
षष्ठ भाव परिवर्तन योग और रोगों के ज्योतिषीय संकेत
षष्ठ भाव परिवर्तन योग और रोगों के ज्योतिषीय संकेत वैदिक ज्योतिष में षष्ठ भाव को रोग, ऋण, शत्रु,

षष्ठ भाव परिवर्तन योग और रोगों के ज्योतिषीय संकेत वैदिक ज्योतिष में षष्ठ भाव को रोग, ऋण, शत्रु,

शिवजी के पैयाँ परो रे ! काल—महाकाल। अर्थात समय। शिव समय हैं। समय आद्यध्वनि का सूचक है। शिव

व्याकरण और ग्रामर दोनों एक नहीं है जैसे धर्म और रिलिजन एक नहीं होते। व्याकरण का अनुवाद ग्रामर

भारत की लोकसंस्कृति में शिव भारत की लोकसंस्कृति शिवमय है । पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण

उम्र में अंतर वाले विवाह के योग सप्तम भाव या सप्तमेश पर शनि की युति अथवा दृष्टि हो

रिश्तों में परेशानी,ग्रहो की जुबानी पिता से बार-बार मतभेद हों – सूर्य और नवम भाव देखें सूर्य

ग्रहो से सम्बंधित व्यवसाय व्यवसायों के प्रकार का निर्णय ग्रहो के स्वरुप, बल आदि पर निर्भर करता है।

आईए जानते हैं।चतुरंग के बारे में वास्तु के अनुसार इसे कहाँ रखें और क्या लॉजिक है- चतुरंग कहाँ

लगभग 300 वर्ष पहले समृद्धि का पैमाना गाय हुआ करती थी। एक जोड़ी बैल, छह तोला सोने में

जन्म कुण्डली में कैंसर कारक योग : राहु को विष माना जाता है, यदि राहु का किसी भाव

सूर्य – आपकी दिनचर्या ही आपका सूर्य है सूर्य को प्रसन्न करने के लिए केवल प्रातःकाल जल अर्पित

जन्म कुंडली विश्लेषण: क्यों करवाएं, क्या न सोचें, कितना सच है और यह काउंसलर से अलग क्यों है?

अष्टम भाव में पाप-प्रभावित शुक्र: प्रेम, विवाह और कर्मिक परिवर्तन अष्टम भाव केवल आयु, दुर्घटना, रहस्य और अचानक

बुध का कुंडली के 12 भाव में गोचर फल बुध एक ऎसा ग्रह है जो अपनी तेज रफता

राहु को जानिए ज्योतिष शास्त्र में यदि किसी एक ग्रह का नाम सुनते ही लोगों के मन में

अकवन का पौधा और डॉक्टर लगभग २०-३० वर्ष पहले की बात होगी। उन दिनों मैं #बिहार में था।

वर्ष को वर्षा से ही नाम मिला। किसी विश्वामित्र के पत्रे में सावन से नववर्ष मिल जाय तो

जन्म कुंडली में विदेश यात्रा के योग – क्या आपकी कुंडली में भी विदेश जाने का भाग्य लिखा

ज्योतिष – वर्ष कुंडली में मुंथा का महत्त्व वर्ष कुंडली में नवग्रहों के समान मुंथा की भी स्थापना

चिकित्सा ज्योतिष में मानसिक बीमारियों का अध्ययन आज के इस लेख में हम मानसिक बीमारियों के अध्ययन की

महर्षि व्यास आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा

महाभारत में महादेव – भगवान शिव का तीसरा नेत्र भूतभावन महादेव के सर्वाधिक रहस्यमय प्रतीकों में से एक

वास्तु की उत्पति कैसे हुई और भगवान शंकर का एक पसीने के बूंद का क्या हुआ? सनन्दन जी

ज्योतिष के चमत्कारी योग। 1) लग्नेश लग्न या दूसरे भाव मे –बिना परिश्रम के धन | 2)

ग्रहों की युति प्रतियुति के फल जब दो ग्रह एक ही राशि में स्थित होंं तब इसे ग्रहों

आषाढ मास जगन्नाथ ने ले लिया तो सावन मास विश्वनाथ ने। आपने देखा – इन दोनों ने वर्षा

