“हिंदू धर्म को ज्यादातर अमेरिका के लोग इतनी आसानी से नहीं समझ पाते हैं क्योंकि ज्यादातर अमेरिकी ईसाई हैं। वे समझ नहीं पाते हैं कि हिंदू धर्म सिर्फ एक धर्म नहीं है।”
पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉ. मेघानी ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर साल 2003 में हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (एचएएफ) की सह-स्थापना की थी।
【1】असीम शुक्ला, जो यूरोलॉजिक सर्जरी में एसोसिएट प्रोफेसर हैं।
【2】वकील सुहाग शुक्ला
【3】श्रम कानून वकील निखिल जोशी
अमेरिका में एक भारतवंशी डॉक्टर ने हिंदुओं की वकालत और जागरूकता के लिए 40 लाख डॉलर देने की घोषणा की है। डॉक्टर का कहना है कि हिंदू सिर्फ एक धर्म नहीं है, यह जीवन जीने का एक तरीका है।
■ डॉक्टर मिहिर मेघानी ने अपने दोस्त के साथ दो दशक पहले एक हिंदू अमेरिका संगठन की स्थापना की थी।
■ इस महीने की शुरुआत में हुए सिलिकॉन वैली के वार्षिक समारोह में संगठन ने अगले आठ वर्षों में हिंदू हितों के लिए 15 लाख डॉलर और दान देने का संकल्प लिया है। इस योगदान से दो दशकों में कुल दान बढ़कर 40 लाख डॉलर हो जाएगा।
■ डॉ. मेघानी ने बताया, ‘मैंने और मेरी पत्नी तन्वी ने संगठन को अभी तक 15 लाख डॉलर का दान दिया है। हमने पिछले 15 वर्षों में हिंदू और भारतीय संगठनों के लिए 10 लाख डॉलर का योगदान दिया है। अगले आठ वर्षों में, हम भारत समर्थक और हिंदू संगठनों को 15 लाख डॉलर देने का वादा कर रहे हैं।’
■ उन्होंने कहा, ‘मैं आप सभी से यह कह रहा हूं कि मेरे पास स्टार्टअप कंपनी नहीं है। मेरा कोई अन्य बिजनेस नहीं है। मैं एक डॉक्टर हूं। मुझे सैलरी मिलती है। वहीं, मेरी पत्नी एक फिटनेस प्रशिक्षक और एक ज्वेलरी डिजाइनर हैं। हम एक साल में लाखों डॉलर नहीं कमा रहे हैं। हमारे पास जोड़ने का कोई विकल्प नहीं हैं। हम दान सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि यह हमारा धर्म है, यह हमारा कर्तव्य है।’
उन्होंने कहा कि जो हिंदू भारत से आ रहे हैं, वे यह नहीं समझते हैं कि यह उनकी एक भारतीय पहचान है। हमें इसके बारे में बात करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘हमें हिंदुओं को भारतीय पहचान में मजबूत होने की जरूरत है। अपनी हिंदू पहचान के बारे में बहुत गर्व होना चाहिए।’