
हर किसी के पास , सुनाने के लिए एक मार्मिक , करूणा दिलाने वाली स्टोरी है , हाय 20 घंटे से फँसा हूँ , 24 घंटे हो गये । लुट गये , पिट गये बर्बाद हो गये हम ……….
बूहूहूहू….. बूहूहूहू ….. जे गोरमिंट बिक चुकी है । मोदी पूँजीपतियो के हाथो बिक चुका है , सरकार निकम्मी है जी ।
इतना Comfort Zone मे जीने का आदी हो चुका है ये देश कि 24 घंटे , 48 घंटे की तकलीफ नही झेल सकता । एयरपोर्ट के ग्राऊंड स्टाफ से लेकर , CISF तक सबसे मारपीट पर उतारू है ।
ये है इनकी सहनशीलता , और मुश्किल हालात मे Survive कर पाने की इनकी Skill कि 24 घंटो मे ही पौंकने लगे । आराम तलब , सुख सुविधा युक्त जीवन शैली मे जरा सा खलल क्या पडा , कि इन्हे डाईपर , सैनिटरी पैड , बिसलरी वाॅटर , डबल बेड , सब याद आने लगे है ।
कमाल तो ये है कि ये “सुख सुविधा भोगी , आरामतलब जीवन जीने के आदी लोग , सुबह से शाम तक , युद्ध –युद्ध चिल्लाते है ।
अगर पाकिस्तान या चीन से युद्ध होता है ,तो क्या ये पूरी कौम , बमबारी झेल पायेगी ??? बिना बिजली , बिना राशन , बिना इंटरनेट , जिंदा रह पायेगी ???? महीनो लंबी लडाई , लाखो करोडो मौते , परमाणु हमला , शहरो पर भीषण बमबारी , जरूरी चीजो की किल्लत , महंगाई , बर्दाश्त कर पायेगी ????
जी नही , बिल्कुल नही , उल्टा अपनी सुख सुविधा पर आँच आते ही , यही लोग शांति के गीत गाने बैठ जायेंगें , किसी भी शर्त पर युद्ध बंद करने , और सरकार को करोडो लोगो को जंग मे धकेलने का स्यापा पीटेंगें । ये हमारा “राष्ट्रीय चरित्र ” जो बन चुका है ।
अभी पिछले दिनो आपरेशन सिंदूर हुआ था । मेरी फैमिली बच्चे चंडीगढ मे थे । उन्होने बताया कि , सब लोग , अपने बीवी बच्चो को यूपी , बिहार , बंगाल भेज रहे है , पाकिस्तानी बमबारी की आशंका के चलते । यहाँ रहना सुरक्षित नही , यहाँ तक कि AIR Force , और अन्य फोर्सेस मे कार्यरत लोगो का भी कमोबेश यही हाल था ।
वो तो अच्छा है कि युद्ध Escalate नही हुआ , वरना नजारा देखने लायक होता , ट्रैनो , जहाजो , गाडियों मे लदकर , लोग यूपी बिहार , बंगाल की तरफ भागते । एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनो पर भगदड की स्थिति बनती । जो ज्यादा सक्षम थे , वो तो देश छोडकर ही निकल लेते ।
मैने बीवी को डाँट दिया , कि क्या यूपी मे जाकर बच जायेगी ??? वहाँ पाकिस्तानी मिसाईल , या बम वर्षक नही पहुँचेंगें ???? चुपचाप जहाँ हो ,वही टिके रहो , और हालात का सामना करो ।
अगर , ये युद्ध वास्तव मे हुआ होता , और हमारा एयर डिफेंस मजबूत ना होता , तो आप इसी जनता का पलायन देखते , कि किस तरह भागते है ये दिन रात युद्ध युद्ध चिल्लाने वाले ।
ये है हमारा “राष्ट्रीय चरित्र ” बकवास चाहे हम जितनी भी पेलते रहे । जो दो दिन की ट्रैवल क्राईसिस नही झेल सकते , BLO ड्यूटी मे जिन्हे मौत आ जाती है , क्या वो देश सचमुच कोई बडी कुर्बानी देकर युद्ध मे उतर पायेगा ???? जहाँ पीढियां खत्म हो जाती है , शहर मलबे के ढेर मे तब्दील हो जाते , अस्पताल और जन सुविधाओ तो कौन कहे , साफ पानी पीने को तरस जाते है लोग ।
एच
मुसीबतो से दो चार होने , कठिनाई झेलने , सुख सुविधा का त्याग कर सकने लायक, हम कभी बन ही नही सके है । 🙏🙏🙏🙏