विश्वकर्मा ब्राह्मण |शिल्पी ब्राह्मण |विश्व ब्राह्मण | शिल्पकर्म एक ब्राह्मण कर्म आज पुन: यह पोष्ट अपलोड कररहा हुँ
विश्वकर्मा ब्राह्मण |शिल्पी ब्राह्मण |विश्व ब्राह्मण | शिल्पकर्म एक ब्राह्मण कर्म
विश्वकर्मा ब्राह्मण |शिल्पी ब्राह्मण |विश्व ब्राह्मण | शिल्पकर्म एक ब्राह्मण कर्म आज पुन: यह पोष्ट अपलोड कररहा हुँ
भारत वर्ष का नामकरण १. भारत के ३ अर्थ -(१) उत्तरी गोलार्द्ध के नकशे के ४ भागों में
अव योग क्या है? जब लग्नेश छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो तो जीवन पर उसका प्रभाव
भावविचार भावेशविचार भावों का, वृद्धि या नाश। जिस भाव का विचार करना हो, उसे लग्न मानकर अर्थात उस
चतुर्थ भाव में केतु वैदिक ज्योतिष में चतुर्थ भाव केवल घर, भूमि, वाहन या माता का संकेत नहीं
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस : भारत की तकनीकी शक्ति का प्रतीक भारत हर वर्ष 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी
देवगुरु बृहस्पति = “ईश्वर-कृपा योग” = लग्न, धन, पंचम, नवम भाव _सूत्र: “यत्र धर्मः तत्र कृष्णः, यत्र कृष्णः
शुक्र सप्तम में पाप दृष्ट = “विवाह-विलंब योग” = प्रेम का श्राप + वरदान सप्तम = विवाह+साझा, शुक्र
सप्तम भाव में राहु+मंगल+गुरु+शनि = “महा-चांडाल-विवाद योग” = विवाह-अग्निपरीक्षा _सूत्र: सप्तम = जीवनसाथी-विवाह-व्यापार। 4 पाप-गुरु युति = तूफान_
पृथ्वीराज चौहान जयंती भारत की वीर भूमि ने अनेक महान योद्धाओं और शूरवीरों को जन्म दिया है। उन्हीं