
नवरात्रि के पहले दिन (प्रतिपदा/घटस्थापना) के वार (Weekday) के आधार पर माता दुर्गा के आगमन का वाहन (vahan) तय होता है। शास्त्रों के अनुसार, इसके नियम इस प्रकार हैं:
पहले दिन का वार | माता का आगमन वाहन | इसका प्रतीकात्मक अर्थ |
रविवार या सोमवार | गज (हाथी) | शांति, सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और फसलों की पैदावार का प्रतीक। |
मंगलवार या बुधवार | अश्व (घोड़ा) | समाज में तीव्र बदलाव, युद्ध की स्थिति या राजनीतिक उथल-पुथल का संकेत। |
गुरुवार या शुक्रवार | डोली (पालकी) | आध्यात्मिक बदलाव या देश-दुनिया में महामारियों/बीमारियों का खतरा। |
शनिवार | नौका (नाव) | भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होना, अत्यधिक बारिश या बाढ़, लेकिन अंततः संकटों से मुक्ति। |
वर्तमान संदर्भ (शरद नवरात्रि 2026)
इस वर्ष (2026) शरद नवरात्रि की शुरुआत रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को हुई थी। चूंकि पहला दिन रविवार था, इसलिए इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी (गज) पर हुआ है। इसे एक बेहद शुभ संकेत माना जाता है, जो देश में खुशहाली और संपन्नता लाता है।
(विशेष नोट: पूरी नवरात्रि के लिए माता का आगमन वाहन दिन के अनुसार बदलता है, लेकिन पहले दिन पूजी जाने वाली देवी मां शैलपुत्री का अपना स्थायी वाहन नंदी (बैल) ही रहता है।)