भगवान जब बीमार पड़ते हैं करीब चार-साढ़े चार साल पहले नौकरी के सिलसिले में मैं ओडिशा आया था।
भगवान जब बीमार पड़ते हैं
भगवान जब बीमार पड़ते हैं करीब चार-साढ़े चार साल पहले नौकरी के सिलसिले में मैं ओडिशा आया था।
“बांसुरी…” “क्या हुआ बुजुर्ग माँ? आज क्या परेशानी है?” मैंने हँसते हुए उस अम्मा से पूछा। “मुझे कुछ
तरुणाई की छाँव में बुज़ुर्गी की मुस्कान सुबह मॉर्निंग वॉक पर गया था। तालाब के चार चक्कर लगाने
वैवस्वत पूजन: एक विशिष्ट वैदिक परंपरा की आध्यात्मिक व्याख्या भारतवर्ष की सनातन परंपरा में प्रत्येक पूजन, अनुष्ठान एवं
बहुरंगी आषाढ़ “आया आषाढ़, आया आषाढ़…” “आषाढस्य प्रथमदिवसे मेघमाश्लिष्टसानुं।वप्रक्रीडा परिणत गज प्रेक्षणीयं ददर्श।” यह कालिदास की अमर और
भगवान जगन्नाथ के महाप्रसाद की कथा अधिकांशतः लोग सोचते हैं कि भगवान का महाप्रसाद सदा सदा से इस
वडनगर ने बनाए यूनानी सिक्के, पश्चिम एशिया से सीखा भूकंपरोधी तकनीक अहमदाबाद:2014 से 2024 तक एक दशक तक
वैदिक ज्योतिष में प्रत्येक ग्रह न केवल विभिन्न रोगों का कारक है, बल्कि शरीर पर विशिष्ट चिन्ह (चिह्न),
भाव अनुसार शरीर के चिन्ह (तिल, दाग, घाव, कट, मस्सा आदि)” का अर्थ है – जन्मकुंडली के 12
संतान योग में कारक या बाधक ग्रह जन्म कुंडली में संतान कारक ग्रह ज्योतिष शास्त्र में संतान सुख