
सबसे पहले बात करते हैं राहु के नक्षत्र आर्द्रा की, जाहिर सी बात है कि राहु इस नक्षत्र में होंगे तो अत्यंत बलवान होंगे परंतु एक समस्या है ऐसी स्थिति में जातक के अंदर क्रोध और बात बात पर विवाद करने की संभावना बढ़ जाती है।
बुध का नक्षत्र है आश्लेषा, इस नक्षत्र की प्रवृत्ति छल, कपट, धोखाधड़ी की है और राहु भी इन्हीं अब के प्रतिनिधित्वकर्ता हैं, अगर आश्लेषा नक्षत्र में राहु हों तो ऐसा जातक कोई अनुचित कार्य, कोई अनुचित वित्तीय सौदा आदि कोई भी ऐसा कार्य करके कानूनी विवाद में फंस सकता है।
मघा केतु का नक्षत्र है और अत्यंत श्रेष्ठ नक्षत्र है इसमें जो कानूनी विवाद होगा वह गलत कार्य के कारण नहीं बल्कि पैतृक संपत्ति आदि से संबंधित होगा, इस नक्षत्र में यदि राहु बैठे हैं तो हो सकता है कि पैतृक संपत्ति को लेकर जातक किसी कानूनी विवाद में फंस जाए।
चित्रा, ये मंगल का नक्षत्र है, इस नक्षत्र में भी राहु बैठे हैं तो यह उन लोगों के लिये ज्यादा खतरनाक है जो सरकारी नौकरी में हैं, आपके द्वारा कोई कागजी त्रुटि होना संभव है जिससे आप कानूनी विवाद में फंस सकते हैं।
स्वाति, ये राहु का ही नक्षत्र है व्यापार और साझेदारी से जुड़ा नक्षत्र है, यहां पर जातक लेनदेन, झूठे आरोप, धोखाधड़ी इत्यादि से कानूनी विवाद में फंस सकते हैं।
विशाखा, देवगुरु बृहस्पति का नक्षत्र है यहां पर यदि राहु बैठे हैं तो आपको जो समस्या उत्पन्न होगी वह आपके सार्वजनिक अथवा राजनीतिक जीवन के कारण होगी। हो सकता है कि आप सार्वजनिक रूप से कौन विवादित बयान देकर स्वयं को कानूनी विवाद में फंसा बैठें।
ज्येष्ठा, ये बुध का नक्षत्र है इसमें दो तरह की चीजें सामने आएंगी, यदि आप अपने जीवन काल में फंसते हैं तो दो कारण हो सकते हैं, एक तो किसी गुप्त सम्बन्ध के कारण दूसरा कोई गुप्त सूचना लीक करने के कारण आपके ऊपर कोई आरोप लग सकता है।
जन्मकुंडली में राहु स्वयं के नक्षत्र शतभिषा में बैठे हों तो यह राहु बहुत बली हैं , यह किसी वरदान से कम नहीं है परंतु यहां भी कानूनी विवाद दो कारणों से हो सकता है कि यदि आप डॉक्टर हैं तो आप पर कोई आरोप लग सकता है और दूसरा कि आप स्वयं किसी एडिक्शन आदि में पड़ जाएं और उसके चलते आपको रिहैब सेंटर आदि में जाना पड़े।
रेवती नक्षत्र में यदि राहु बैठे हैं तो ये खतरनाक है, ऐसे लोग बड़े तेज तर्रार होते हैं यदि इस नक्षत्र में राहु है तो जातक ऑनलाइन लेनदेन के मामले में फंस सकता है या स्वयं जातक के साथ ही कोई फ्रॉड हो जाए।
यहां एक बात स्पष्ट करना आवश्यक है कि ऊपर लिखित सभी प्रभाव चाहे यह जन्मकुंडली के किसी भी भाव में बन रहे हों तब भी प्रभावी रहेंगे परंतु यदि कुंडली के तीसरे, छ्ठे या बारहवें भाव में यह स्थिति बन रही हो तब तो यह प्रबल जेल योग बन जाता है, अतः यदि आपकी कुंडली में राहु ऐसे किसी नक्षत्र में स्थित हैं तो आपको अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।