बुध का कुंडली के 12 भाव में गोचर फल बुध एक ऎसा ग्रह है जो अपनी तेज रफता के साथ चलते हुए गोचर में अपना असर हर राशि पर जल्द से जल्द देने की कोशिश करता है. बुध को राशि चक्र का एक चक्र पूरा करने में लगभग साल का समय लग जाता है यह सूर्य के समान ही उसके पास या आगे पीछे रहते हुए राशि भ्रमण में होता है. यह प्रत्येक राशि में तीस दिनों तक का समय व्यतीत करता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसकी गति सीधी है या वक्री क्योंकि चाल में जब भी बदलाव होगा तब समय सीमा भी कम अधिक हो सकती है. जन्म के समय चंद्रमा जिस भाव में स्थित होता है, वहां से दूसरे, चौथे, छठे, आठवें, दसवें और ग्यारहवें भाव में बुध को अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है. इसके अतिरिक्त भाव स्थानों पर जिसमें से लग्न भाव, तिसरे भाव, पंचम भाव, सप्तम भाव, नवम भाव और द्वादश भाव में यह कमजोर परिणाम दिखाता है.पहले भाव में बुध का गोचरपहले घर में बुध का गोचर कई मायनों में अपने असर को दिखाता है. यह मानसिक रुप से विचारशीलता को बढ़ा देने वाला समय होता है. गले में खराश और टॉन्सिलिटिस जैसी स्वास्थ्य समस्याएं भी दे सकता है. इस समय व्यक्ति संगति को लेकर काफी उत्साहित दिखाई देता है. कुछ स्थिति स्वतंत्रता को कमजोर कर देने वाली होती है. ज्यादातर ऐसी स्थिति भी देखने को मिल सकती है अनिच्छा से किसी की बातों के अनुसार अधिक काम करना पड़ सकता है.दूसरे भाव में बुध गोचर का फलइस समय पर बुध का गोचर आर्थिक क्षेत्र में अच्छे परिणाम दिखाने वाला होता है. व्यक्ति अपनी मांग के अनुरुप अच्छे काम करने में सक्षम भी होता है. वाणी में चतुराई आती है. अपना काम निकलवाने में व्यक्ति सफल होता है. खर्चों की अधिकता होती है लेकिन लाभ प्राप्ति के कारण स्थिति सामंजस्य को पाती है. व्यक्ति सामाजिक रुप से अपने लिए अच्छे स्थान को पाता है. दूसरे लोग इनकी बातों में सहजता से आ सकते हैं.तीसरे भाव में बुध गोचर का फलतीसरा भाव बुध के गोचर के लिए शुभ होता है. यह विशेष रूप से व्यापार एवं सौदा करने वालों के लिए आर्थिक लाभ और आय में वृद्धि का प्रतीक होता है. यह अवधि चीजों को सीखने और ज्ञान प्राप्त करने में सफलता के रूप में अच्छे मौके देने वाली होती है यह अवधि अच्छे लोगों की संगति में भी लाती है और अच्छे पकवानों का स्वाद चखने का अवसर देती है. इस समय यात्राओं का समय होता है संचार के क्षेत्र में भी यह समय काफी अच्छा माना जाता है. Playlist 3 Videos Sshree Astro Vastu | Health Testimonial | Shivani 1:03 Sshree Astro Vastu | Career - Review| Ajay Sarwankar 5:22 Sshree Astro Vastu | Health, Education, Family Matter - Review | Mamta Jain 1:53 चतुर्थ भाव में बुध गोचर का फलइस समय काम में विवादों से बचने के लिए सावधानी बरतने की जरुरत होती है. इस दौरान काम को बेहतरीन तरीके से करना जरुरी होता है. अनावश्यक ख़र्चों से भी सावधान रहना पड़ता है क्योंकि इससे आपकी जेब पर भारी बोझ पड़ सकता है. खराब लोगों के कारण दबाव अधिक रहता है. योजनाएं अटकाव के कारण आगे बढ़ नहीं पाती हैं. इस समय घर में कुछ नवीन वस्तुओं के आगमन का भी समय होता है.