Author: guruji

तृतीये पापसंयुक्ते — पड़ोसी से कलह कर्मनाश और यशहानि का ज्योतिषीय का कारण,

तृतीये पापसंयुक्ते — पड़ोसी से कलह कर्मनाश और यशहानि का ज्योतिषीय का कारण, बृहत्पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 14,

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वृद्धि तिथि एकादशी व्रत-परहेज धर्म

वृद्धि तिथि एकादशी व्रत-परहेज धर्म धर्मसिन्धु, परिच्छेद 2, एकादशी निर्णय श्लोक 9 एकादश्यां यदा वृद्धिर्द्विदिनव्यापिनी भवेत्। परैवोपोषणीया स्यात्

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