गया तीर्थ और पिंड दान गया तीर्थ की कथा ब्रह्माजी जब सृष्टि की रचना कर रहे थे, उस
गया तीर्थ और पिंड दान
गया तीर्थ और पिंड दान गया तीर्थ की कथा ब्रह्माजी जब सृष्टि की रचना कर रहे थे, उस
ईश्वर कहाँ है? मां के गर्भ में रहने के चार महीने बाद लोगों की उंगलियों पर रेखाएं बननी
क्षमा एक सेठ जी ने अपने छोटे भाई को तीन लाख रूपये व्यापार के लिये दिये। उसका व्यापार
प्रेरक प्रसंग एक मछली तालाब में अपने परिवार के साथ रहती थी, तालाब में पानी कभी सूख भी
हिन्दुओं के पतन का कारण हम दो हमारे दो (~1990) हम दो हमारा एक (~2000) हम दो हमारा
भगवान विष्णु के श्रीमुख से सुने कौन है उन्हें सबसे अधिक प्रिय एक बार की बात है भगवान
परशुराम की प्रतीक्षा में ‘संस्कृति के चार अध्याय’ में रामधारीसिंह दिनकर ने एक जगह लिखा है कि “जब
हिन्दू राष्ट्र भारत हमारे गाँव में एक बरगद का पेड़ हैं। शुद्ध बरगद का पेड़, शुद्ध इसीलिए बोल
हर अनुभव से क्यों सीखना और सुधार करना चाहिए? कोई भी किताब आपको जीवन के असली सबक नहीं
बरगद एक लगाइये बरगद एक लगाइये, पीपल रोपें पाँच। घर घर नीम लगाइये,यही पुरातन साँच।। यही पुरातन