पंचम भाव में बुध गोचर का फलपंचम भाव में गोचर के कारण बुध व्यक्ति को कई तरह के लोगों स मिलवाता है. व्यक्ति मित्रों के साथ जुड़कर कई तरह की उपलब्धियों को भी पाने के लिए प्रेरित दिखाई देता है. इस समय कलात्मक पक्ष के साथ साथ रचनात्मक क्षेत्र में भी अच्छे अवसर दिखाई देते हैं. यहां व्यक्ति बौद्धिक रुप से काफी सजग होकर काम कर पाता है. शेयर मार्किट इत्यादि से लाभ की स्थिति भी बनती है. मित्रों और अधिकारियों से प्रशंसा पदोन्नति, बेहतर के लिए बदलाव, नए विषयों का अध्ययन का समय होता है.छठे भाव में बुध गोचर का फलछठे भाव में बुध का गोचर अच्छे परिणाम दिलाने में सहायक बनता है. इस समय पर अपने कार्यक्षेत्र में प्रतिष्ठा की प्राप्ति भी संभव हो पाती है. व्यापार के क्षेत्र में यात्राएं होती हैं और नए सौदे भी इस समय पर मिल सकते हैं. व्यक्ति अपनी इच्छाओं की पूर्ति करने में सफल होता है. इस समय नए विषयों का अध्ययन कर पाते हैं और समाजिक रुप से कई तरह के काम में भागीदारी का समय भी होता है. स्वास्थ्य को लेकर त्वचा एवं गले से संबंधित कुछ विकार परेशानी दे सकते हैं.सप्तम भाव में बुध गोचर का फलसातवें भाव में बुध का गोचर असुरक्षा एवं अनिश्चितता का माहौल दे सकता है. इस समय व्यर्थ के आरोप प्रत्यारोपों के कारण मानसिक रुप से व्यक्ति परेशान होता है. यह समय मानसिक और शारीरिक रूप से कुछ कठिन रह सकता है. यह अवधि बीमारी का संकेत भी देने वाली होती है. अपने साथी को लेकर चिंताएं रह सकती हैं. इस गोचर के दौरान आपको शारीरिक दर्द और शारीरिक कमजोरी का अनुभव करना पड़ सकता है. मानसिक रूप से बेचैन और परेशान भी अधिक रह सकते हैं.अष्टम भाव बुध गोचर का फलआठवें भाव में बुध के गोचर का फल अस्वस्थता के साथ चिंता की अधिकता वाला होता है. इस समय अकस्मात होने वाले लाभ भी प्राप्त होते हैं. नौकरों और वरिष्ठों की ओर से काम काज में सहायता भी मिल पाती है. भागदौड़ अधिक बनी रह सकती है. वाणी में झूठ का असर दिखाई दे सकता है. कुछ मामलों में गलतफमियों के चलते परेशानी अधिक उठानी पड़ सकती है.नवम भाव में बुध गोचर का फलनवम भाव में बुध का गोचर कुछ काम की अधिकता के साथ साथ जिम्मेदारियों को भी बढ़ा देने वाला होता है. दिशा निर्देशों का पालन करना आसान नहीं होता है. संतान एवं जीवन साथी के मध्य तालमेल बिठाने में दिक्कत हो सकती है. यह समय अध्ययन के लिए बेहतर होता है. आध्यात्मिक रुप से लोगों के साथ विचारों का आदान प्रदान भी बढ़ता है. स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना होता है.दशम भाव में बुध का गोचर फलबुध का गोचर जब दशम भाव में होता है तो यह स्थिति अच्छी आय का संकेत देने में सहायक होती है. नए विषय का अध्ययन कर पाते हैं. धार्मिक मामलों में रुचि बढ़ सकती है. अधिकारियों के साथ संपर्क बनता है और काम में अच्छे लाभ भी मिलते हैंइस समय व्यक्ति परिवार और काम को लेकर कुछ अधिक व्यस्त रह सकता है.