
विधायक(MLA) बनना चाहते है तो क्या विधायक बन पाएंगे कभी और किसी राजनीतिक पद पर है या किसी नौकरी में है तो कब प्रमोशन चाहते है तो कब तक होगा।
विधायक:- जन्मकुंडली का 10भाव राजनीति से संबधित होने के कारण विधायक बनने से सम्बंधित है तो गुरु सूर्य विधायक(MLA) से सम्बंधित ग्रह है।अब कुंडली का दसवाँ भाव और दसवें भाव स्वामी बलवान होकर बलवान राजयोग कारक सूर्य या गुरु से सम्बंध बनाकर बैठा है और दसवें भाव स्वामी और दसवाँ भाव भी खुद राजयोग में है साथ ही कुंडली का चौथा भाव और इसका स्वामी(जनता और विधायक आदि बनने के बाद सरकारी वाहन का भाव) भी बलवान है तब विधायक बन जाएंगे क्योंकि विधायक बनने के बाद जनता आपको जानती है प्रसिद्धि मिलती है और उच्च सरकारी वाहन मिलते है इसी कारण चौथा भाव और इसका स्वामी भी बलवान शुभ होगा तब ज्यादा अच्छा है।बाकी भाग्य का भाव 9वा भाव और इसका स्वामी भी बलवान होगा तब विधायक बनने में भाग्य भी साथ देगा और विधायक की कुर्सी भी जल्दी मिलेगी।।
प्रमोशन:-
अब नौकरी या रोजगार में प्रमोशन के लिए भी कुंडली का 10वा भाव और इसका स्वामी बलवान और शुभ स्थिति में कुंडली में बैठकर कुंडली के अच्छे ग्रहो के साथ सम्बन्ध में है या राजयोग में है तब दसवें भाव स्वामी की अंतर्दशा या दसवे भाव स्वामी से सम्बंधित अंतर्दशा में या दसवें भाव मे बैठे ग्रह बलवान शुभ राजयोग कारक ग्रह की दशा आने पर प्रमोशन होगा।दसवे भाव/दसवें भाव स्वामी के कमजोर होने पर बार बार प्रमोशन रुकता रहेगा।।
उदाहरण_अनुसार_विधायक_कुम्भ_लग्न1:-
कुम्भ लग्न में दसवें भाव स्वामी मंगल बलवान होकर सूर्य या गुरु या सूर्य गुरु दोनो के साथ सम्बन्ध बनाकर राजयोग की स्थिति में बैठा है और महादशा अन्तर्दशाये दसवे भाव सम्बन्धी आ रही है तब विधायक बन जाएंगे…..
प्रमोशन_उदाहरण_अनुसार:-
प्रमोशन के लिए दसवे भाव स्वामी मंगल यहाँ बलवान होकर राजयोग में जैसे बुध शुक्र या गुरु के साथ सम्बन्ध में है तब इनमे से किसी भी ग्रह की दशा अन्तरर्दशा शुरू होते ही खासकर मंगल की अंतर्दशा प्रत्यंतर दशा आते ही प्रमोशन भी हो जाएगा जिस भी नौकरी या जिस भी क्षेत्र में होंगे उसमें।।
उदाहरण_अनुसार_विधायक_धनु_लग्न2:-
धनु लग्न में दसवें भाव स्वामी बुध बलवान होकर बैठे है और विधायकी के ग्रहो गुरु सूर्य से सम्बन्ध में है तब विधायक बन जाएंगे क्योंकि धनु लग्न में सूर्य गुरु प्रबल सफलता देने वाले ग्रह होते है दशमेश बुध के साथ इनका सम्बन्ध तुरंत विधायक बनाएगा दसवे भाव सम्बन्धी दशा अंतर्दशा आते ही…..
प्रमोशन_उदाहरण_अनुसार:-
इसी तरह बुध बलवान होकर यहाँ सूर्य गुरु या मंगल के साथ भी है तब इनमे से बुध सहित सूर्य या गुरु की दशा आने पर नौकरी या कैरियर में प्रमोशन भी होगा।।
उदाहरण_अनुसार_विधायक_वृश्चिक_लग्न3:- वृश्चिक लग्न में दसवें भाव स्वामी सूर्य बहुत बलवान होकर यहाँ बलवान मंगल गुरु से सम्बंध बनाकर बैठे है तब विधायकी के लिए आगे बढ़ने पर विधायक बनना तय है दशा अन्तरर्दशा दसवें भाव स्वामी की जब आएगी उस समय विद्यायक चुनाव होगा तब निश्चित विधायक बन जाएंगे…..
उदाहरण_अनुसार_प्रमोशन:-
प्रमोशन भी दसवे भाव स्वामी सूर्य यहाँ बहुत बलवान होकर बलवान मंगल गुरु या चन्द्र से शुभ स्थिति में सम्बन्ध किये है तब इन्ही ग्रहो की दशा अन्तर्दशाये आते ही नौकरी या कैरियर में प्रमोशन होगा।।
अब विधायक चुनाव के समय या विधायक पद मिलने के समय 10वे भाव या 10वे भाव स्वामी या फिर 10वे भाव/10वे भाव स्वामी की महादशा अन्तरर्दशा दोनो का होना जरूरी है यदि महादशा अन्तर्दशा दोनो दसवें भाव सम्बन्धी मिल रही है तब उसी समय विधायक बनना तय है।।