मृत्यु ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मृत्यु के सात प्रकार बताए गए हैं- बालारिष्ट, योगारिष्ट, अल्प, मध्य, दीर्घ, दिव्य
मृत्यु
मृत्यु ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मृत्यु के सात प्रकार बताए गए हैं- बालारिष्ट, योगारिष्ट, अल्प, मध्य, दीर्घ, दिव्य
जब स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने कहा—“मृत्यु को भी एक बहाना चाहिए…” क्या आपने कभी सोचा है… कि जिस
मोमबत्ती की लौ, परछाई और भगवद्गीता का ग्यारहवां अध्याय बचपन में जो चीज़ें सबसे अनोखी लगती हैं, उनमें
भारत के आरंभिक बांधों में से एक सुदर्शन बांध ऋग्वेद के नदी सूक्त में उल्लेख है कि इन्द्र
शिव और उनके शास्त्र – (संदर्भ – शिवरात्रि) शिव : स्वयं ताे आशु आराधना से संतुष्ट हो जाने
गटारी अमावस्या: महत्व, धार्मिक मान्यता, पूजा विधि और क्या करें-क्या न करें हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का
दीप अमावस्या: महत्व, पूजा विधि, धार्मिक मान्यता और दीपदान का शुभ फल हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का
षष्ठ भाव परिवर्तन योग और रोगों के ज्योतिषीय संकेत वैदिक ज्योतिष में षष्ठ भाव को रोग, ऋण, शत्रु,
शिवजी के पैयाँ परो रे ! काल—महाकाल। अर्थात समय। शिव समय हैं। समय आद्यध्वनि का सूचक है। शिव
व्याकरण और ग्रामर दोनों एक नहीं है जैसे धर्म और रिलिजन एक नहीं होते। व्याकरण का अनुवाद ग्रामर