
शनि राहु केतु तीनों ग्रह ज्योतिष में पीड़ादायक माने गए है शनि को न्यायधीश और राहु केतु को शनि का एजेंट माना गया है अगर वास्तविक रूप से विचार करे तो शनि राहु केतु कार्मिक ग्रह है जो हर व्यक्ति के पिछले और वर्तमान कर्मो के अकॉर्डिंग फल देते है
स्वास्थ संबधी समस्या हो या वैवाहिक समस्या , नोकरी की समस्या हो या प्रॉपर्टी रिलेटेड इश्यू , संतान उत्पत्ति की समस्या हो या शिक्षा की समस्या इन तीन ग्रहों के शुभ अशुभ प्रभाव जगजाहिर है
शनि राहु केतु से लोग इतना भयभीत होते है की शनि की साढ़े साती या राहु दशा सुनकर लोगो के पसीने छूट जाते है क्युकी ज्योतिष में एक मिथ है की आपकी 75 % समस्या के जिम्मेदार शनि राहु केतु है
शनि राहु केतु में सबसे खतरनाक कौन है
शनि – शनि को कर्म कारक , देरी कारक और कर्म कारक माना जाता है शनि विलंब से रिजल्ट देता है अब जो शुभ रिजल्ट अपनी जिंदगी में मिलने है वो भी विलंब से मिलेंगे अब जो अशुभ रिजल्ट आपकी जिंदगी में मिलेंगे वो भी विलंब से मिलेंगे इसके विपरीत राहु अपको शुभ और अशुभ रिजल्ट एक झटके में दे देता है राहु अगर पैसा देगा तो एक झटके में करोड़पति बना देगा और लेगा तो एक ही बार में राजा से रंक बना देगा जबकि केतु की प्रकृति थोड़ी डिफरेंट है केतु को मोक्ष का कारक माना जाता है केतु अपको आसक्ति रहित बना देगा एक तरफ राहु अपको जिस आसक्ति में डालता है दूसरी तरफ केतु एक मात्र ऐसा ग्रह है जो आपको उस आसक्ति से निकल सकता है केतु मतलब ऐसा ग्रह जो अपको जीवन मरण के चक्र से बाहर निकल दे ।
शनि राहु केतु की कार्य प्रणाली
मान लीजिए किसी व्यक्ति को छोटी सी गांठ हो गई अब शनि धीरे धीरे उस गांठ को बड़ा करेगा यानी 4 6 8 साल यूही निकल जायेंगे व्यक्ति को धीमा धीमा रोग आगे बड़ेगा, अब यही गांठ राहु दे रहा तो 4 6 महीने में गांठ बहुत बड़ी हो जाएगी और ध्यान नही दिया गया तो ये ट्यूमर या कैंसर का रूप ले लेगी किंतु केतु आके इसका ऑपरेशन करवा देगा और अपको दर्द से मुक्ति मिल जाएगी
शनि वृषभ तुला लग्न में राजयोगकारक फिर भी शनि अपको तभी देगा जब आप डिजर्व करते है और मेहनत करते है इसके विपरीत राहु एक झटके में व्यक्ति को मालामाल बना देता है आप ठग है चोर है ना 2 काम करते है राहु को इस बात से कोई लेना देना नही है राहु खुद माया है उसे ठगी जूठ फरेब पसंद है नेकी और ईमानदारी नही ।
इसके विपरीत केतु ग्रह की कार्य प्रणाली शनि राहु से बिल्कुल अलग है केतु जब भी अपकी कुंडली में एक्टिव होगा वो आपको किसी न किसी चीज से कटाव और विरक्ति जरूर देगा ये कार्य आपको दुनियादारी से हटाकर प्रभु चरणों में लगाने या कोई गुप्त ज्ञान देने के लिए प्रकृति द्वारा किया जाता है किंतु आप दुखी होके केतु को बुरा समझने लगते ।
अता स्पष्ट है कोई भी ग्रह न अच्छा है न ही बुरा है ये ग्रह तो हमारे कर्मो के वाहक है जैसा हम कर्म करके आए है वैसा ये फल देंगे ।