
कुण्डली में पुष्कर नवमांश ज्ञात करने का सरल तरीका
कुण्डली में पुष्कर नवमांश ज्ञात करने का सरल तरीका यदि आपके पास किसी जातक की जन्म कुण्डली और

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जन्म कुण्डली एवम संतान सुख : कुण्डली का पांचवा भाव संतान भाव के रूप में विशेष रूप से

कुण्डली में शनि का शुभ अशुभ प्रभाव : कलयुग में शनि राजनीति का मुख्य कारक ग्रह है !

कुमार षष्ठी : संतान की सुख-समृद्धि और परिवार के कल्याण का पावन पर्व भारतीय संस्कृति में वर्ष भर

विपरीत राजयोग: क्या यह कोई चमत्कारी लॉटरी है या सिर्फ डार्क फैंटेसी? आइए क्लासिकल ग्रंथों से सच जानते

अति तीव्र दुर्गा साधना आपकी हर मनोकामना को पूर्ण करने के लिए और शक्ति प्राप्ति हेतु दुर्गा

शेषनाग और पृथ्वी: वैदिक विज्ञान की गहनत शेषनाग का वैज्ञानिक अर्थ:👉 संस्कृत में “शेष” का अर्थ है अंतरिक्ष,

भारत की जल संस्कृति-13 महिलाएं भी करती थी मानसूनी वर्षा की भविष्यवाणियां प्राचीन भारतीय जलवायु विज्ञान का उद्भव

भारत की जल संस्कृति-14 प्राचीन भारत में मेघविज्ञान और बादलों के प्रकार प्राचीन भारतीय मेघविज्ञान का इतिहास भी

भारत की जल संस्कृति-6 उत्तराखंड के पहाड़ों से शुरू होता है वैदिक जल प्रबंधन व कृषि प्रबन्धन का

राहु का धनिष्ठा में गोचर 30 जून 2026 की रात, आसमान में कुछ ऐसा घटा जिसकी गूंज हम

पुषण — यात्रियों के देवता, जिन्हें हिंदू धर्म लगभग भूल गया हिंदू धर्म के प्राचीन वैदिक ग्रंथों में

भारत की जल संस्कृति-7 वेदों के ‘इंद्र-वृत्र युद्ध’ मिथक का जल वैज्ञानिक तात्पर्य भारतवर्ष प्राचीनकाल से ही एक

भारत का प्राचीन जलविज्ञान-1 वराहमिहिर की ‘बृहत्संहिता’ में भूमिगत जल की खोज के वैज्ञानिक फार्मूले, वृक्ष-वनस्पतियों की निशानदेही

“वारी का शिरा और आँखों का पानी” दिल को छू लेने वाली कहानी || वारी में ‘खाना-पीना’ आनंद

यदि चतुर्थेश बारहवें स्थान में हो तो पैतृक सम्पत्ति से हाथ धोना पड़ता है। जिस मनुष्य के चतुर्थ

राहु के विशेष प्रभावी योग १. यदि मेष, वृषभ, या कर्क राशि का राहू तीसरे, षष्ठ अथवा एकादश

भारतीय मानसून विज्ञान 🌲भारतीय जलवैज्ञानिक वराहमिहिर और उनका मानसून वैज्ञानिक ‘वृष्टिगर्भ’ सिद्धांत🌲 बादलों में गर्भाधान के कारण

प्राचीन भारत में मेघविज्ञान ॥मेघ पिता है और धरती माता ॥ भारतीय मानसून विज्ञान-3 🎁ऋग्वेद

भारत की जल संस्कृति – भारतीय परंपरा जल में ‘नारायण’ का वास मानती है जल संकट सम्बन्धी वर्त्तमान

कुछ लोग हर बार सही समय से केवल एक कदम पीछे क्यों रह जाते हैं l क्या आपके

पूर्णब्रह्म नमस्कार… हम अक्सर अपने आसपास रहने वाले लोगों के बारे में अपनी सीमित समझ और अनुभव के

दुश्मन न करे दोस्त ने वो काम किया है | उम्र भर का ग़म हमें ईनाम दिया है

‘डिग्निटी’ (गरिमा) चितले काका हमारी बिल्डिंग की शान थे। उम्र लगभग सत्तर के आसपास रही होगी, लेकिन जोश

