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सूर्य आत्मा है, राहु माया है।

1. सूर्य आत्मा है, राहु माया है। जातक बाहर से खुद को बहुत बड़ा दिखाता है, पर अंदर से हमेशा डरता है कि इज्जत चली न जाए। इसीलिए कभी खुद को छोटा नहीं समझता। 2. नाम का भूखा। इज्जत के लिए कुछ भी करेगा, पैसा तक छोड़ देगा। बदनामी से इतना डरता है, इसीलिए बदनामी भी इसी के पीछे जल्दी आती है। 3. पिता से अनबन पक्की। BNN में सूर्य पिता है, राहु सामने खड़ा है। पिता जो कहेगा, वही सबसे मुश्किल लगेगा। बाप से सलाह लेना जहर लगता है। 4. बाप के रहते हुए भी घर का मुखिया खुद बनना। घर में पिता की फोटो टंगी है, पर घर में चलती इसी की है। पिता के रहते हुए भी खुद को पिता समझता है। 5. आँखों में तेज, पर आँखों में ही रोग। आँखें लाल रहना, धूप से एलर्जी, बचपन से चश्मा। नजर ऐसी कि सामने वाला डर जाए, पर खुद की आँख ही दुखती रहे।
6. सिर में दर्द, बाल जल्दी सफेद या झड़ना, हार्ट में गर्मी। सूर्य सिर है, राहु धुआं है। धुआं सिर में भर जाए तो BP, बाल, हार्ट तीनों खराब। 7. बात में ऑर्डर। आवाज में पावर है, भीड़ में भी नेता जैसा दिखेगा। दो शब्द बोलेगा तो लोग सुनेंगे, इसीलिए टीचर, नेता, बॉस बनने की चाहत। 8. झूठ नहीं बोलता, सच को घुमा के बोलता है। इसीलिए वकील, नेता, एक्टर, सेल्स में सुपरहिट। सच बोलेगा तो कड़वा, इसलिए चुप रहना पसंद करता है। 9. सरकारी काम में अड़चन, फिर वहीं से फायदा। सरकारी नौकरी में देरी, फॉर्म अटकेगा, पर ठेका, लाइसेंस, पावर, टेंडर सरकार से ही मिलेगा। सरकार ही दुश्मन, सरकार ही पैसा। 10. बॉस से हमेशा लड़ाई। नौकरी टिकती नहीं, 6 महीने में बॉस से टकराव। नौकर बन ही नहीं सकता, इसीलिए बिजनेस चलता है, नौकरी नहीं। 11. अचानक ट्रांसफर, अचानक प्रमोशन। करियर में स्थिरता जीरो, ग्रोथ 200%। एक रात में पोस्टिंग बदलेगी, एक रात में नाम चमकेगा। राहु स्पीड है। 12. पैसा पावर से। राजनीति, सरकार, बिजली, दवा, केमिकल, शराब, विदेशी कंपनी, IT, शेयर। जहाँ पावर और लाइसेंस है, वहीं पैसा है। 13. बाप की नौकरी / बिजनेस कभी नहीं करता। बाप जो करता है, उससे नफरत। अपना साम्राज्य खुद बनाता है और बाप से बड़ा नाम कमाता है। 14. पैतृक प्रॉपर्टी में ग्रहण। या तो प्रॉपर्टी बिक जाएगी, या बंटवारे में केस लगेगा। दादा की जमीन टिकती नहीं, खुद की जमीन से ही महल बनता है। 15. 22वें, 28वें, 41वें साल में बड़ी घटना। ये सूर्य की उम्र है। इन सालों में पिता को कष्ट, सरकारी नोटिस, या खुद की इमेज पर दाग पक्का। 16. विदेश से पैसा, सरकार से नाम। MNC, विदेशी क्लाइंट, विदेश यात्रा इसी योग से। लोकल में पैसा कम, बाहर से पैसा ज्यादा। 