भगवान विष्णु के श्रीमुख से सुने कौन है उन्हें सबसे अधिक प्रिय एक बार की बात है भगवान
भगवान विष्णु के श्रीमुख से सुने कौन है उन्हें सबसे अधिक प्रिय
भगवान विष्णु के श्रीमुख से सुने कौन है उन्हें सबसे अधिक प्रिय एक बार की बात है भगवान
परशुराम की प्रतीक्षा में ‘संस्कृति के चार अध्याय’ में रामधारीसिंह दिनकर ने एक जगह लिखा है कि “जब
हिन्दू राष्ट्र भारत हमारे गाँव में एक बरगद का पेड़ हैं। शुद्ध बरगद का पेड़, शुद्ध इसीलिए बोल
हर अनुभव से क्यों सीखना और सुधार करना चाहिए? कोई भी किताब आपको जीवन के असली सबक नहीं
बरगद एक लगाइये बरगद एक लगाइये, पीपल रोपें पाँच। घर घर नीम लगाइये,यही पुरातन साँच।। यही पुरातन
न्याय सिपाही ने कहा “अंदर जाओ”, तो अशोक एक पल के लिए दरवाजे पर ठिठक गया। आज उसका
एक छोटा सा पौधा मुझे पेड़ बनने दो छोटा सा पौधा हूं मैं यदि आप ऐसा कहेंगे तो
अद्यतन घड़ी आज ऑफिस से जल्दी निकल गया. घर पर भी कोई काम नहीं था तो उसने कहा
श्री नृसिंह नवरात्रि दशावतारों में नरसिंह भगवान विष्णु के चौथे अवतार हैं। नृसिंह की नवरात्रि वैशाख शुद्ध षष्ठी
हिंदू जब मुसलमान हो जाता है तो कितना घातक होता है? एक थे राघव राम कौल काश्मीरी ब्राह्मण,