एकादश भाव में बुध का गोचरएकादश भाव में बुध अच्छे परिणाम देने वाला होता है. यह कुछ नए समाचार, अच्छी आय, सरकारी कार्यों में सफलता को दिखा सकता है. इस समय मित्रों और रिश्तेदारों के साथ मेल जोल अधिक बढ़ता है. सामाजिक रुप से भागीदारी भी रहती है. विलासिता की वस्तुओं पर धन खर्च होता है और साथ ही नवीन वस्तुओं की प्राप्ति का समय होता है.द्वादश भाव में बुध का गोचर फलबारहवें भाव में बुध का गोचर होने पर व्यक्ति को मिलेजुले परिणाम अधिक मिल सकते हैं. इस समय आय प्राप्ति के लिए बाहरी संपर्क अधिक काम आते हैं. लम्बी दूरी की यात्राओं का समय भी बनता है. विदेश कारोबार में मुनाफा मिल पाता है. इस समय खर्चों की अधिकता रह सकती है. शत्रुओं से सावधान रहना होता है अन्यथा मान हानि का असर भी जीवन पर पड़ सकता है. बुध-केतु का रहस्यमय संयोग: प्रतिभा, भ्रम और अध्यात्म बुध-केतु का रहस्यमय संयोग: प्रतिभा, भ्रम और अध्यात्म 🔊 Listen to this व्यक्ति की बुद्धि तेज हो लेकिन यदि वह दिशाहीन हो, आप जटिल बातें समझ लेते हों लेकिन सरल निर्णय न ले पाते हों इसे एनालिसिस पैरालाइज्ड कहा जाता है अर्थात् किसी बात को इतना सोचना इतना सोचना कि निर्णय ही न ले पाना इस स्थिति में कई बार वाणी में अस्पष्टता भी देखी जाती है व्यक्ति अपनी बात सही तरीके से रख नहीं पाता, उसे जबरदस्त ज्ञान है परन्तु जब अपनी बात रखने की बारी आए तो कहां बोलना है, क्या बोलना है यही न समझ पाए, कई बार बुध का ग्रहों के साथ युति फल जन्म कुंडली बुध का ग्रहों के साथ युति फल जन्म कुंडली 🔊 Listen to this जन्मकुंडली में बुध ग्रह बुद्धि, स्कूल, शिक्षा, व्यापार, गणित, कॉमर्स, बुआ, पार्क, गार्डन, लेखन, ज्योतिष इत्यादि का कारक है। यदि आपकी कुंडली में बुध उच्च का, अपने घर का, केंद्र या त्रिकोण स्थान में है तो जातक अपने जीवन काल में मनोनुकूल सुख सुविधा का उपभोग करता है| बुध ग्रह सौरमंडल में सूर्य के सबसे निकट तथा का सबसे छोटा ग्रह है। यह जातक के गर्दन, कंधे व त्वचा पर अपना प्रभाव डालता है। बुध ग्रह कन्या राशि में उच्च का होता है। मीन राशि में नीच का बुध शुक्र शनि युति बुध शुक्र शनि युति 🔊 Listen to this बुध शुक्र शनि युति की कुंडली में उत्पन्न चुनौतियों का वैदिक ज्योतिषीय परिप्रेक्ष्य और समग्र उपाय बुध, शुक्र एवं शनि की युति कुंडली में एक जटिल खगोलीय संयोग उत्पन्न करती है, जहां बुध की बौद्धिक चंचलता, शुक्र की सौंदर्य एवं सुख-भोग की कामना तथा शनि की कठोर अनुशासनात्मक ऊर्जा एक साथ संचालित होती है। वैदिक ग्रंथों में, जैसे #बृहत्पाराशरहोराशास्त्र (अध्याय 3, श्लोक 28-30) में वर्णित है कि ग्रहों की युति उनके स्वभावानुसार फलदायी होती है: “यदि बुद्धि-कर्म-कर्मफलं त्रयोऽपि संयुताः, तदा विपरीतं फलं ददाति नित्यं दुःखभागिनः” – अर्थात् ये तीन आप सभी लोगों से निवेदन है कि हमारी पोस्ट अधिक से अधिक शेयर करें जिससे अधिक से अधिक लोगों को पोस्ट पढ़कर फायदा मिले | Join Our Whatsapp Group