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50 कारण जिनकी वजह से आपको फिल्म ‘स्वतंत्र वीर सावरकर’ देखनी चाहिए

  1. छत्रपति शिवाजी महाराज को गुरुस्थान में क्यों रखना चाहिए? देखना है कि आजादी की लड़ाई के दौरान शिव चरित्र ने कैसे और कितने लोगों को प्रेरित किया
  2. “स्वातंत्र्यवीर सावरकर” विषय को तटस्थता से समझना
  3. परकोटी की देशभक्ति क्या और कैसी होनी चाहिए? इसके फलने-फूलने के लिए
  4. त्याग, समर्पण, बलिदान, निःस्वार्थता का अर्थ समझना
  5. अभ्यासोनि को प्रकट करना चाहिए, अर्थात यह समझना चाहिए कि संसार पर विजय प्राप्त की जा सकती है
  6. हिंसा और अहिंसा के बीच अंतर को समझना
  1. राजनीति का फैसला करना बेहतर है अन्यथा अनुभव करें कि स्वार्थ के लिए यह कितनी गंदी हो सकती है और देश को कैसे उलट-पुलट कर सकती है।
  2. आजादी के लिए घरादारों की होली और खूनी धूलिवंदन के शरीर को समझना
  3. बाबाराव सावरकर, वासुदेव फड़के, लाला हरदयाल, मदनलाल, खुदीराम, भगत सिंह, कान्हेरे, चाफेकर बंधुओं जैसे कई क्रांतिकारियों को यह समझ आया कि तमाम सुख-सुविधाएं होते हुए भी देश के लिए बलिदान देना कैसा होता है।
  4. आज की युवा पीढ़ी को सच्चा इतिहास समझाना
  5. यह समझना कि हमारा देश महान था, है और रहेगा
  6. देश के लोग मिलकर देश के लिए क्या कर सकते हैं? इनके उत्तर ढूंढने के लिए
  7. अखण्ड भारत और उसकी परिभाषा को समझना
  8. गुलामी में जीना और आज़ादी के लिए मरना समझना
  9. एक आम आदमी भी देश के लिए बहुत बड़ा योगदान दे सकता है, बस यह सीखना होगा कि कैसे और किस तरह से
  10. आज के बच्चों को यह बताना कि देशभक्ति, प्रभातफेरा, नारेबाजी, राष्ट्रसेवा में खारी की भूमिका में उस समय के बच्चे भी क्या योगदान देते थे।
  11. राष्ट्रीय सेवा के लिए महिलाओं की भागीदारी, त्याग और सक्रिय समर्थन कितना उत्साहवर्धक है, इसका एहसास करना
  1. कलम की ताकत की उतनी ही सराहना करना जितनी तलवार की
  2. यह समझने के लिए कि सेलुलर जेलों, काला पानी, अंतहीन यातनाओं और अत्याचार की सीमाओं से कौन सा नरक भिन्न हो सकता है।
  3. कई वर्षों तक उसी बंद कालकोठरी में चींटियों का भोजन, मल-मूत्र और अंधकारमय भविष्य।
  4. भविष्य की कोई निश्चितता न होने वाली ऐसी अँधेरी कोठरी में अलौकिक साहित्यिक सम्पदा रचकर जीने और जीवित रहने की प्रेरणा प्राप्त करना।
  5. सभी हिंदू कौन हैं? हिंदुस्तानी और इसकी मूल पहचान क्या होनी चाहिए? इसे समझने के लिए
  6. देश और देश का नेतृत्व कैसा होना चाहिए? लोकतंत्र में मतदाता के रूप में हमें अपना स्थान स्वयं तय करना है
  7. लोकमान्य तिलक, सुभाष चंद्र बोस, वल्लभभाई पटेल, बाबासाहेब अम्बेडकर की भूमिका को समझना।
  8. क्या भारत पाकिस्तान का विभाजन सचमुच आवश्यक था? उस समय के निर्णय सही या ग़लत? क्या हम अब भी इससे मुक्त हैं? इसके बारे में सोचना
  9. क्या अखण्ड भारत अखण्ड रह सकता था? क्या वह सपना दोबारा सच हो सकता है? निःसंदेह उत्तर खोजने के लिए
  10. क्या संयुक्त सशस्त्र क्रांति, जनविद्रोह, सेना, नौसेना, पुलिस के विद्रोह से डरकर अंग्रेजों से मुक्ति मिली?….अहिंसा, आमरण अनशन, खादी, भजन, चर्चा, शील, शांति? इसका उत्तर आप स्वयं खोजें
  11. यह भी देखना कि मुट्ठी भर अंग्रेज वास्तव में करोड़ों लोगों पर शासन करने में सक्षम क्यों थे
  12. अंग्रेजों को भारत में फूट डालो और राज करो की नीति अधिक सुविधाजनक क्यों लगी?
  13. क्या हम कभी भारतीय या हिंदुस्तानी के रूप में एकजुट हो सकते हैं? कम से कम देश के लिए….नहीं तो समझ लीजिए कि आज भी दूसरे देश कभी भी फायदा उठा सकते हैं

