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विभिन्न राशियों में शुक्र क्या फल देता है

विभिन्न राशियों में स्थित होने पर शुक्र का क्या फल होता है, इसी विषय पर हम आगे चर्चा कर रहे हैं —

 

 शुक्र  सौंदर्य का प्रतीक ग्रह है ! संसार की जितनी भी मनमोहक आकर्षक तथा कोमल वस्तुए है उन सब पर शुक्र ग्रह का आधिपत्य होता है ! ज्योतिष में शुक्र ग्रह को स्त्री ग्रह माना गया है ! यह पति-पत्नी, प्रेम सम्बंध, ऐश्वर्य, आनंद, सौंदर्य इत्यादि का भी कारक  ग्रह है ! यदि जन्म कुण्डली में शुक्र उच्च का,  स्वगृही या मित्र ग्रह के घर में स्थित हैं तब जातक अपने जीवन काल में भौतिक तथा शारीरिक सुख का भरपूर आनंद उठाता है ! शुक्र ग्रह से प्रभावित व्यक्ति सौम्य एवं अत्यंत सुंदर व्यक्तित्व वाला होता है ! यदि किसी की कुण्डली में शुक्र शुभ प्रभाव देता है तब वह जातक आकर्षक, सुंदर और मनमोहक होता  है ! शुक्र ग्रह के विशेष प्रभाव से जातक जीवनभर सुखी जीवन व्यतीत करता है ! शुक्र ही वह ग्रह है जो जातक को मकान और वाहन आदि का भी सुख प्रदान करता है ! वस्तुतः सम्पूर्ण भोग विलास की वस्तुओ पर शुक्र ग्रह को अधिकार प्राप्त हैं ! शुक्र ग्रह की दिव्यता एवं शान अन्य ग्रहो से बिलकुल ही भिन्न है !

 

अब हम क्रमशः मेष से मीन तक सभी राशियों में शुक्र ग्रह का फल क्रमशः जानेंगे —

 

1 – मेष राशि में शुक्र ग्रह का फल :

यदि किसी जातक की कुण्डली में मेष राशि में शुक्र स्थित हों तब जातक असामान्य व्यवहार करने वाला, दुष्प्रभाव से युक्त, परस्त्रीगामी, एकान्त में रहने वाला होता है, वह किसी स्त्री के कारण बंधन में पड़ सकता है ! ऐसा जातक एक कुशल सेनापति अथवा ग्राम प्रधान भी हो सकता है !

 

2 – वृष राशि में शुक्र ग्रह का फल :

यदि कुण्डली में वृष राशि में शुक्र स्थित हों तब जातक अनेक स्त्रियों का सुख भोगने वाला होता है ! वह कृषक तथा रत्न वस्त्रादि से युक्त होता है ! ऐसा जातक गो सेवा करता है तथा कभी कभी जातक उसी से अपनी जीविका भी चलाता है ! ऐसा व्यक्ति दान देने वाला होता है ! वह बपरिवार का पोषक, सुन्दर, धनवान तथा अनेक प्राणियों का उपकार करने वाला स्वभाव रखता है !

 

3 – मिथुन राशि में शुक्र ग्रह का फल :

यदि कुण्डली में मिथुन राशि में शुक्र स्थित हों तब मनुष्य सुन्दर और कामवासना से युक्त होता है ! वह विद्वान, कला शास्त्र में विख्यात, लेखक और काव्य रचना में चतुर होता है ! ऐसा जातक लोकप्रिय होता है ! उसे गीत और नृत्य में रूचि होती है यदि ऐसा है, तब वह इस विद्या से धनार्जन करने वाला भी होता है ! उसके अनेक मित्र होते हैं ! वह देवता, गुरू एवं ब्राह्मणों का भक्त होता है !

 

4 – कर्क राशि में शुक्र ग्रह का फल :

यदि कर्क राशि में शुक्र स्थित हों तब जातक बुद्धिमान, धर्मात्मा, पंडित तथा शांत चित्त वाला व्यक्ति होता है ! वह मुनियों के मत को मानने वाला, श्रेष्ठ तथा नीति शास्त्र का ज्ञाता होता है ! किसी स्त्री के कारण दुखी रहने वाला होता है ! मद्यपान के कारण रोग से पीड़ित तथा अपने स्वयं के दोस्तों से दुखी होता है !

 

5 – सिंह राशि में शुक्र ग्रह का फल :

यदि कुण्डली में सिंह राशि में शुक्र स्थित हों तब जातक का ससुराल पक्ष मजबूत होता है ! ऐसा जातक बंधु बांधवों से घिरा रहने वाला तथा नाना प्रकार के सुख होते हुए भी दुखी रहता है ! वह परोपकारी तथा गुरुजनों का आदर करने वाला होता है ! वह किसी बात को लेकर बहुत चिंता नहीं करता है !

