यदि आपके पास किसी जातक की जन्म कुण्डली और नवमांश कुण्डली है, तब पलक झपकते ही आप यह पता कर सकते हैं कि कोई ग्रह पुष्कर नवमांश में है अथवा नहीं !
. यदि आप इन नियमों के अनुसार उस पर विचार करते हैं तब यह सम्भव है –
नवमांश कुण्डली में 1, 3, 5, 8, 10, 11 राशियों में स्थित ग्रह पुष्कर नवमांश में नहीं हो सकते !
जन्म कुण्डली में अग्नि तत्व की राशियों में स्थित ग्रह नवमांश कुण्डली में केवल तुला या धनु राशि में जाने पर ही पुष्कर नवमांश में हो सकते हैं अन्यथा नहीं !
जन्म कुण्डली में जल तत्व की राशियों में स्थित ग्रह नवमांश कुण्डली में केवल कर्क या कन्या राशि में जाने पर ही पुष्कर नवमांश में हो सकते हैं, अन्यथा नहीं !
पृथ्वी तत्व व वायु तत्व की राशियों में स्थित ग्रह नवमांश कुण्डली में केवल मीन या वृष राशि में जाने पर ही पुष्कर नवमांश में हो सकते हैं, अन्यथा नहीं !
उपरोक्त नियमो के अन्तर्गत रहते हुए जन्म कुण्डली में उच्च स्थिति में होने पर और पुष्कर नवमांश में नीच राशि में जाने पर भी सूर्य, बुध, शुक्र और शनि शूभ फल ही देते हैं !
जो ग्रह कुण्डली में अस्त है, वह पुष्कर नवमांश में जाने पर भी शुभ फल देने में सक्षम नहीं होता है !
पुष्कर नवमांश में स्थित होने के बाद भी ग्रह यदि त्रिक भाव (4,8,12) में स्थित है तब वह यद्यपि कि शुभ स्थिति में है फिर भी अपनी महादशा, अन्तर्दशा आने पर गम्भीर दुर्घटना, बीमारी, आर्थिक उतार चढाव, किसी प्रियजन की मृत्यु जैसी घटना घटित करने की स्थिति उत्पन्न कर सकता है !