31. यह जानने के लिए कि बाहरी कीट की तुलना में आंतरिक कीट किसी देश को कितना नुकसान पहुंचा सकता है
32. यह समझना कि देश और देशभक्ति जाति, पंथ, वर्ण, पंथ, संप्रदाय से कहीं परे है.
33. यह समझना कि विदेशी शक्तियाँ हमारी कमजोरी, अंधता, तटस्थता, सहनशीलता, स्वार्थी मनोवृत्ति का किस प्रकार लाभ उठा सकती हैं।
34. इतिहास क्यों पढ़ें? इतिहास से क्या सीखें? यह समझने के लिए कि कौन सा इतिहास खुद को दोहराना चाहिए और कौन सा नहीं
35. देश के विभाजन के बाद का दर्द क्या है? उस घाव को भड़काने के लिए
36. आंतरिक एवं अंतर्राष्ट्रीय राजनीति को समझना
37. देश को आस्था और अंधविश्वास के बीच अंतर जानने और उसके अनुसार कार्य करने के लिए
38. काल्पनिक इतिहास और वास्तविकता का स्वयं अध्ययन करें
39. 1857 का विद्रोह और उसके बाद 1947 – मात्र 3 घंटे में देश को आजादी मिलने तक का लंबा सफर, देखिए हमारे पूर्वजों पर क्या गुजरी।
40. विश्व स्तर पर यह समझने के लिए कि न केवल देश के भीतर बल्कि देश के बाहर भी कोई व्यक्ति देश के लिए बहुत बड़ा योगदान दे सकता है।
41. इस विचार को बढ़ावा देना कि विदेशी वस्तुओं का व्यापार करके घरेलू व्यापार को बढ़ाया जाना चाहिए
42. हमें आज़ादी आसानी से नहीं मिली, क्या पता इसके लिए क्या-क्या और कितनी यातनाएँ दी गईं।
43. क्या आज स्वतंत्र भारत में हम सचमुच इस आज़ादी के प्रति ईमानदार हैं या आज की पीढ़ी इसकी कद्र करती है? अपने आप से यह प्रश्न पूछने के लिए
44. एक ओर, पूरे देश पर पीढ़ियों तक वंशवादी शासन द्वारा निजी संपत्ति के रूप में शासन करना, दूसरी ओर, देश के लिए ‘राष्ट्राय स्वाहा’, एक पीढ़ी में, सब कुछ, इस भूमि में हो सकता है।
45. हिंदू धर्म स्वच्छ, सुंदर और सहज है. यह दिखाने के लिए कि इसे किसी भी चीज़ से भ्रष्ट नहीं किया जा सकता है, न ही इसे अपमानित किया जा सकता है, चाहे कोई कितनी भी कोशिश कर ले।
47. पिज्जा, बर्गर, पास्ता, लसग्ना, चाइनीज, थाई की आदी पीढ़ी के लिए असली मिट्टी की सराहना करना।
48. उस मूल्य का एहसास करना जो देश देह से ईश्वर तक के रास्ते पर चलता है और प्रत्येक नागरिक इसका ऋणी है
49. यह अहसास करना कि तब के सभी क्रांतिकारियों और आज सीमा पर लड़ रहे सैनिकों का समर्पण एक जैसा है
50. अंत में, अथक मेहनत से बनी इस विद्वत्तापूर्ण फिल्म के लिए आपको कुछ आर्थिक योगदान देना चाहिए, सहयोग करना चाहिए, अपने साथ-साथ अपने परिवार को भी जागरूक करना चाहिए, इसलिए इस फिल्म को जरूर देखें…

 

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जय हिन्द जय अखण्ड भारत

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