क्या योगकारक ग्रहों की दशा सदैव शुभफल ही देगी। ज्योतिष शास्त्र में विषोंतरी दशाओं के अतिरिक्त भी बहुत
क्या योगकारक ग्रहों की दशा सदैव शुभफल ही देगी।
क्या योगकारक ग्रहों की दशा सदैव शुभफल ही देगी। ज्योतिष शास्त्र में विषोंतरी दशाओं के अतिरिक्त भी बहुत
कर्म और भाग्य का अटल नियम: शिव–पार्वती संवाद की सीख एक बार शंकर पार्वती भ्रमण पर निकले ।
सारावली का यह अमर श्लोक आज भी सत्य लगता है || मूल श्लोक (संस्कृत) || चन्द्रे उच्चे बलयुक्ते
जन्म कुण्डली में वैवाहिक जीवन के योग: कारण, प्रभाव और समाधान ज्योतिष में बहुत से योगो का उल्लेख
जिंदगी को जहर बना देता है जन्म कुंडली में मौजूद ‘विष योग’ ज्योतिष शास्त्र में अनेक योगों का
केतु के प्रभाव * सूर्य जब केतु के साथ होता है तो जातक के व्यवसाय, पिता की सेहत,
देवगुरु बृहस्पति का फलादेश नियम ज्योतिष अनुसार कुंडली मे गुरुदेव बृहस्पति से जातक के विवेक-बुद्धि, आध्यात्मिक व् शास्त्रज्ञान,
रामायणकालीन नगरों का इतिहास: विनाश, अत्याचार और पुनर्निर्माण की गाथा यह जानना आवश्यक है कि रामायण के प्रसिद्ध
श्रीरामचरितमानस – भजन विचार सुनु रावन परिहरि चतुराई। भजसि न कृपासिंधु रघुराई।। जौं खल भएसि राम कर द्रोही।
पति और नारियल पति और नारियलकैसे निकलेंगे, यह तो किस्मत ही जानती है—ऐसा दादी कहा करती थीं।अच्छा, लेते