शनि लग्न में हो – जिंदगी संघर्ष बन जाती है। हर चीज़ मेहनत से मिलती है, कोई शॉर्टकट नहीं चलता। ऐसे लोग देर से खिलते हैं, पर सबसे मजबूत बनते हैं।
मंगल और राहु एक साथ हों – गुस्सा दिमाग को नहीं, ज़िंदगी को जला देता है। तेज़ फैसले, लंबा पछतावा।
केतु पंचम भाव में हो- कोई खुशी पूरी नहीं लगती। सब अधूरा-अधूरा सा लगता है। दिल लगता है, पर बाँधता नहीं।
चंद्र नवम में हो, पर गुरु का साथ न हो – धर्म में विश्वास तो होता है, पर रास्ता नहीं दिखता। आत्मा सच्चाई खोजती है, पर भटकती रहती है।
सूर्य और केतु साथ हों – अहम अंदर ही अंदर जलता है। बाहर आत्मविश्वास, अंदर खालीपन। इंसान दूसरों को चमक दिखाता है, पर खुद अंधेरे में जीता है।
*कुछ ज्योतिषीय सुत्र*
1. मंगल खून है, केतु कट है। जहाँ ये बैठते हैं वहाँ कट, निशान, ऑपरेशन पक्का देते हैं। बचपन में गिरना, जलना, सिलाई लगना इसी योग की पहचान है।
2. गुस्सा नहीं, ज्वालामुखी। ये जातक गुस्से में खुद को ही नुकसान पहुंचा देता है। गुस्सा ठंडा होने पर सबसे ज्यादा पछतावा इसी को होता है।
3. भाई से दूरी, भाई के लिए जान। BNN में मंगल भाई है, केतु दूरी है। भाई से पटती नहीं पर भाई पर आंच आए तो सबसे पहले यही खड़ा होगा।
4. जमीन मिलेगी पर लड़कर। पुश्तैनी जमीन में केस, बंटवारे में झगड़ा, या जमीन पर कब्जा। बिना लड़ाई के एक इंच जमीन नहीं मिलती।
5. प्रॉपर्टी का भूखा। अपना घर, अपनी जमीन, अपनी गाड़ी – यही इसका सपना है। किराए पर रहना इसे जहर लगता है।
6. सिर में गर्मी, खून में गर्मी। BP हाई, एसिडिटी, बवासीर, खून से जुड़ी बीमारी। मंगल गर्म, केतु नस काटता है।
7. सर्जन योग। हाथ में चाकू, औजार, हथियार से पैसा। डॉक्टर, फौज, पुलिस, इंजीनियर, बिल्डर, कसाई, लोहार – यही सब इसी योग के धंधे हैं।
8. झूठा केस और पुलिस का डर। मंगल पुलिस है, केतु अचानक है। अचानक पुलिस, कोर्ट, थाने के चक्कर इसी योग में लगते हैं।
9. तंत्र का उस्ताद। बिना गुरु के तंत्र सीख जाता है। हाथ देखना, भूत-प्रेत, जादू-टोना इसको बहुत जल्दी समझ आता है।
10. कुत्ते से विशेष लगाव। केतु कुत्ता है, मंगल रक्षा है। इसका कुत्ता इसके लिए जान देगा और यही योग इसको कुत्ते से काट भी खिलवाता है।
11. नौकरी में टिकेगा नहीं। बॉस को उल्टा जवाब, गुस्से में इस्तीफा। नौकर बनना इसके खून में ही नहीं, इसीलिए बिजनेस या फौज में ही चलता है।
12. शादी में धमाका। सप्तम में हो तो पार्टनर बहुत तेज, मुंहफट। शादी में झगड़ा रोज, पर तलाक नहीं। पार्टनर से डरता भी है और प्यार भी उसी से करता है।
13. कर्ज से नफरत, पर कर्ज लेना मजबूरी। जमीन या भाई के लिए कर्ज लेगा और चुकाने के लिए दिन-रात एक कर देगा।
14. हनुमान जी का भक्त। इस योग का एक ही इलाज है – हनुमान जी। बजरंग बली की शरण में आते ही ये योग राजयोग बन जाता है।
15. 28वें और 32वें साल में बड़ी घटना। ये मंगल की उम्र है। इन सालों में एक्सीडेंट, ऑपरेशन, जमीन का बड़ा लाभ या भाई से बड़ा झगड़ा पक्का।
16. गुप्त धन योग। जमीन में गड़ा धन, इंश्योरेंस, ससुराल की प्रॉपर्टी। पैसा सीधा नहीं, टेढ़े रास्ते से आता है।
17. आँखों में गुस्सा। आँखें लाल, बात में ऑर्डर। भीड़ में भी अलग दिखेगा। लोग इससे डरेंगे भी और इज्जत भी करेंगे।
18. हथियार का शौक। चाकू, बंदूक, तलवार रखने का शौक। बचपन में लकड़ी की तलवार से खेला होगा।
