“चित्त का स्तर” प्रत्येक साधक की कुछ दिन ध्यान साधना करने के बाद यह जानने की इच्छा होती
चित्त का स्तर
“चित्त का स्तर” प्रत्येक साधक की कुछ दिन ध्यान साधना करने के बाद यह जानने की इच्छा होती
श्रीसूक्त – धन की कामना के लिए श्री सूक्त का पाठ अत्यन्त लाभकारी रहता है। (श्रीसूक्त के इस
इसे सेव कर सुरक्षित कर लें, ऐसी पोस्ट कम ही आती है अपना नववर्ष (सँवत्सर)पंचांग क्यों..? ****************************** प्रकृति
संसार में दो प्रकार के पेड़-पौधे होते हैं ★ प्रथम :- अपना फल स्वयं दे देते हैं…
ऋष्यशृंग कौन थे??? ऋष्यश्रृंग ऋषि का वर्णन पुराणों एवं रामायण में आता है। ब्रह्मदेव के पौत्र महर्षि कश्यप
भगवान शिव को भांग, बेलपत्र, धतूरा और आक क्यों है प्रिय!!!! महादेव को भोलेनाथ भी कहा जाता है
शिव स्तुति मंत्र आज के समय में हर मनुष्य तमाम परेशानियों से घिरा हुआ है। ऐसे समय में
वराह पुराण से पितृदोष ( पितृऋण ) और कालसर्प दोष उतारने का सबसे सुलभ मार्ग हमारे जीवन की
भगवान श्रीकृष्ण के माता-पिता वसुदेव व देवकी के कष्टों के कारण क्या थे? श्रीमद्देवीभागवतमहापुराण की एक कथा के
गीता जी के 18 अध्यायो का संक्षेप में (हिंदी सारांश) भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत के युद्ध में