पत्थर में प्रभु यूँ ही नहीं आते कई दिन से यह पोस्ट दिमाग में घूम रही थी। फिर

सिर ढकने को शास्त्र निषेध!! आजकल एक कुप्रथा चल पड़ी है कि पूजन आरंभ होते ही रूमाल

गुरु हरगोबिंद राय जयंती: आध्यात्मिकता, साहस और धर्म रक्षा का प्रेरणादायक पर्व गुरु हरगोबिंद राय जयंती सिख धर्म

इच्छाओं का जाल: डिडरो इफ़ेक्ट से योगवासिष्ठ तक एक बार की बात है, जब एक गरीब लेखक था।

एक ही घड़ी मुहूर्त में जन्म लेने पर भी सबके कर्म और भाग्य अलग अलग क्यों इस कथा

गणित के बारे में यूनानी झूठ, और प्राचीन भारतीय ज्ञान पश्चिमी सभ्यता को मानने वालों का विश्वास है

ज्योतिष विश्लेषण सीखें लग्नेश अष्टम में बैठने से वो मन कारक ग्रह चंद्रमा लग्नेश होने से व अष्टम

तिथि भी देवी स्वरूप! हमारे यहां तिथियों को माता के समान सम्मान मिला है। देखिये- तीज माता! राजस्थान

श्री राम अधिक अनुकरणीय हैं या श्री कृष्ण ? अगर किसी वामपंथी से पूछेंगे, और यह शर्त रखेंगे

ध्रुव-स्तम्भ का वैज्ञानिक रहस्य: ग्रीष्म अयनांत और अदृश्य होती छाया आज श्री रवि शंकर जी के साथ ध्रुव-स्तम्भ

जानिए क्या होता है पुरुषोत्तम मास भारतीय पंचांग की सबसे विशिष्ट विशेषता यह है कि यह केवल तिथियों

क्या आपकी कुंडली में छिपा है ऐसा ग्रहयोग जो प्रेम को आकर्षण, आकर्षण को भ्रम और भ्रम को

सर्वप्रथम गणेशजी की पूजा क्यों होती है? हिन्दू धर्म में किसी भी सुबह कार्य को करने से पहले

योग दिवस, ग्रीष्म अयनांत, तीन देवियाँ और सबसे पहले ग्रीष्म अयनांत क्या है ये जानते हैं – हर

“पानी की एक्सपायरी डेट क्या होती है?” अक्सर हम अपनी सुविधा और मानसिकता के अनुसार पानी की “एक्सपायरी

चक्र चेतना और ग्रंथि विज्ञान: चिकित्सा ज्योतिष महा-विस्फोट *कड़ी ७: सहस्रार चक्र (Crown Chakra) और थैलेमस व हाइपोथैलेमस

लग्नेश को समझना ही स्वयं को समझना है लग्नेश केवल एक ग्रह नहीं है बल्कि वह इस मृत्युलोक

जब अमेरिका की सूखी झील में मिला श्रीयंत्र: इतिहास, रहस्य और विवाद पुराने मित्रों को अमेरिका पर्वतीय क्षेत्र

गुरु की महादशा में अन्य ग्रहों की अंतर्दशा का अनुभव आधारित फल गुरु ग्रह की महादशा के उपरोक्त

द्वितीय भाव तथा इसके रहस्य जब कुंडली का दूसरा भाव आपके पूर्वजों, परिवार और प्रारब्ध की पूरी कहानी

बुध-केतु का रहस्यमय संयोग: प्रतिभा, भ्रम और अध्यात्म व्यक्ति की बुद्धि तेज हो लेकिन यदि वह दिशाहीन हो,

विस्मृत गौरवशाली भारत जब विश्व में शिक्षा अपनी शिशुअवस्था में थी, तब भारत के विश्वविद्यालय अपने चरम पर

ज्योतिष और प्रॉपर्टी आशियाने की पूर्णता, निर्माण बाधाएं और समय का चक्र। जन्म कुंडली का चतुर्थ भाव (सुख

अन्नदान का महत्व १. अन्नदान करने वाले की २१ पीढ़ियों का उद्धार होता है। २. अन्नदान सभी दानों

इस वर्ष जितने जामुन बाजार में दिखाई दे रहे हैं, उतने मैंने पिछले तीन दशकों में कभी नहीं

भारत का प्राचीन स्थापत्य शास्त्र हमारे यहां स्थापत्य शास्त्र की परिधि काफी व्यापक रही है। इसमें नगर रचना,