19. जमीन का केस कभी नहीं हारता। कोर्ट में जमीन का केस चल रहा हो तो आखिर में जीत इसी की होती है, चाहे 10 साल लग जाएं।
20. खून दान महाउपाय। इस योग में जितना खून दान करेगा, उतना ही मंगल शांत होगा। रक्तदान ही इसका सबसे बड़ा उपाय है।
21. मंगल-केतु+सूर्य – अंगारक ग्रहण। बाप से लड़ाई, सरकार से लड़ाई। पर यही योग IPS, बड़ा सर्जन, नेता बनाता है।
22. मंगल-केतु+शनि – क्रूर राजयोग। जीवन में 2 बार बड़ी चोट। पर यही योग लोहे, मशीन, बिल्डिंग से करोड़पति बनाता है।
23. मंगल-केतु+राहु – पिशाच योग। सबसे खतरनाक, एक्सीडेंट, जेल, ऑपरेशन। पर यही योग बड़ा तांत्रिक और जासूस भी बनाता है।
24. मंगल-केतु+गुरु – धर्म-योद्धा योग। पूजा भी करेगा और लड़ेगा भी। धर्म के लिए जान दे देगा।
25. मंगल-केतु+शुक्र – काम में धोखा। प्यार में बदनामी, पैसे के लिए लड़ाई। पर यही योग फिल्म में एक्शन डायरेक्टर बनाता है।
26. मंगल-केतु+बुध – नसों का रोग। स्किन में दाग, नसों में दर्द। पर दिमाग कंप्यूटर से तेज, टेक्निकल में सुपरहिट।
27. मंगल-केतु+चंद्र – खून का ग्रहण। मन में डर, नींद में झटके। माँ से अनबन पर माँ के नाम की प्रॉपर्टी जरूर मिलती है।
28. मेष, सिंह, वृश्चिक, मकर में राजयोग। मंगल अपनी राशि में, केतु झंडा गाड़ देता है। ऐसा जातक जमीन का राजा बनता है।
29. कर्क, तुला में नीच का फल। घर में क्लेश, जमीन बिकना, भाई से धोखा। 32 साल तक संघर्ष फिर राजयोग।
30. लग्न में हो तो शरीर पर बड़ा निशान, बचपन में सिर में चोट पक्की।
31. द्वितीय में हो तो परिवार में लड़ाई, वाणी में गाली, पर पैतृक धन के लिए लड़कर लेना।
32. तृतीय में हो तो हाथ में निशान, भाई से दूरी पर खुद बाहुबली।
33. चतुर्थ में हो तो घर में दरार, माँ को कष्ट, पर खुद के 2-3 मकान।
34. पंचम में हो तो पेट में जलन, प्यार में धोखा, पर संतान बहुत तेज।
35. षष्ठम में हो तो शत्रुहंता योग। दुश्मन चाहे कितना बड़ा हो, सामने आते ही खत्म।
36. सप्तम में हो तो पार्टनर सर्जन, पुलिस या गुस्सैल। शादी में रोज महाभारत।
37. अष्टम में हो तो सर्जरी योग। जीवन में 2 ऑपरेशन पक्के, पर अष्टम का पैसा भी पक्का।
38. नवम में हो तो भाग्य को ठोकर मारना। पिता की बात नहीं मानना, अपना भाग्य खुद लिखना।
39. दशम में हो तो नौकरी नहीं, खुद की फैक्ट्री, जमीन का काम।
40. एकादश में हो तो दोस्त कम, हर दोस्त पहलवान। बड़े भाई से लाभ।
41. द्वादश में हो तो जेल, हॉस्पिटल, विदेश में चोट। पैसा विदेश में।
42. डिग्री का खेल। मंगल केतु से 5 डिग्री के अंदर हो तो फुल पावर। एक्सीडेंट, खून, सर्जरी पक्की।
43. जब गोचर का मंगल जन्म के केतु पर आएगा, उसी महीने चोट, झगड़ा, जमीन का काम पक्का।
44. मंगल में केतु या केतु में मंगल आए तो 1.5 साल खून, जमीन, भाई तीनों की परीक्षा।
45. मंगलवार को चोट का दिन। इस योग वाले को मंगलवार को गाड़ी धीरे चलानी चाहिए।
46. जमीन में पैसा, जमीन में ही झगड़ा। इस योग का पैसा जमीन से ही आएगा और जमीन में ही फंसेगा भी।
47. उपाय। रोज हनुमान चालीसा, मंगलवार को मीठी रोटी पर तेल लगाकर कुत्ते को खिलाना, और खून दान।
48. लाल कपड़ा, तांबा, हथियार घर में खुले में मत रखना। मंगल-केतु आग है, खुला रखोगे तो घर में आग लगेगी।
49. भाई से कभी प्रॉपर्टी का बंटवारा कागज पर करो, जुबानी नहीं। जुबानी किया तो झगड़ा पक्का।
50. मंगल-केतु को दबाना नहीं, दिशा देनी है। इसे लड़ाई नहीं, हनुमान जी की सेवा दो तो यही योग जमीन का राजा बना देता है।