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दुकान व्यवसाय कौन सा चलेगा कौन सा करे।

दुकानी व्यवसाय करना है तो आज इसी बारे में बात करते है दुकान खोलनी है तो किस व्यवसाय काम की दुकान चलेंगी और कितनी सफ़लता दुकान व्यवसाय में मिल पाएगी और कितने बड़े स्तर पर दुकान खुलकर चल सकती है आदि।                                    

दुकानदारी मतलब डेली इनकम जिसका सम्बन्ध कुंडली के 7वे भाव से है 7वा भाव दुकानदारी व्यवसाय का है तो बुध दुकानदारी व्यवसाय ग्रह है तो ग्यारहवा भाव दुकान से होने वाले लाभ का है तो दूसरा भाव दुकान से होने वाले धन वृद्धि का है धन का है।अब जब जन्मकुंडली में या नवमांश कुंडली मे या फिर दशमांश कुंडली मे【तीनो कुंडलियो में या इन तीनो कुंडलियो में से किसी एक कुंडली मे भी】7वे भाव या 7वे भाव स्वामी बलवान होकर 11वे भाव स्वामी या 7वे भाव से या दूसरे भाव या दूसरे भाव स्वामी से अच्छी स्थिति में सम्बन्ध  बनाकर बैठा है और दुकान व्यवसाय ग्रह बुध बलवान है तब दुकान व्यवसाय अच्छा चलेगा।अब किस तरह के काम की दुकान करे यह महत्वपूर्ण है तो 7वे भाव का सम्बन्ध या 7वे भाव स्वामी का सम्बन्ध जिस भी ग्रहो औऱ भाव स्वामियों से होगा उन्ही ग्रहो और भावो के अधिकार में को दुकानदारी व्यवसाय आ रहा है उन्हें करने पर दुकान व्यवसाय अच्छा चलेगा।अब कुछ उदाहरणों से समझते है अगर दुकानदारी व्यवसाय करना ही लिखा है तो किस काम या वस्तु की दुकान करे जिससे अच्छी व्यवसायिक सफलता मिले।                                                             

उदाहरण_वृष_लग्न_अनुसार1:-

वृष लग्न में 7वे भाव स्वामी मंगल बलवान होकर यहाँ दूसरे या ग्यारहवे भाव स्वामी बुध या गुरु से सम्बन्ध बनाकर बैठे है या 11वे भाव से सम्बन्ध किये है और बुध बलवान है तब दुकानदारी व्यवसाय चलेगा लेकिन अब 7वे भाव स्वामी मंगल यहाँ बलवान लग्नेश शुक्र के साथ सम्बन्ध में है तब कपड़े, जैवेलरी दुकान करने में सफलता मिलेंगी।                                                                  

 

उदाहरण_कुम्भ_लग्न_अनुसार2:-

कुम्भ लग्न में 7वे भाव स्वामी सूर्य बलवान होकर यहाँ बलवान बुध या गुरु सहित दूसरे या ग्यारहवे भाव से सम्बन्ध कर रहे है तब दुकानी व्यवसाय चलेगा, अब व्यवसाय 7वे भाव स्वामी सूर्य यहाँ दूसरे भाव से सम्बन्ध किया है तब खान-पीने की दुकान, रेस्टोरेंट ,होटल व्यवसाय आदि ही चलेगा।                                      

 

उदाहरण_तुला_लग्न_अनुसार3:-

तुला लग्न में यहाँ 7वे भाव स्वामी मंगल है अब मंगल बलवान होकर यहाँ 11वे भाव या 11वे भाव स्वामी बलवान सूर्य से सम्बन्ध करे+दूसरा भाव(धन भाव)+ग्यारहवा भाव(लाभ भाव)बलवान है तब दुकानदारी व्यवसाय चलेगा, 7वे भाव या 7वे भाव स्वामी मंगल यहाँ 5वे भाव से सम्बन्ध किये है तब स्टेशनरी की शॉप, टीवी या मनोरंजन बिक्री की चीजो की दुकान करने पर दुकान व्यवसाय लाभ देगा।                                            

 

दुकानदारी व्यवसाय योग बने है तब कर सकते है लेकिन किस काम की दुकान चलेंगी या दुकान की जाए यह सब कुंडली का 7वा भाव/भाव स्वामी किस काम व्यवसाय के योग बनाकर बैठा है उसी काम की दुकान करने से अच्छी आर्थिक और व्यवसायिक सफलता मिलेगी।

गायत्री मंत्र अर्थ सहित—

कामेश्वरीस्तुतिः

स्वायम्भुव मनु की तीन पुत्रियाँ थीं – अकुति, देवहूति और प्रसूति।

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