17. एक झटके में बड़ा नाम, एक झटके में बदनाम। राहु ग्रहण एकदम लगाता है। रातों-रात वायरल, रातों-रात विवाद। बीच का रास्ता नहीं। 18. संतान तेज पर जिद्दी। सूर्य संतान का कारक, राहु जिद देता है। बच्चा बहुत होशियार पर किसी की नहीं सुनेगा, बाप की तो बिल्कुल नहीं। 19. स्त्री की कुंडली में हो तो पति सरकारी या बड़ा आदमी। पति पावरफुल, पर दोनों में अहंकार की लड़ाई रोज। कौन बड़ा, इसी में शादी अटकती है। 20. प्रेम में ड्रामा पक्का। प्यार करेगा, पर छुपा के रखेगा। बदनामी के डर से रिश्ता ओपन नहीं करता, इसीलिए बदनाम भी इसी वजह से होता है। 21. दोस्त बहुत, भरोसा किसी पर नहीं। बाहर से राजा, अंदर से अकेला। सबको लगता है इसके पास सब है, पर मन में हमेशा अकेलापन। 22. बद्दुआ और दुआ दोनों लगती है। सूर्य+राहु वाले की जुबान में आग है। गुस्से में कुछ बोले तो सामने वाले को लग जाती है। 23. बिजली, कैमरा, दवा, लाइसेंस, चश्मा से पैसा। ये चीजें सूर्य+राहु की हैं। इनमें कभी मंदी नहीं आती इसके लिए। 24. सरकारी कागज पर साइन करते ही फँसना। इसी योग में केस, नोटिस बनते हैं। बिना पढ़े साइन किया तो पछताएगा। 25. नौकर नहीं, मालिक ही बनना है। नौकरी करेगा तो बदनाम होगा, बिजनेस या पावर वाला काम करेगा तो नाम होगा। यही इसका भाग्य है।
26. सूर्य+राहु+शुक्र = बदनामी योग। पैसे और औरत के लिए इज्जत दांव पर। पर यही योग फिल्म स्टार, बड़ा बिजनेसमैन, लग्जरी ब्रांड वाला बनाता है। पैसा गंदा, नाम बड़ा। 27. सूर्य+राहु+बुध = बुधादित्य ग्रहण योग। सबसे तेज दिमाग, पर खुद की गलती से फँसना। CA, वकील, हैकर, कोडर में सुपरहिट। जुबान ही ताकत, जुबान ही जेल। 28. सूर्य+राहु+गुरु = गुरु-ग्रहण योग। पितृ दोष का सबसे बड़ा रूप। गुरु ज्ञान है, सूर्य+राहु उसे ढकते हैं। गुरु, पिता, धर्म तीनों से टकराव। उपाय सिर्फ सूर्य को जल। 29. सूर्य+राहु+मंगल = अंगारक ग्रहण योग। सबसे खतरनाक – एक्सीडेंट, पुलिस केस, ऑपरेशन। पर यही योग बड़ा सर्जन, IPS, बिल्डर, नेता भी बनाता है। खून से पैसा। 30. सूर्य+राहु+शनि = शापित राजयोग। 36 साल तक पिता और सरकार से लड़ाई, अपमान। 36 के बाद वहीं से राजयोग। देर से चमकता है पर लंबा चमकता है। 31. सूर्य+राहु+केतु = ग्रहण-मोक्ष योग। एक हाथ में माला, एक हाथ में सत्ता। पूजा भी करेगा, पावर भी चाहिए। कन्फ्यूजन में जिंदगी निकलती है। 32. सूर्य+राहु+चंद्र = अमावस्या ग्रहण योग। मन में डर, नींद कम, डिप्रेशन। पर सरकारी अस्पताल, दवा, पानी के बिजनेस में पैसा खूब। 33. मेष, सिंह, वृश्चिक, मिथुन में हो तो पक्का राजयोग। सूर्य मित्र राशि में, राहु पावर में। ऐसा जातक सरकार से भी बड़ा बनता है, नेता इसके पीछे। 34. तुला, कुंभ, मकर में हो तो नीच ग्रहण योग। 40 साल तक संघर्ष, पिता से कष्ट, नौकरी में धक्के। 