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श्री महालक्ष्मी पूजन एवं अन्य त्यौहार

( 10 November To 15 November 2023 )

 

 10 नवंबर सन 2023 वार शुक्रवार, द्वादशी तिथि, अमृत योग में गोवत्स द्वादशी, गौ सेवा और धनत्रयोदशी( धनतेरस) अर्थात श्री धन्वंतरि जयंती मनाई जाएगी I

 

 11 नवंबर सन 2023 वार शनिवार, त्रयोदशी तिथि, काण योग में नरक चतुर्दशी,रूप चतुर्दशी, तेलाभयंगस्नान, स्वर्णमीदेवी दर्शन काशी, श्री हनुमान जन्म लग्न एवं मासशिवरात्रि मनाई जाएगी I

 

 12 नवंबर सन 2023 वार रविवार को दीपावली का पावन पर्व और दीपोत्सव  तथा स्वामी रामतीर्थ जन्मपरिनिर्वाण दिवस मनाया जाएगा I

 

 14 नवंबर सन 2023 प्रतिपदा तिथि मंगलवार को अन्नकूट, श्री गोवर्धन पूजा, बलि पूजा, गोक्रीड़ा और द्युतक्रीडा का पर्व मनाया जाएगा I

 15 नवंबर सन 2023 वार बुधवार द्वितीया तिथि को भैया दूज, यम द्वितीया,चित्रगुप्त एवं विश्वकर्मा पूजा का पर्व मनाया जाएगा I

 

दीपावली पूजन:-

 

 इस वर्ष श्री महालक्ष्मी पूजन अर्थात दीपावली का त्यौहार कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, रविवार को मनाया जाएगा I क्योंकि 12 नवंबर को चतुर्दशी तिथि दोपहर 2:44 पर समाप्त हो रही है और अमावस्या तिथि प्रारंभ होकर अगले दिन 13 नवंबर सोमवार के दिन दोपहर 2:56 पर समाप्त हो रही है ऐसी स्थिति में अमावस्या तिथि रात्रि के समय 13 नवंबर को नहीं मिल रही है I इस कारण से 12 नवंबर को ही दीपावली का पर्व मनाना शास्त्र सम्मत रहेगा I

 अत: दीपावली का यह पावन पर्व बड़ी धूमधाम एवं प्रसन्नता के साथ 12 नवंबर रविवार के दिन मनाएं I

 12 नवंबर को स्वाति नक्षत्र दोपहर 2:50 तक रहेगा उसके बाद विशाखा नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा I आयुष्मान योग शाम 4:23 तक विद्यमान रहेगा I इसके बाद सौभाग्य योग प्रारंभ हो जाएगा I तिथि व वार के योग से लूंबक योग बना हुआ है I स्वाति नक्षत्र एवं सौभाग्य योग में अमावस होना श्रेष्ठ माना गया है जिसमें दुकानदारी करना, व्यापारिक लेनदेन, ज्ञानार्जन, शिल्प, चित्रकारी, कलाकर्म, वाहन लेनदेन, संचालन करना आदि सभी कार्य उत्तम रहते हैं I

दीपावली पूजन में दिन के मुहूर्त:-

 जो भी व्यापारी अपने उद्योग धंधे,व्यवसाय,दुकानदारी, प्रतिष्ठान आदि में लक्ष्मी पूजन करना चाहते हैं वह  सभी धनु लग्न में कर सकते हैं क्योंकि धनु लग्न का स्वामी गुरु ग्रह है I शुभ ग्रह होने से गुरु  सफलता में सहायता प्रदान करता है I इस वर्ष धनु लग्न प्रात: 9:20 से शुरू होकर दोपहर 11:24 तक विद्यमान रहेगा I अतः धनु लग्न का स्वामी ग्रह बृहस्पति पंचम भाव में स्थित होकर लगन को देख रहा है साथ ही वह धन और लाभ, ज्ञान और विवेक का कारक भी है I इसलिए सभी व्यापारी, उद्योगपति को शुद्ध बुद्धि, धन संपदा प्रदान करेगा I जिससे वह उन्नति की ओर अग्रसर होते जाएंगे I

 धनु लग्न के अतिरिक्त भी आप शुभ चौघड़िया में अपने कार्य स्थल व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में पूजन कर सकते हैं I

लाभ की चौघड़िया सुबह 9:24 से प्रारंभ होकर सुबह 10:44 तक विद्यमान रहेगी I

 उसके पश्चात अमृत की चौघड़िया प्रातः 10:44 से दोपहर 12:05मिनट तक विद्यमान रहेगी और दोपहर में 1:26 से 2:46 तक शुभ की चौघड़िया विद्यमान रहेगी I इन सभी शुभ चौघड़िया में व्यावसायिक स्थल, उद्योग, फैक्ट्री, कार्यस्थल तथा दुकान आदि मे श्री

महालक्ष्मी एवं श्री गणेश जी का पूजन करना शुभ फलदायक रहेगा I

दीपावली पूजन रात्रि लग्न :-

 

 दीपावली पूजन स्थिर लग्न में करना शुभ फलदायक माना गया I उसमें विशेष तौर पर वृषभ लग्न जो कि शुक्र ग्रह का है स्वयं ऐश्वर्य,धन संपदा, सभी सुख सुविधाओं का और लक्ष्मी का कारक माना गया है I

 अत: दीपावली की रात्रि वैला में वृषभ लग्न शाम 5:35 से प्रारंभ होकर रात्रि 7:31 तक विद्यमान रहेगा I जिसमें शुभ के चौघड़िया की व्याप्ति तथा प्रदोष काल की स्थिति भी इस लग्न को और सर्वश्रेष्ठ बनाती है I अतः जो भी अपनी उन्नति, सफलता, ऐश्वर्य, धन संपदा और सुख शांति की इच्छा रखता है I वह सभी लोग अर्थात गृहस्थी अपने-अपने घर में तथा उद्योग, कार्यस्थल, टूर एंड ट्रेवल्स का कार्य करने वाले, ट्रांसपोर्ट का कार्य करने वाले सभी लोग वृषभ लग्न मे अर्थात शाम को 5:35 से 7:31 के बीच में श्री महालक्ष्मी एवं श्री गणेश जी का पूजन विधि विधान एवं श्रद्धा और भाव से करना चाहिए I

 यदि किसी कारणवश इस लग्न में पूजन नहीं कर पाए तो अमृत की चौघड़िया रात्रि 7:07 से रात्रि 8:47 तक विद्यमान रहेगी I इस समय मां लक्ष्मी का पूजन करना भी अत्यंत सफलता दायक और सौभाग्य प्रद रहेगा I

 इसके अतिरिक्त भी कर्क लग्न रात्रि 9:45 से प्रारंभ होगा जो रात्रि 12:04 तक विद्यमान रहेगा I कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा सुख स्थान में स्थित होगा I जिससे इस दौरान पूजा करने वाले वर्ष मध्य सुख का अनुभव करेंगे I

 सिंह लग्न रात्रि 12:04 से प्रारंभ होकर के और निशीथकाल के समय तक विद्यमान रहेगा I इस समय भी दीपावली पूजन करना सभी कार्यों में सिद्धि दायक और सहायक माना जाएगा I

 अतः ऊपर दिए गए किसी भी शुभ कालखंड में मां लक्ष्मी और गणेश जी का पूजन करना शुभ फलदायक और मंगलप्रद रहेगा I

 आप सभी को मां लक्ष्मी के पावन पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।

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