चातुर्मास ( 06.07.2025 से 01.11.2025 तक ) चातुर्मास यानी के चार महीने की वह अवधि जब भगवान
चातुर्मास
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गुरु पूर्णिमा क्या है इसका क्या प्रभाव है। गुरु शिष्य के सम्बंध में गुरु पुर्णिमा का महत्त्व
“आषाढ़ का तला, सावन का भूना” – स्वास्थ्य और धर्म से जुड़ी एक समझदारी भरी कहावत भारतीय संस्कृति
आख़िर में बस मृत्यु प्रमाणपत्र ही बचता है… एक रिटायर्ड पुलिस कमिश्नर, जो पहले अपने सरकारी बंगले में
गुरु की महिमा एक पंडित रोज रानी के पास कथा करता था। कथा के अंत में सबको कहता
गुरु पूजा – दो घड़ी आत्मज्ञानी संतों के चरणों में बैठने से हृदय का अज्ञान दूर हो सकता
पूर्णिमा के विषय में एक विस्तृत, शोधात्मक,और प्रमाणित विश्लेषण पूर्णिमा: परिभाषा और खगोलीय आधार पूर्णिमा हिंदू
गुरु शिष्य एक घनघोर जंगलमें एक बरगदके नीचे योगी गोरखनाथजी बैठे थे। उस समय उनकी वृत्ति अन्तर्जगत् में
वृश्चिक लग्न में मंगल-केतु युति का वैदिक ज्योतिषीय विश्लेषण वृश्चिक लग्न एक जल तत्त्व राशि है, जिसका
नक्षत्र ज्योतिष का खगोल शास्त्र, सूर्य सिद्धांत, फलित सिद्धांत, और क्वांटम थ्योरी के आधार पर विस्तृत विश्लेषण नक्षत्र