40 के बाद ही फल मिलता है, तब तक तपस्या। 35. कर्क, मीन में हो तो भावुक ग्रहण। इमोशनल होकर फैसले लेना। पिता से इमोशनल ब्लैकमेल, घर में रो-धोकर राज करना। 36. डिग्री का खेल। राहु सूर्य से आगे है तो राहु सूर्य को खींचेगा – पिता से दूरी, विदेश। सूर्य आगे है तो पिता का साया भारी, पिता का पैसा भी भारी। 37. राहु सूर्य से 5 डिग्री के अंदर हो तो फुल ग्रहण। पिता को कष्ट, खुद को आँख और दिल की समस्या पक्की। पिता का हॉस्पिटल खर्च इसी डिग्री पर। 38. गोचर नियम। जब गोचर का सूर्य जन्म के राहु पर या गोचर का राहु जन्म के सूर्य पर आएगा, उसी साल पिता को कष्ट, सरकारी नोटिस, खुद की इमेज पर दाग और साथ में विदेश यात्रा भी पक्की। 39. महादशा नियम। सूर्य में राहु या राहु में सूर्य आए तो 2.5 साल करियर हिलेगा। नौकरी जाएगी, ट्रांसफर होगा, फिर उसी टूट से नया साम्राज्य बनेगा। 40. ग्रहण में जन्म हो तो 10 गुना पावरफुल। सूर्य ग्रहण वाले दिन जन्म हो तो ये योग राजा से भी बड़ा भिखारी या भिखारी से भी बड़ा राजा बनाता है। बीच का नहीं। 41. पिता सरकारी या बहुत अनुशासित, बेटा बगावती। बाप टाइम पर, बेटा टाइम का दुश्मन। दो पीढ़ियों की सोच कभी नहीं मिलती, इसीलिए घर में दो सरकार। 42. घर में पिता की फोटो, पर चलती खुद की है। लोग बाहर पिता का नाम लेते हैं, घर में इसी का ऑर्डर चलता है। पिता नाम के मुखिया, ये काम के मुखिया। 43. पैसा आएगा तो बाप से ज्यादा, जाएगा तो नाम के लिए। कंजूस नहीं, पर दिखावे में खर्चा। इज्जत बनी रहे तो लाखों फूंक देगा। 44. औलाद से ही नाम रोशन, औलाद से ही टेंशन। बच्चा नाम करेगा तो बहुत बड़ा, पर उसी बच्चे की जिद से नींद भी उड़ेगी। 45. दबाना नहीं, रोशनी देनी है। सूर्य+राहु को जितना दबाओगे, उतना भटकेगा। इसे पूजा, सूर्य, पिता से जोड़ो तो राजयोग बनता है। 46. उपाय। रोज सुबह तांबे के लोटे से सूर्य को जल + कुमकुम + 2 चावल। साथ में आदित्य हृदय स्तोत्र। मणिक नहीं, पिता का आशीर्वाद ही सबसे बड़ी दवा है। 47. रोज पिता के पैर छूना। पिता को कभी पलट के जवाब मत देना, गाली तो भूल के भी नहीं। ये एक उपाय किया तो आधा पितृ दोष यहीं खत्म। 48. रविवार को काला कपड़ा, काला चश्मा, शराब मत पहनना/पीना। रविवार सूर्य का दिन, काला राहु का। काला पहनोगे तो ग्रहण खुद बुलाओगे। 49. सिर पर तेल, हार्ट में घी कम, आँखों में गुलाब जल। ये तीन अंग सबसे पहले खराब होते हैं इस योग में। इनका ध्यान रखा तो योग राजयोग। 50. राहु सूर्य को खा नहीं पाता, सिर्फ उसका साया बड़ा कर देता है। इसीलिए ये जातक खुद से भी बड़ा दिखता है। सरकार से भी बड़ा बनने का योग इसी को कहते हैं।
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