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आयुष्मान योग

‘आयुष्मान’ का अर्थ होता है – ‘लंबी आयु वाला’ या ‘चिरंजीवी’। ज्योतिष गणना के अनुसार, जब सूर्य और चंद्रमा का योग 26^\circ 40′ से 40^\circ 00’ के बीच होता है, तब यह योग बनता है। इसके स्वामी चंद्र (Moon) हैं।

 

🔹 स्वभाव और व्यक्तित्व (Nature & Personality)

आयुष्मान योग में जन्म लेने वाला व्यक्ति ऊर्जावान और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने वाला होता है।

 * स्वास्थ्य: ऐसे जातक शारीरिक रूप से बलिष्ठ होते हैं और सामान्यतः बीमारियों से दूर रहते हैं। इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है।

 * शौकीन मिजाज: इन्हें जीवन के सुखों का आनंद लेना पसंद होता है। ये अच्छे भोजन, घूमने-फिरने और कविता/साहित्य के प्रेमी होते हैं।

 * बुद्धिमत्ता: ये जातक चतुर होते हैं और अपनी बुद्धि के बल पर विपरीत परिस्थितियों से बाहर निकल आते हैं।

 * दीर्घायु: इस योग में जन्म लेने वाले व्यक्ति लंबी आयु और सुखद बुढ़ापा भोगते हैं।

 

🔹 कार्य और वित्त (Work & Finance)

 * आयुष्मान योग के जातक अपनी मेहनत से धन अर्जित करते हैं। ये जो भी कार्य हाथ में लेते हैं, उसे लंबे समय तक टिकाऊ बनाने की कोशिश करते हैं।

 * चिकित्सा (Medical), योग, अध्यापन और लेखन के क्षेत्र में इन्हें विशेष सफलता मिलती है।

 * ये जातक संचय (Saving) करने में भी कुशल होते हैं, जिससे इनका आर्थिक पक्ष मजबूत रहता है।

 

 

🔹 संबंध (Relationships)

 * ये अपने परिवार और समाज में सम्मान की दृष्टि से देखे जाते हैं।

 * इनके मित्रों की संख्या अधिक होती है और ये लंबे समय तक अपनी मित्रता निभाते हैं।

 * संतान पक्ष से भी इन्हें सुख प्राप्त होता है।

 

🔹 प्रिडिक्शन के लिए विशेष सूत्र (Prediction Tips)

 * मुहूर्त विचार: यह एक अत्यंत शुभ योग है। नींव रखने, नया व्यवसाय शुरू करने या लंबी अवधि के निवेश (Investment) के लिए यह योग सर्वोत्तम है।

 * सफलता: इस योग में किए गए कार्य स्थायी फल देते हैं। यदि कोई बीमारी लंबे समय से चल रही हो और इस योग में इलाज शुरू किया जाए, तो स्वास्थ्य में जल्दी सुधार होता है।

 * स्वामी प्रभाव: स्वामी चंद्रमा होने के कारण, इस योग में मानसिक शांति और भावनात्मक स्थिरता बनी रहती है।

 

🔹 सलाह (Advice)

 * अपनी ऊर्जा और स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए जातक को नियमित रूप से प्राणायाम करना चाहिए।

 * पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देना और शिवलिंग पर जल चढ़ाना इनके लिए अत्यंत लाभकारी होता है।

 * बड़ों का आशीर्वाद लेते रहना इनके भाग्य को और अधिक प्रबल बनाता है।

सौभाग्य योग

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