जगन्नाथ शंकरशेठ मुरकुटे (नाना शंकरशेठ) पुण्यतिथि: आधुनिक मुंबई के निर्माता और महान समाज सुधारक भारत के इतिहास में

बाजी प्रभु देशपांडे पुण्यतिथि: स्वराज्य के लिए प्राण न्योछावर करने वाले अमर वीर को श्रद्धांजलि भारतीय इतिहास में

Pineal Gland: चेतना पर कॉर्पोरेट हमला – एक मौन युद्ध, जो हमारी आँखों के सामने चल रहा है

असली वायरस वे ज़हर हैं जो वे हमारे दिमाग, पानी, खाने, हवा और ‘दवाओं’ में मिलाते हैं। सरकारें,

शनि ऐसा ग्रह है, जो कुंडली के सभी भावों में अपना अलग अलग प्रभाव रखता है। आपकी कुंडली

प्रेम विवाह हो पाएगा या नहीं जब किसी लड़का और लड़की के बीच प्रेम होता है तो वे

आकस्मिक धन प्राप्ति के योग आकस्मिक धन प्राप्ति से आशय हैं कि इनाम, भेंट, वसीहत, रेस- लॉटरी, भू

गुरू पूर्णिमा / व्यास पूर्णिमा पश्चिम में इल्हाम होता है, वहां ज्ञान की प्राप्ति के लिये न तो

कुंडली बताती है कि क्या रत्न पहने और क्या ना पहने रत्न सबके लिए नहीं होते, वे सुंदरता

ग्लोब को ध्यान से देखें समस्त यूरोप शून्य देशांतर रेखा के पूर्व में है ।इंग्लैंड लगभग शून्य देशांतर

5G और Wifi दिमाग को खोल देते हैं जाने-माने विशेषज्ञ, डॉ. क्लिंगहार्ड ने खुलासा किया कि 5G और

अमृत के रस का स्वाद कैसा है “ज्ञानविहीनः सर्वमतेन, मुक्तिं न भजति जन्मशतेन।” 🌿 सरल अर्थ:

युवा उपलब्धि: प्रतीक सेठी – नवाचार और तकनीक से समाज को सुरक्षित बनाने की प्रेरणादायक कहानी ओडिशा के

पुरुषार्थ करने वाले का भाग्य वृद्धि हो हे जाती है आत्मविश्वास आपकी सर्वश्रेष्ठ पूँजी है। सत्य समझ लेना

जय मां – मां भुवनेश्वरी महाविद्या साधना नवरात्रि साधना प्रतिदिन शुद्ध होकर आसन में बैठकर सामान्य रूप से

कुण्डली में पुष्कर नवमांश ज्ञात करने का सरल तरीका यदि आपके पास किसी जातक की जन्म कुण्डली और

जन्म कुण्डली एवम संतान सुख : कुण्डली का पांचवा भाव संतान भाव के रूप में विशेष रूप से

कुण्डली में शनि का शुभ अशुभ प्रभाव : कलयुग में शनि राजनीति का मुख्य कारक ग्रह है !

कुमार षष्ठी : संतान की सुख-समृद्धि और परिवार के कल्याण का पावन पर्व भारतीय संस्कृति में वर्ष भर

विपरीत राजयोग: क्या यह कोई चमत्कारी लॉटरी है या सिर्फ डार्क फैंटेसी? आइए क्लासिकल ग्रंथों से सच जानते

अति तीव्र दुर्गा साधना आपकी हर मनोकामना को पूर्ण करने के लिए और शक्ति प्राप्ति हेतु दुर्गा

शेषनाग और पृथ्वी: वैदिक विज्ञान की गहनत शेषनाग का वैज्ञानिक अर्थ:👉 संस्कृत में “शेष” का अर्थ है अंतरिक्ष,

भारत की जल संस्कृति-13 महिलाएं भी करती थी मानसूनी वर्षा की भविष्यवाणियां प्राचीन भारतीय जलवायु विज्ञान का उद्भव

भारत की जल संस्कृति-14 प्राचीन भारत में मेघविज्ञान और बादलों के प्रकार प्राचीन भारतीय मेघविज्ञान का इतिहास भी

भारत की जल संस्कृति-6 उत्तराखंड के पहाड़ों से शुरू होता है वैदिक जल प्रबंधन व कृषि प्रबन्धन का

