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आईए जानते हैं वास्तु दोष रहित मकान कैसा होना चाहिए

वास्तु शास्त्र के अनुसार मकान केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि जीवन की ऊर्जा का केंद्र होता है। जब घर वास्तु दोष रहित होता है, तो उसमें रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य, धन, सुख-शांति, संबंध और भाग्य स्वतः मजबूत होते हैं।

 

आइए जानते हैं कि वास्तु दोष रहित आदर्श मकान कैसा होना चाहिए—

 

  1. मकान की दिशा (Facing)

 

  1. 💐💐पूर्वमुखी या उत्तरमुखी मकान सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं।

 

  1. 💐💐पूर्व से सूर्य ऊर्जा, आत्मविश्वास व मान-सम्मान प्राप्त होता है।

 

3.💐💐 उत्तर से धन, करियर और आर्थिक स्थिरता मिलती है।

 

  1. 💐💐दक्षिणमुखी मकान में विशेष वास्तु संबंधित वास्तु एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लेनी चाहिए सावधानी आवश्यक होती है।

 

  1. भूखंड (Plot) का आकार

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1.💐💐 चौकोर या आयताकार भूखंड शुभ होता है।

 

2.💐💐 उत्तर और पूर्व दिशा खुली हो।

 

 3.💐💐त्रिकोण, गोल, कटे-फटे भूखंड अशुभ होते हैं।

 

  1. मुख्य प्रवेश द्वार (Main Gate)

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1.💐💐 उत्तर, उत्तर-पूर्व, पूर्व या उत्तर-पश्चिम में हो।

 

  1. 💐💐द्वार घर का सबसे बड़ा और साफ-सुथरा हो।

 

  1. 💐💐द्वार के सामने खंभा, पेड़ या सीढ़ी न हो।

 

  1. 💐💐दक्षिण-पश्चिम या दक्षिण-पूर्व में मुख्य द्वार दोषकारक है।

 

4.ब्रह्मस्थान (घर का मध्य भाग)

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1.💐💐 घर का बीच का हिस्सा खुला और हल्का हो।

 

  1. 💐💐यहां भारी सामान, सीढ़ी या शौचालय न हो।

 

  1. 💐💐यह स्थान घर की प्राण ऊर्जा का केंद्र होता है।

 

  1. रसोईघर (Kitchen)

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  1. 💐💐आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) सर्वोत्तम है।

 

  1. 💐💐खाना बनाते समय मुख पूर्व की ओर हो।

 

  1. 💐💐गैस और सिंक पास-पास न हों।

 

  1. 💐💐उत्तर-पूर्व या शयनकक्ष में रसोई भारी दोष देती है।

 

  1. पूजा कक्ष (Mandir)

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  1. 💐💐ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में हो।

 

  1. 💐💐मूर्तियाँ दीवार से सटी न हों।

 

3 💐💐पूजा करते समय मुख पूर्व या उत्तर हो।

 

  1. 💐💐शौचालय के ऊपर/नीचे मंदिर न बनाएं।

 

  1. शयनकक्ष (Bedroom)

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1.💐💐 दक्षिण-पश्चिम मास्टर बेडरूम के लिए उत्तम है।

 

  1. 💐💐सिर दक्षिण या पूर्व दिशा में रखकर सोएं।

 

  1. 💐💐उत्तर-पूर्व में बेडरूम तनाव व रोग बढ़ाता है।

 

  1. शौचालय और बाथरूम

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1.💐💐 पश्चिम, उत्तर-पश्चिम या दक्षिण दिशा में ठीक है।

 

2.💐💐 हमेशा साफ और हवादार हों।

 

3 💐💐ईशान कोण, ब्रह्मस्थान में शौचालय भारी वास्तु दोष होता है।

 

  1. सीढ़ियाँ

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  1. 💐💐पश्चिम, दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम में शुभ।

 

  1. 💐💐सीढ़ी की चढ़ाई घड़ी की दिशा में हो।

 

  1. 💐💐उत्तर-पूर्व या घर के बीच में सीढ़ी न हो।

 

  1. पानी और टंकी का स्थान

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  1. 💐💐भूमिगत टंकी — उत्तर-पूर्व।

 

  1. 💐💐ओवरहेड टंकी — दक्षिण-पश्चिम।

 

3.💐💐 गलत स्थान पर पानी आर्थिक संकट देता है

 

।।  वास्तु दोष रहित मकान के लाभ ।।

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  1. 💐💐परिवार में शांति।

 

2.💐💐 धन और आय में वृद्धि।

 

3.💐💐 रोग, कर्ज और मानसिक तनाव में कमी।

 

4.💐💐 करियर और व्यापार में स्थिर सफलता।

 

 निष्कर्ष

 

।। वास्तु दोष रहित मकान = संतुलित जीवन ।।

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यदि घर सही दिशा, सही स्थान और सही ऊर्जा के साथ बना हो, तो बिना किसी उपाय के भी जीवन में उन्नति बनी रहती है।

 

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