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जन्मकुंडली के प्रमुख योग और उनका जीवन पर प्रभाव

*सम योग*-जन्मकुंडली में जिस भाव में सूर्य बैठा हो वहाँ से पणफर स्थानों में चन्द्रमा बैठा हो पणफर स्थान 2,5,8,11अगर सूर्य या चन्द्रमा की दशा महादशा  आ जाये तो ऐसा जातक करोड़ों रूपये कमाता है और उसका हर कार्य बनता चला जाता है।

 *चामर योग*-ज़ब जन्म कुंडली में लग्न में शुभ ग्रह बैठे हो और कोई पाप प्रभाव न हो तब था होगा बनता है। ज़ब इन ग्रहो की दशा -महादशा चलती है तब आदमी के सारे बिगड़े काम बनते है तरक्की के सारे रास्ते खुल जाते हैँ।

 *धेन्यू योग*     -ज़ब दूसरे भाव में शुभ ग्रह बैठे हों और दूसरे भाव का स्वामी भी शुभ प्रभाव में हो तब यह योग बनता है। ज़ब राजयोग की दशा -महादशा चलती है तब अचनक धन लाभ होता है ऐसे व्यक्ति बहुत बड़े पैसे वाले होते हैँ उनके पास लाखों करोड़ों रुपया आता है काम करोवर में जबरजस्त तरक्की होती है।

निश योग-ज़ब दूसरे भाव में पापी ग्रह हों धन भाव का स्वामी पाप प्रभाव में हो। ऐसा व्यक्ति ब्यापार में असफल होता जितना भी पैसा लगता है सब डूब जाता लाभ नहीं होता है। अंत में अर्श से फर्श पर आ जाता है।

अवि योग-यह योग जन्मकुंडली में तब बनता है ज़ब लग्न में पापी ग्रह हों और लग्नेश भी पाप प्रभाव में होत है। इस योग का व्यक्ति बनी बनाई पैतृक सम्पति को बर्वाद कर देता।

चंद्र मंगल योग

जन्म कुंडली में मारकेश तथा इसका प्रभाव

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