*2. द्वितीय भाव में राहु -*
द्वितीय वाणी, कुटुंब, धन। वाणी में कठोरता, सच बोलकर भी झगड़ा, मुंह पर बोल देना। परिवार में मतभेद – घर में सब एक तरफ, ये दूसरी तरफ। खान-पान – राहु नशा, जंक फूड, तीखा, मिर्च, अनियमित – रात को 2 बजे खाना, सुबह भूखा। धन संचय में उतार-चढ़ाव – पैसा आता है राहु से – विदेश, शेयर, सट्टा, पर टिकता नहीं। नवांश में द्वितीय में राहु – ससुराल से मतभेद, ससुराल का पैसा फंसना। बोलने से पहले 10 सेकंड सोचना ही उपाय है।
*3. तृतीय भाव में राहु -*
तृतीय में राहु सर्वश्रेष्ठ – त्रिषडाय में। साहस में वृद्धि – जो कोई न करे, ये कर दे। जोखिम लेने की प्रवृत्ति – बाइक तेज, बिजनेस में बड़ा दांव। छोटे भाई-बहनों से दूरी – या तो झगड़ा या विदेश, एक भाई राहु जैसा अलग। संचार, मीडिया, यूट्यूब, लिखना, एंकरिंग में सफलता – नवांश में तृतीय में राहु – शादी के बाद लेखन, बोलने से पैसा। हाथों में, कंधे में दर्द। पर ये राहु डर को मार देता है।
*4. चतुर्थ भाव में राहु -*
चतुर्थ माँ, घर, सुख, दिल। मातृ सुख में कमी – माँ से दूरी, या माँ की तबियत, या माँ बहुत स्ट्रिक्ट। घर बदलना – 2 साल में एक बार घर, शहर बदलना पक्का, खुद का घर देर से। मानसिक अशांति – दिल कभी शांत नहीं, घर में भी बेचैन। वाहन, संपत्ति में उतार-चढ़ाव – गाड़ी एक्सीडेंट, जमीन में धोखा, घर में वास्तु दोष। नवांश में चतुर्थ में राहु – शादी के बाद माँ से दूरी, या ससुराल का घर अपना नहीं लगता, या शादी के बाद विदेश में घर। दिल में एक खालीपन।
*5. पंचम भाव में राहु -*
पंचम प्यार, संतान, विद्या, पेट। संतान सुख में बाधा – संतान देरी से, या सीजेरियन, या संतान जिद्दी, अलग सोच वाली। प्रेम संबंधों में उलझन – प्यार में धोखा, या प्यार विदेशी से, या जात अलग, या एक साथ दो प्रेम। शिक्षा में रुकावट – पढ़ाई बीच में छूटी, या डिग्री बदली, या पढ़ाई से अलग काम। मन में अस्थिरता – प्यार में भी शक, पढ़ाई में भी। पेट में – गैस, जलन। नवांश में पंचम में राहु – लव मैरिज का प्रबल योग, पर लव में धोखा, संतान के बाद भाग्य बदलना।
*6. षष्ठ भाव में राहु -*
षष्ठ में भी राहु बहुत अच्छा – त्रिषडाय। शत्रुओं पर विजय – दुश्मन खुद खत्म, प्रतियोगिता में – UPSC, कोर्ट, खेल में जीत। पर स्वास्थ्य में अचानक समस्या – वायरल, इंफेक्शन, एलर्जी, अचानक बुखार, डायग्नोस न हो। कर्ज का दबाव – कर्ज लेगा बड़ा, पर चुकायेगा भी। नवांश में षष्ठ में राहु – शादी के बाद शत्रु बढ़ना, या पार्टनर के साथ मिलकर शत्रु पर जीत, या नौकर-चाकर से धोखा। मामा पक्ष से दूरी। ये राहु नौकरी में विदेश भेजता है।
*7. सप्तम भाव में राहु -*
नवांश में सबसे महत्वपूर्ण – सप्तम विवाह। विवाह में विलंब – 28-32 के बाद ही, या जल्दी हुई तो टूटी। जीवनसाथी के साथ मतभेद – पार्टनर तेज, चालाक, विदेशी, या दूसरी जात का, या उम्र में बड़ा अंतर। विदेशी संबंध – शादी विदेश में, या विदेशी पार्टनर, या शादी के बाद विदेश। दांपत्य में अस्थिरता – शक, भ्रम, पार्टनर क्या कर रहा है पता नहीं। नवांश में सप्तम में राहु वाला व्यक्ति शादी के बाद दूसरा जैसा बन जाता है। व्यापार में पार्टनर से धोखा। उपाय – पार्टनर को आजादी दो।
