प्रतीक्षा दिसंबर माह की तीस तारीख़ की बेहद ठंडी रात. डेढ़ बज रहे थे. समय काटना बहुत ही
प्रतीक्षा
प्रतीक्षा दिसंबर माह की तीस तारीख़ की बेहद ठंडी रात. डेढ़ बज रहे थे. समय काटना बहुत ही
सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र सत्य की चर्चा जब भी कही जाएगी, महाराजा हरिश्चन्द्र का नाम जरूर लिया जायेगा। सूर्यवंशी
जीव का अपना अपना प्रारब्ध एक गृहस्थ भक्त अपनी जीविका का आधा भाग घर में दो दिन के
गया तीर्थ और पिंड दान गया तीर्थ की कथा ब्रह्माजी जब सृष्टि की रचना कर रहे थे, उस
ईश्वर कहाँ है? मां के गर्भ में रहने के चार महीने बाद लोगों की उंगलियों पर रेखाएं बननी
क्षमा एक सेठ जी ने अपने छोटे भाई को तीन लाख रूपये व्यापार के लिये दिये। उसका व्यापार
प्रेरक प्रसंग एक मछली तालाब में अपने परिवार के साथ रहती थी, तालाब में पानी कभी सूख भी
हिन्दुओं के पतन का कारण हम दो हमारे दो (~1990) हम दो हमारा एक (~2000) हम दो हमारा
भगवान विष्णु के श्रीमुख से सुने कौन है उन्हें सबसे अधिक प्रिय एक बार की बात है भगवान
परशुराम की प्रतीक्षा में ‘संस्कृति के चार अध्याय’ में रामधारीसिंह दिनकर ने एक जगह लिखा है कि “जब