राहु लग्न में = “माया-निष्ठा योग” = वफादारी का श्राप + वरदान लग्न = आत्मा+शरीर, राहु = भ्रम+इच्छा।
राहु लग्न में = “माया-निष्ठा योग” = वफादारी का श्राप + वरदान
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रवींद्रनाथ टैगोर जयंती : भारतीय संस्कृति और साहित्य का गौरव भारत की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत में Rabindranath
शुक्र और केतु जब एक साथ आते हैं, तो इसे “वित्त-वैराग्य योग” कहा जाता है — धन का
केतु का तड़प पास दरिया है फिर भी प्यास है। जैसे दरिया के पास भरपूर मात्रा में पानी
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गुजरात दिवस: गौरव, संस्कृति और विकास का उत्सव भारत विविधताओं का देश है, जहाँ प्रत्येक राज्य अपनी विशिष्ट
चलों वेदों की ओर’ – मजदूर दिवस स्मरण! जिन्होंने पर्वतों और खानों से पाषाण निकालने में अपना पसीना
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