Author: guruji

चतुर्थ भाव + चतुर्थेश +भवन-भूमि योग

चतुर्थ भाव + चतुर्थेश +भवन-भूमि योग बृहत्पाराशर होराशास्त्र 14.10_  `चतुर्थे शुभ-संयुक्ते तदीशे केन्द्र-कोणगे। भौम-शनि-युते दृष्टे गृह-क्षेत्रादि-लाभकृत्॥`  _हिंदी:_ चतुर्थ

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