 

6 – कन्या राशि में शुक्र ग्रह का फल :

कन्या राशि में शुक्र स्थित हों तब जातक चिंता करने वाला, सुकुमार, चतुर, परोपकारी तथा कला में निपुण होता है ! ऐसा व्यक्ति सबका प्रिय होता है ! वह अनेक प्रकार का कार्य करने वाला होता है ! वह यात्रा करने वाला तथा अन्य की स्त्री में आसक्त होता है ! इन्हे कन्या संतान अधिक तथा पुत्र कम होते हैं ! ऐसा व्यक्ति सभा में अपनी वाकपटुता से सबको प्रभावित करता है, शास्त्रों के ज्ञान में पंडित होता है !

 

7 – तुला राशि में शुक्र ग्रह का फल :

यदि कुण्डली में तुला राशि में शुक्र स्थित हों तब जातक श्रम से धन उपार्जन करने वाला, वस्त्र आभूषण प्रिय, अपने मूल निवास स्थान से दूर रहने वाला होता है तथा अपने परिजन का रक्षक होता है ! ऐसा जातक कठिन से कठिन कार्यों को करने में निपुण होता है ! ऐसा मनुष्य सामान्यतः धनी, पुण्यवान तथा देव ब्राह्मण की भक्ति में रत रहने वाला होता है ! इनका शरीर अत्यंत ही आकर्षक तथा कोमल होता है ! इसी से लोग ऐसे जातक से तुरन्त ही प्रभावित हो  जाते हैं !

 

8 – वृश्चिक राशि में शुक्र ग्रह का फल :

जिस मनुष्य के वृश्चिक राशि में शुक्र स्थित हों, वह जातक निष्ठुर व  निर्दयी होता है ! धर्म में आस्था रखने वाला होता है, परन्तु धर्म को अपने तरीके से व्याख्या करने वाला होता है ! ऐसा व्यक्ति विवादी, सहोदरों से विरक्त, भाग्यहीन तथा शत्रु को जीतने वाला होता है ! यदि अशुभ ग्रह के प्रभाव में हो तब पापी भी होता है ! ऐसा व्यक्ति हिंसक, दरिद्र, नीच और गुप्त रोग से युक्त होता है !

 

9 – धनु राशि में शुक्र ग्रह का फल :

जिस व्यक्ति के धनु राशि में शुक्र स्थित हों, वह जातक धर्म, अर्थ और काम के फल से युक्त कार्य करने वाला होता है ! ऐसा जातक अपने अच्छे कार्य के कारण समाज में लोकप्रिय होता है ! वह राज्यमंत्री या उच्च प्रशासनिक पद से युक्त सरकारी नौकरी करने वाला होता है ! ऐसा व्यक्ति विद्वान तथा वाकशक्ति का धनी होता है ! इनका शरीर औसत मोटा और लम्बा होता है !

 

10 – मकर राशि में शुक्र ग्रह का फल :

जिस जातक के मकर राशि में शुक्र स्थित हों, वह अधिक खर्च से दुखी, दुर्बल शरीर वाला, अपने से अधिक आयु की वृद्ध स्त्री में आसक्त तथा हृदय रोगी होता है ! वह धनवान, विद्या से युक्त, भाषा के धुरंधर, धूर्त, चतुर तथा नपुंसक भी हो सकता है ! ऐसा व्यक्ति किसी दूसरे के कार्य में लगा रहता है ! ऐसे लोगों को मूर्ख की श्रेणी भी रखा जा सकता है !

 

11 – कुम्भ राशि में शुक्र ग्रह का फल :

यदि कुम्भ राशि में शुक्र ग्रह स्थित हों तब ऐसा जातक अपने क्रोध के कारण दुखी होता है ! व्यर्थ के कार्य में लगा रहता है ! ऐसा जातक अधर्मी, गुरुजन और संतान का शत्रु होता है ! इनका रहन सहन साधारण होता है ! अच्छे वस्त्रादि के शौक़ीन नहीं होते हैं !

 

12 – मीन राशि में शुक्र ग्रह का फल :

जिस मनुष्य के मीन राशि में शुक्र ग्रह स्थित हों तब वैसा व्यक्ति उदार तथा दानी होता है ! वह बहुत ही गुणवान तथा धनवान होता है ! वह शत्रु को पराजित करने वाला तथा लोक में प्रसिद्धि प्राप्त करने वाला होता है ! वह श्रेष्ठ तथा विशेष कार्यकर्ता होता है ! यही नहीं राजाओ का प्रिय तथा कुशल वक्ता होता है ! वह बुद्धिमान, साधुजनों से ज्ञानवर्धन और मान अर्जन करने वाला होता  है ! अच्छे कार्यों में धन व्यय करने में नहीं हिचकिचाता है ।

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