आपकी और व्यापार में हानि लाभ बृहत्पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 14, श्लोक 1 धनं वित्तं कुटुम्बं च कोषं

वास्तु ! भारत की अद्भुत देन। देश ही नहीं, अब दुनिया में भी एक आवश्यकता हो गया है

कब मिलेगी कैरियर में अच्छी कामयाबी। कामयाबी एक ऐसा शब्द है जो मन में ख़ुशी की लहर पैदा

ज्योतिष में अपनों से धोखे के योग बृहत्पाराशर होराशास्त्र 11.4-11.7 `द्वितीये कुटुम्बं च तृतीये सहजं तथा। चतुर्थे बान्धवं

मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः मानव जीवन में मन ही प्रधान है। शास्त्र कहते हैं कि मन ही

अष्टवर्ग पद्धति! ज्योतिष शाश्त्र में सटीक फलादेश की एक प्रमाणित विधि अष्टवर्ग मानी गई है। गोचर में

चोल साम्राज्य: जिसने जीता समुद्र दक्षिण भारत में शक्तिशाली तमिल चोल साम्राज्य का इतिहास 9वीं शताब्दी से लेकर

शत्रुघ्न संपूर्ण रामायण में शत्रुघ्न का कभी विशेष वर्णन नहीं मिलता। वे मानो सदैव उपेक्षित ही रहे। शत्रुघ्न

वास्तुशास्त्र में भूमि, भवन और ऊर्जा का सिद्धांत प्राचीन वास्तुशास्त्र के अनुसार संपूर्ण भूमि अथवा भवन को वास्तुपुरुष

अंगद ने वास्तु के कौन से पद में पैर टिकाया कि कोई हिला नहीं पाया अभ्यास करने वाली

पेड़ काट कर किताबें बनाओ और किताबों में लिखो पेड़ बचाओ.. “पहले श्वेत क्रांति के नाम पे देसी

कैसे एक श्राप ने महाभारत की पूरी कहानी को दिशा दी। महाभारत की कथा न केवल एक महाकाव्य

अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस पर्यावरण वह प्राकृतिक परिवेश है जिसमें मनुष्य, पशु-पक्षी, वनस्पतियाँ और समस्त जीव-जगत निवास करते हैं।

रिश्ते कब बिगड़ते हैं – 8 बड़े ज्योतिष कारण *1. सप्तम भाव में शनि + मंगल युति =

ज्योतिष के 16 सूत्र – *1. चंद्र कमजोर हो तो दुश्मन से पहले अपना मन हराता है चंद्र

आदि शंकराचार्य -भाग-4 गतांक से आगे- चार मठों की स्थापना- वैसे तो आदि शंकराचार्य ने अनेक महान कार्य

आदि शंकराचार्य -भाग-3 गतांक से आगे- एक बार काशी में वे अपने शिष्यों सहित जा रहे थे कि

आदि शंकराचार्य – भाग -2 – शंकरो शंकर: साक्षात्’ आदिशंकर ये भारत के एक महान दार्शनिक एवं धर्मप्रवर्तक

आदि शंकराचार्य – भाग -१ हिन्दू धर्म के महान प्रवर्तक जगतगुरु आदि शंकराचार्य को कौन नहीं जानता?किन्तु अगर

आर्द्रा नक्षत्र और आम – आम खाना कब से और क्यों बंद किया जाता है? 22 जून 2019

व्यय रोग भाव पीड़ा: – जब घुटने जवाब दें तो शास्त्र क्या कहता है बृहत् पाराशर होरा शास्त्र,

मानसिक तनाव योग: चन्द्र पीड़ा से मन की व्यथा। बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 80, श्लोक 4 क्षीणेन्दौ

संकल्प से सफलता: अपने सपनों को हकीकत में बदलें – (Law of Attraction और Manifestation की शक्ति) जीवन

सनातन भारतीय इतिहास और इसके विरुद्ध साजिशें: 3 अब तक के २ भागों में आपने देखा भविष्य पुराण

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सनातन, भारतीय इतिहास और इसके विरुद्ध साजिशें : 1 आज आधुनिक भारतीय इतिहासलेखन के लिए ब्रिटिश इतिहासकारों को

सनातन भारतीय इतिहास और इसके विरुद्ध साजिशें: 4 प्राचीन भारतीय संस्कृति में भवन निर्माण कला की बारीकी और

