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क्या आज भी इसमें मौजूद हैं "मृत्यु संजीविनी"

वाराणसी का वो जादुई कुआँ, जिसके 8 कोनों का पानी हैं 8 अलग स्वाद का! यह कुआँ अष्टकोणीय (आठ कोनों वाला) हैं, जिसमें जल निकालने के लिए आठ अलग-अलग घाट (घिर्रियां) बने हैं।

आश्चर्य की बात यह हैं कि भक्तों के अनुसार, हर घाट से निकलने वाले पानी का स्वाद अलग-अलग महसूस होता हैं। कहा जाता है कि भगवान धन्वंतरि ने देवलोक जाने से पहले अपनी सभी दुर्लभ और रहस्यमयी जड़ी-बूटियाँ

व मृत्यु संजीवनी जैसी औषधियाँ इसी कूप में डाल दी थीं। यही कारण हैं यदि कोई बीमार व्यक्ति लगातार 40 से 45 दिनों तक इस कूप का जल पीता हैं, तो उसे असाध्य रोगों से मुक्ति मिल सकती हैं। यह कुआँ वाराणसी के मैदागिन स्थित महामृत्युंजय महादेव मंदिर के परिसर में बना धन्वंतरि कूप हैं, जो अपनी धार्मिक मान्यताओं और औषधीय गुणों के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। हर हर महादेव!

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