राहु का धनिष्ठा में गोचर 30 जून 2026 की रात, आसमान में कुछ ऐसा घटा जिसकी गूंज हम

पुषण — यात्रियों के देवता, जिन्हें हिंदू धर्म लगभग भूल गया हिंदू धर्म के प्राचीन वैदिक ग्रंथों में

भारत की जल संस्कृति-7 वेदों के ‘इंद्र-वृत्र युद्ध’ मिथक का जल वैज्ञानिक तात्पर्य भारतवर्ष प्राचीनकाल से ही एक

भारत का प्राचीन जलविज्ञान-1 वराहमिहिर की ‘बृहत्संहिता’ में भूमिगत जल की खोज के वैज्ञानिक फार्मूले, वृक्ष-वनस्पतियों की निशानदेही

“वारी का शिरा और आँखों का पानी” दिल को छू लेने वाली कहानी || वारी में ‘खाना-पीना’ आनंद

यदि चतुर्थेश बारहवें स्थान में हो तो पैतृक सम्पत्ति से हाथ धोना पड़ता है। जिस मनुष्य के चतुर्थ

राहु के विशेष प्रभावी योग १. यदि मेष, वृषभ, या कर्क राशि का राहू तीसरे, षष्ठ अथवा एकादश

भारतीय मानसून विज्ञान 🌲भारतीय जलवैज्ञानिक वराहमिहिर और उनका मानसून वैज्ञानिक ‘वृष्टिगर्भ’ सिद्धांत🌲 बादलों में गर्भाधान के कारण

प्राचीन भारत में मेघविज्ञान ॥मेघ पिता है और धरती माता ॥ भारतीय मानसून विज्ञान-3 🎁ऋग्वेद

भारत की जल संस्कृति – भारतीय परंपरा जल में ‘नारायण’ का वास मानती है जल संकट सम्बन्धी वर्त्तमान

कुछ लोग हर बार सही समय से केवल एक कदम पीछे क्यों रह जाते हैं l क्या आपके

पूर्णब्रह्म नमस्कार… हम अक्सर अपने आसपास रहने वाले लोगों के बारे में अपनी सीमित समझ और अनुभव के

दुश्मन न करे दोस्त ने वो काम किया है | उम्र भर का ग़म हमें ईनाम दिया है

‘डिग्निटी’ (गरिमा) चितले काका हमारी बिल्डिंग की शान थे। उम्र लगभग सत्तर के आसपास रही होगी, लेकिन जोश

पत्थर में प्रभु यूँ ही नहीं आते कई दिन से यह पोस्ट दिमाग में घूम रही थी। फिर

सिर ढकने को शास्त्र निषेध!! आजकल एक कुप्रथा चल पड़ी है कि पूजन आरंभ होते ही रूमाल

गुरु हरगोबिंद राय जयंती: आध्यात्मिकता, साहस और धर्म रक्षा का प्रेरणादायक पर्व गुरु हरगोबिंद राय जयंती सिख धर्म

इच्छाओं का जाल: डिडरो इफ़ेक्ट से योगवासिष्ठ तक एक बार की बात है, जब एक गरीब लेखक था।

एक ही घड़ी मुहूर्त में जन्म लेने पर भी सबके कर्म और भाग्य अलग अलग क्यों इस कथा

गणित के बारे में यूनानी झूठ, और प्राचीन भारतीय ज्ञान पश्चिमी सभ्यता को मानने वालों का विश्वास है

ज्योतिष विश्लेषण सीखें लग्नेश अष्टम में बैठने से वो मन कारक ग्रह चंद्रमा लग्नेश होने से व अष्टम

तिथि भी देवी स्वरूप! हमारे यहां तिथियों को माता के समान सम्मान मिला है। देखिये- तीज माता! राजस्थान

श्री राम अधिक अनुकरणीय हैं या श्री कृष्ण ? अगर किसी वामपंथी से पूछेंगे, और यह शर्त रखेंगे

ध्रुव-स्तम्भ का वैज्ञानिक रहस्य: ग्रीष्म अयनांत और अदृश्य होती छाया आज श्री रवि शंकर जी के साथ ध्रुव-स्तम्भ

जानिए क्या होता है पुरुषोत्तम मास भारतीय पंचांग की सबसे विशिष्ट विशेषता यह है कि यह केवल तिथियों

