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आर्द्रा नक्षत्र और आम - आम खाना कब से और क्यों बंद किया जाता है?

22 जून 2019 को दोपहर 12:25 बजे से आर्द्रा नक्षत्र प्रारंभ हुआ था। इस दिन सूर्य भी आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करता है और परंपरागत रूप से आम खाने का मौसम समाप्त माना जाता है।

कहा जाता है कि आर्द्रा नक्षत्र लगते ही आम को त्याग देना चाहिए। इसी कारण साधु-संत और धर्मपरायण लोग इस समय के बाद आम का सेवन बंद कर देते हैं।

जो लोग शास्त्रों और आयुर्वेद में विश्वास रखते हैं, वे भी आर्द्रा नक्षत्र के बाद आम खाना छोड़ देते हैं। इस समय वातावरण में नमी और वर्षा बढ़ने लगती है, इसलिए साधु-साध्वियां भी अपने विहार (यात्रा) को सीमित कर देते हैं।

नम और वर्षायुक्त वातावरण में फलों में सूक्ष्म जीव तथा कीटाणु अधिक उत्पन्न होने लगते हैं। इसी कारण जीवों की रक्षा की भावना से जैन धर्म में आम सहित कई फलों का त्याग करने की परंपरा है।

आर्द्रा नक्षत्र के साथ ऋतु परिवर्तन भी आरंभ होता है। आयुर्वेद के अनुसार इस समय कफ, पित्त और वात में असंतुलन बढ़ सकता है। इसलिए वैज्ञानिक और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी इस मौसम में आम का सेवन उचित नहीं माना गया है।

वर्तमान समय में ग्लोबल वार्मिंग के कारण वर्षा कई बार समय से पहले होने लगती है। बारिश की बूंदें पड़ने से आम जल्दी खराब होने लगते हैं। साथ ही वर्षा के कारण असंख्य सूक्ष्म जीवों की उत्पत्ति होती है, जिन्हें सामान्य आंखों से देख पाना संभव नहीं होता।

आजकल आम को कोल्ड स्टोरेज या डीप फ्रीजर में रखकर तथा उसका रस संरक्षित करके पूरे वर्ष सेवन किया जाता है। किंतु पारंपरिक मान्यता के अनुसार आर्द्रा नक्षत्र शुरू होने के बाद फलों में सूक्ष्म जीवों की वृद्धि होने लगती है और आम का सेवन वात संबंधी रोगों को बढ़ा सकता है।

कुल 27 नक्षत्रों में से कुछ नक्षत्र वर्षा ऋतु से जुड़े माने गए हैं, जिनमें आर्द्रा प्रमुख है। सूर्य के आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करते ही वातावरण में नमी और वर्षा का प्रभाव बढ़ने लगता है।

सभी धर्मों में जीवों की रक्षा को महत्व दिया गया है। इसी कारण आर्द्रा नक्षत्र के दौरान आम और करमदा जैसे कुछ फलों का त्याग करने की परंपरा विकसित हुई।

अर्थात, परंपरागत मान्यता के अनुसार 22 जून के बाद आम का मौसम समाप्त माना जाता है और उसके बाद आम नहीं खाना चाहिए। यदि हम प्रकृति और ऋतुचक्र को समझें, तो यह स्पष्ट होता है कि हर फल का एक निश्चित मौसम होता है और उसी मौसम में उसका सेवन स्वास्थ्य के लिए सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है। पूरे वर्ष कोल्ड स्टोरेज में रखे गए आम या उनके रस को उतना स्वास्थ्यवर्धक नहीं माना जाता जितना कि मौसम के अनुसार प्राप्त ताजे फल को।

आम है खास – जिस प्रकृति ने तुम्हें सँवारा, अब उसे कुछ लौटाओ।

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