*8. अष्टम भाव में राहु -*
अष्टम गुप्त, मृत्यु, ससुराल। अचानक घटनाएँ – एक्सीडेंट, ऑपरेशन, नौकरी गई, अचानक पैसा। गुप्त रहस्य – तंत्र, मंत्र, ज्योतिष, जासूसी, रिसर्च में गहरी रुचि, जो कोई न देखे वो देखना। जीवन में बड़े परिवर्तन – एक घटना जीवन बदल दे। मानसिक भय – अंधेरे से, भूत से, या अज्ञात डर। नवांश में अष्टम में राहु – ससुराल से धन, पर ससुराल से भय भी, शादी के बाद ससुराल में अचानक घटना, पति/पत्नी की उम्र लंबी पर कष्ट वाली। गुप्त रोग।
*9. नवम भाव में राहु -*
नवम भाग्य, पिता, गुरु, धर्म। भाग्य में उतार-चढ़ाव – किस्मत कभी साथ, कभी बिल्कुल नहीं, लॉटरी जैसा। गुरुजनों से मतभेद – पिता से, टीचर से, बॉस से विचार नहीं मिलते, गुरु को ही सिखा दे। विदेश यात्रा – भाग्य विदेश में, पढ़ाई विदेश में, पिता विदेश में। धर्म के प्रति अलग सोच – पूजा नहीं, पर कर्म में विश्वास, या सब धर्मों को एक मानना, या धर्म पर सवाल। नवांश में नवम में राहु – शादी के बाद भाग्य बदले, भाग्योदय 32 के बाद, पिता से दूर, ससुर से मतभेद।
*10. दशम भाव में राहु -*
दशम कर्म, करियर, पिता। करियर में तेजी से उतार-चढ़ाव – आज नौकरी, कल बिजनेस, आज ऊंचाई पर, कल जीरो। अचानक उन्नति – रातों-रात प्रमोशन, वायरल होना, विदेशी कंपनी में जॉब। विदेशी कार्यों से लाभ – MNC, इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट, IT, मीडिया। मान-सम्मान में अनिश्चितता – इज्जत मिलती है, पर लोग पीठ पीछे बात करें। नवांश में दशम में राहु – शादी के बाद करियर बदले, शादी के बाद नाम बने, या पति/पत्नी के कारण करियर। पिता से कर्म में टकराव।
*11. एकादश भाव में राहु -*
एकादश में राहु सर्वश्रेष्ठ – धन योग। आय के अनेक स्रोत – एक से नहीं, 4-5 जगह से पैसा – नौकरी, शेयर, रेंट, यूट्यूब। बड़े लाभ की संभावना – एक डील में बड़ा पैसा। मित्र मंडली विस्तृत – दोस्त बहुत, पर सच्चे कम, विदेशी दोस्त ज्यादा। इच्छाओं की अधिकता – इच्छा कभी खत्म नहीं, 1 पूरी तो 10 नई। नवांश में एकादश में राहु – शादी के बाद आय बढ़ना, पत्नी/पति के आने से लाभ, इच्छा पूरी शादी के बाद। ये राहु कभी गरीब नहीं रहने देता।
*12. द्वादश भाव में राहु -*
द्वादश खर्च, विदेश, मोक्ष, बेड। विदेश में निवास – नवांश में द्वादश में राहु – शादी के बाद विदेश पक्का, या पति/पत्नी विदेश में। खर्च में वृद्धि – पैसा हाथ में रुकता नहीं, अस्पताल, कोर्ट, यात्रा में। एकांत पसंद – भीड़ में अकेला, रात में जागना। भौतिक सुखों की अधिक इच्छा – बेडरूम में अलग कल्पना, नींद में सपने ज्यादा। मानसिक अस्थिरता – नींद कम, सपने में डर। नवांश में द्वादश में राहु – शादी में बेड सुख में कमी या अधिक इच्छा, या पार्टनर दूर, या गुप्त संबंध का भय। मोक्ष की ओर – जेल, अस्पताल, आश्रम से जुड़ाव।