क्या आपकी कुंडली में छिपा है ऐसा ग्रहयोग जो प्रेम को आकर्षण, आकर्षण को भ्रम और भ्रम को

सर्वप्रथम गणेशजी की पूजा क्यों होती है? हिन्दू धर्म में किसी भी सुबह कार्य को करने से पहले

योग दिवस, ग्रीष्म अयनांत, तीन देवियाँ और सबसे पहले ग्रीष्म अयनांत क्या है ये जानते हैं – हर

“पानी की एक्सपायरी डेट क्या होती है?” अक्सर हम अपनी सुविधा और मानसिकता के अनुसार पानी की “एक्सपायरी

चक्र चेतना और ग्रंथि विज्ञान: चिकित्सा ज्योतिष महा-विस्फोट *कड़ी ७: सहस्रार चक्र (Crown Chakra) और थैलेमस व हाइपोथैलेमस

लग्नेश को समझना ही स्वयं को समझना है लग्नेश केवल एक ग्रह नहीं है बल्कि वह इस मृत्युलोक

जब अमेरिका की सूखी झील में मिला श्रीयंत्र: इतिहास, रहस्य और विवाद पुराने मित्रों को अमेरिका पर्वतीय क्षेत्र

गुरु की महादशा में अन्य ग्रहों की अंतर्दशा का अनुभव आधारित फल गुरु ग्रह की महादशा के उपरोक्त

द्वितीय भाव तथा इसके रहस्य जब कुंडली का दूसरा भाव आपके पूर्वजों, परिवार और प्रारब्ध की पूरी कहानी

बुध-केतु का रहस्यमय संयोग: प्रतिभा, भ्रम और अध्यात्म व्यक्ति की बुद्धि तेज हो लेकिन यदि वह दिशाहीन हो,

विस्मृत गौरवशाली भारत जब विश्व में शिक्षा अपनी शिशुअवस्था में थी, तब भारत के विश्वविद्यालय अपने चरम पर

ज्योतिष और प्रॉपर्टी आशियाने की पूर्णता, निर्माण बाधाएं और समय का चक्र। जन्म कुंडली का चतुर्थ भाव (सुख

अन्नदान का महत्व १. अन्नदान करने वाले की २१ पीढ़ियों का उद्धार होता है। २. अन्नदान सभी दानों

इस वर्ष जितने जामुन बाजार में दिखाई दे रहे हैं, उतने मैंने पिछले तीन दशकों में कभी नहीं

भारत का प्राचीन स्थापत्य शास्त्र हमारे यहां स्थापत्य शास्त्र की परिधि काफी व्यापक रही है। इसमें नगर रचना,

आपकी और व्यापार में हानि लाभ बृहत्पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 14, श्लोक 1 धनं वित्तं कुटुम्बं च कोषं

वास्तु ! भारत की अद्भुत देन। देश ही नहीं, अब दुनिया में भी एक आवश्यकता हो गया है

कब मिलेगी कैरियर में अच्छी कामयाबी। कामयाबी एक ऐसा शब्द है जो मन में ख़ुशी की लहर पैदा

ज्योतिष में अपनों से धोखे के योग बृहत्पाराशर होराशास्त्र 11.4-11.7 `द्वितीये कुटुम्बं च तृतीये सहजं तथा। चतुर्थे बान्धवं

मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः मानव जीवन में मन ही प्रधान है। शास्त्र कहते हैं कि मन ही

अष्टवर्ग पद्धति! ज्योतिष शाश्त्र में सटीक फलादेश की एक प्रमाणित विधि अष्टवर्ग मानी गई है। गोचर में

चोल साम्राज्य: जिसने जीता समुद्र दक्षिण भारत में शक्तिशाली तमिल चोल साम्राज्य का इतिहास 9वीं शताब्दी से लेकर

शत्रुघ्न संपूर्ण रामायण में शत्रुघ्न का कभी विशेष वर्णन नहीं मिलता। वे मानो सदैव उपेक्षित ही रहे। शत्रुघ्न

वास्तुशास्त्र में भूमि, भवन और ऊर्जा का सिद्धांत प्राचीन वास्तुशास्त्र के अनुसार संपूर्ण भूमि अथवा भवन को वास्तुपुरुष