मदद करने वाले हाथ” पर एक बेहद सुंदर और दिल छू लेने वाला संदेश मीनाक्षी अम्मन मंदिर का

भारत का पुरातन कृषि शास्त्र – सीता नवमी विशेष सबसे अधिक खेती का विकास मिथिला में हुआ, अतः

इतिहास के पन्ने 60 के दशक में जब भूमापन हुआ और सेटलमेंट करने वाले अधिकारी जैसलमेर के सीमावर्ती

तृतीये पापसंयुक्ते — पड़ोसी से कलह कर्मनाश और यशहानि का ज्योतिषीय का कारण, बृहत्पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 14,

चतुर्थ भाव घर, भूमि, माता और गृह-सुख का रहस्य बृहत्पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 11, श्लोक 14 लग्नात् चतुर्थभावेन

वृद्धि तिथि एकादशी व्रत-परहेज धर्म धर्मसिन्धु, परिच्छेद 2, एकादशी निर्णय श्लोक 9 एकादश्यां यदा वृद्धिर्द्विदिनव्यापिनी भवेत्। परैवोपोषणीया स्यात्

गंगा दशहरा : आस्था, संस्कृति और पवित्रता का महान पर्व भारत को सदियों से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं

गंडमूल नक्षत्र : रहस्य, आध्यात्मिक आधार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और वास्तविक उपाय वैदिक ज्योतिष के अनुसार जो सत्ताईस नक्षत्र

केमद्रुम दरिद्र योग स्थिति: चंद्र अकेला, 2-12 खाली, गुरु दृष्टि नहीं। श्लोक: केमद्रुमे भवेज्जातो मलिनो दुःखपीडितः। भिक्षाशी जायते

चोरी-भय दरिद्र योग स्थिति: 4थे में राहु, 2रा स्वामी 8वें। श्लोक: सुखस्थाने यदा राहुर्धनेशो रन्ध्रगो यदि। चौरभीत्या धनं

एक गरीब ब्राह्मण रोज विष्णु *सहस्त्रनाम पढ़ता था और उसके घर चमत्कार* होने लगे *_1. त्रिवेणी घाट का

राजा मल्हार राव होलकर पुण्यतिथि भारतीय इतिहास में अनेक ऐसे वीर योद्धा और कुशल शासक हुए हैं जिन्होंने

जजिया यानि दो महीने की सारी कमाई लेते थे शहन्शाह-ए-हिन्दोस्तान निकोलाओ मानुची (1639-1717) एक इतालवी यात्री और लेखक

वरिष्ठ से ज्येष्ठ बनने की यात्रा : एक प्रेरणादायी जुगलबंदी कल एक बेहद सुंदर जुगलबंदी देखने को मिली।यह

वृक्षों की पूजा-उपासना क्यों? भारतीय संस्कृति में वृक्षों का विशेष महत्त्व है, क्योंकि वे हमारे जीवन के प्राण

अष्टमंगला प्रश्न वह दर्पण है, जिसमें देव संकेतों द्वारा भविष्य, वर्तमान और बाधाओं का सूक्ष्म प्रतिबिंब दिखाई देता

झाला राजपूतों का बलिदान, इतिहास का विकृतिकरण और समाज के नैतिक पतन पर एक विचार सन 1920 के

१२ भावों के गुप्त श्राप कुंडली के ऐसे अंधेरे रहस्य जो व्यक्ति जीवनभर महसूस करता है* हर भाव

भारतीय ज्योतिषियों ने राष्ट्र को कैसे बचाया “पंडित हरदेव शर्मा त्रिवेदी जी को श्रद्धांजलि” ज्योतिषाचार्यों ने सदैव राष्ट्र

वास्तु 45 देवता रहस्यम् वास्तु सलाहकार किसी भी उद्योग की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।हर उद्योग की

विश्वकर्मा ब्राह्मण |शिल्पी ब्राह्मण |विश्व ब्राह्मण | शिल्पकर्म एक ब्राह्मण कर्म आज पुन: यह पोष्ट अपलोड कररहा हुँ

भारत वर्ष का नामकरण १. भारत के ३ अर्थ -(१) उत्तरी गोलार्द्ध के नकशे के ४ भागों में

अव योग क्या है? जब लग्नेश छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो तो जीवन पर उसका प्रभाव