सड़क किनारे

गोबर गणेश यह यथार्थ है कि जितने लोग भी गणेश विसर्जन करते हैं उन्हें यह लेश मात्र पता

हिरे हे मोठमोठ्या कारखान्यात तयार होत नसून कोळशाच्या खाणीत सापडतात हिरे हे मोठमोठ्या कारखान्यात तयार होत नसून कोळशाच्या

संतोषचं नेमकं काय चुकलं… मागे गावाकडे चक्कर मारला तर स्पर्धा परिक्षेत यश मिळालेल्या विद्यार्थ्यांच्या अभिनंदनाचे फलक ठिकठिकाणी लागलेले

रक्षा बंधन पर वैदिक राखी बांधने से होंगे अनेक फायदे, जानिए कैसे बनाएं 🚩रक्षाबंधन पर्व समाज के टूटे

रावण-पुत्र ‘अक्षय कुमार ‘का वध नहीं चाहते थे हनुमान, क्यों…. महर्षि वाल्मीकि द्वारा सदियों पहले रचे गए महान

भारतीय परम्परा में बरखामासा छब्बीस को परबा, 27 को दूज, 28 को तीज… अपनी अंगुलियों पर तिथि गिनते-गिनते

री-रूटिंग… क्या आपने देखा है कि अगर आप गलत मोड़ लेते हैं, तो Google मानचित्र कभी भी चिल्लाता

हमारा पौराणिक विज्ञान रात्रि के अंतिम प्रहर में एक बुझी हुई चिता की भस्म पर अघोरी ने जैसे

तमिल भाषा में लिखी महर्षि कम्बन की इरामावतारम् में कथा है कि रावण केवल शिवभक्त, विद्वान एवं वीर

Teacher A Servant गुड मॉर्निंग सर ! गुड मॉर्निंग ! या पाटणकर. कुठल्या गावाहून आलात? ‘कोकिजरे , तालुका

क्यों कहते हैं कि “काशी जमीन पर नहीं है, वह शिव के त्रिशूल के ऊपर है!” क्योंकि काशी

कुंडली मिलान बहुत जरूरी है सनातन संस्कृति की नींव षोडश संस्कारों में निहित है। इन षोडश संस्कारों में

इस भाव भरी लघु कहानी को भाव में डूबकर पढ़ें ….!! “मेरी छोटी बुआ…!” रक्षाबंधन का त्यौहार पास

रेशीमगाठ..!! कालचीच गोष्ट..! ” सुजय.. वसंतकाकांचा फोन होता..” हातातला चहाचा कप खाली ठेवत सुजयचे बाबा सुरेशराव म्हणाले..वसंतकाका त्यांच्याकडे

वाचाल ना? ह्या 17 मेला श्रीयुत जयंत नारळीकर यांच्या सुविद्य पत्नी, मंगलाताई यांचा 80 वा वाढदिवस आहे. मृणालिनी

Kashi On Mahadev Ji’s Trishul Sat namo ādeś |guruji ko ādeś om guruji !om dharti so ākāś, mahā

मंदिर में देवी देवता के पीठ को प्रणाम करना निषेध है मंदिर में परिक्रमा लेते समय भगवान या

क्या अंक ज्योतिष लोगों की मदद कर सकता है? हाँ, निश्चित रूप से यह लोगों की मदद कर

अवघा रंग एक झाला – अवघा रंग एक झाला – आज परछाई नहीं आएगी दादी की बहन के

ईश्वर में विश्वास – Faith In God – एक बाबा कुएं पर स्वयं को लटका कर ध्यान किया