
एस्ट्रो वास्तु में ‘हिट’ (Hit) वह अदृश्य ऊर्जा प्रहार है जो एक ग्रह अपनी स्थिति से किसी विशेष दिशा या भाव पर डालता है। राहु और केतु, चूंकि छाया ग्रह हैं, इनकी हिट्स सबसे अधिक रहस्यमयी और प्रभावशाली मानी जाती हैं।
1. राहु की हिट का विस्तृत विवरण
मूल स्वभाव: राहु एक ‘विस्तार’ करने वाला ग्रह है। इसकी हिट जहाँ पड़ती है, वहाँ असंतोष और भ्रम पैदा करती है।
प्रभाव क्षेत्र: अचानक होने वाली घटनाएं, चोरी, कोर्ट-कचहरी, और ऐसी बीमारियाँ जिनका निदान न हो सके।
वास्तु संकेत: यदि राहु की हिट किसी शुभ भाव पर है, तो घर की दक्षिण-पश्चिम (SW) दिशा में भारी नीला रंग, जंग लगा लोहा, या शौचालय में लीकेज जैसी समस्या निश्चित रूप से मिलेगी।
मानसिक प्रभाव: व्यक्ति को ऐसा लगता है कि उसके साथ कोई ‘छल’ कर रहा है, जबकि वह दोष उसके घर की दिशा में सक्रिय राहु की हिट का होता है।
2. केतु की हिट का विस्तृत विवरण
मूल स्वभाव: केतु ‘अलगाव’ और ‘जड़’ का कारक है। इसकी हिट ऊर्जा को ब्लॉक (Block) कर देती है।
प्रभाव क्षेत्र: काम का अंत समय पर बिगड़ जाना, नसों की समस्या, और घर में सन्नाटा महसूस होना।
वास्तु संकेत: केतु की हिट होने पर घर के कोनों में मकड़ी के जाले, बंद अंधेरी कोठरी, या घर की सीढ़ियों के नीचे कबाड़ जमा होना पाया जाता है।
मानसिक प्रभाव: व्यक्ति खुद को समाज से कटा हुआ महसूस करता है और निर्णय लेने में अक्षम हो जाता है।
3. हिट्स का तुलनात्मक अध्ययन
पक्ष: ऊर्जा का प्रकार
राहु: यह अग्नि और वायु का मिश्रण है, जो धुएं की तरह फैलता है।
केतु: यह जड़ और पृथ्वी तत्व की गहराई से जुड़ा है, जो संकुचन पैदा करता है।
पक्ष: दिशात्मक प्रहार
राहु: मुख्य रूप से South-West (नैऋत्य) से प्रहार करता है, लेकिन जिस नक्षत्र में हो उस दिशा को भी बिगाड़ता है।
केतु: मुख्य रूप से South-South-West और ब्रह्मस्थान के पास के तीक्ष्ण कोनों से प्रहार करता है।
पक्ष: लक्षण (Symptoms)
राहु की हिट: घर में बिजली के उपकरण बार-बार जलना, शॉर्ट सर्किट होना।
केतु की हिट: घर की दीवारों में दरारें आना या फर्श का अचानक टूट जाना।
पक्ष: उपचार (Remedy)
राहु के लिए: प्रभावित दिशा में ‘सरसों का तेल’ या ‘पीला रंग’ स्थापित करके राहु को शांत किया जाता है।
केतु के लिए: उस कोने में ‘गणेश जी’ की आराधना और केसर का तिलक या झंडा (Flag) लगाना शुभ होता है।
4. विशेष टिप:
जब राहु या केतु किसी ग्रह पर ‘हिट’ करते हैं, तो उस ग्रह की दिशा को तुरंत चेक करना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि केतु मंगल (Mars) पर हिट कर रहा है, तो घर की दक्षिण (South) दिशा में खराबी मिलने पर ही केतु का बुरा फल मिलता है। यदि दक्षिण दिशा साफ है, तो हिट का प्रभाव न्यूनतम हो जाता है।