भाई दूज: प्रेम, विश्वास और रक्षा के पवित्र बंधन का त्योहार भारत त्योहारों की भूमि है — यहाँ
भाई दूज: प्रेम, विश्वास और रक्षा के पवित्र बंधन का त्योहार
भाई दूज: प्रेम, विश्वास और रक्षा के पवित्र बंधन का त्योहार भारत त्योहारों की भूमि है — यहाँ
नगरमान | मयमतम् अध्याय – 10 | नगर – योजना – मै नगर आदि के प्रमाण एवं विन्यास
ग्रामविन्यास | मयमतम् अध्याय – 9 | ग्रामयोजना – अब ग्राम आदि का नियमानुसार प्रमाण एवं विन्यास (निर्माण-योजना)
बलिकर्म | मयमतम् अध्याय – 8 | अपने-अपने वास्तुपद में स्थित वास्तुदेवों का बलिकर्म (पूजा एवं नैवेद्य) होना
वास्तुपद-विन्यास | मयमतम् अध्याय – 7 | मैं (मय ऋषि) सभी वास्तुमण्डलों के पद पद-विन्यास का वर्णन
दिक्परिच्छेद | मयमतम् अध्याय – 6 | दिशा-निर्धारण – मैं (मय) दिशा के निर्धारण के विषय में कहता
वस्तुप्रकार | मयमतम् अध्याय – 2 | आवास एवं भूमि के प्रकार – अमर (देव) एवं मरणधर्मा (मनुष्य)
संग्रहाध्याय – मङ्गलाचरण | मयमतम् अध्याय – 1 | सर्वस्व के ज्ञाता, संसार के स्वामी देवता को सिर
दीनबन्धु उड़ीसा जिले के याजपुर गाँव में बन्धु महान्ति रहते थे, उनके परिवार में पति परायण पत्नी, एक
राजा बलि और गोवर्धन पर्वत : दान, भक्ति और धर्म के प्रतीक भारत की पौराणिक कथाएँ केवल