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राहु एकादश भाव दशम भाव फेक फेम स्वार्थी भीड़ मिथ्या यश

_कारक ग्रह: राहु  सूर्य  शनि  भ्रम, प्रकाश, सत्य दाता_

 1: फलदीपिका 7.35_ 

`राहुर्बल युतो यस्य लग्ने कर्मणि वा स्थितः। मिथ्या यशो धनं दद्यात् क्षणादेव विनश्यति॥` 

_हिंदी:_ राहु बली लग्न या कर्म में हो तो मिथ्या यश धन दे, क्षण में नष्ट हो जाए। 

 

_फलादेश:_ _राहु वायरल AI इंटरनेट_ । 1 Reel 1 करोड़ व्यू 1000 लोग गुरुजी। 1 FIR सब Unfollow। _भीड़ स्वार्थ की, प्रेम की नहीं_।

 

_2: सारावली 12.9_ 

`राहुणा सहिते सूर्ये दशमे यदि संस्थिते। राज द्वारे प्रतिष्ठा च अपकीर्ति भयं महत्॥` 

_हिंदी:_ राहु सूर्य युति दशम भाव में हो तो राजद्वार प्रतिष्ठा पर अपकीर्ति का महाभय। 

 

_फलादेश:_ _नेता के साथ स्टेज शेयर भीड़_ । ED छापा स्टेज खाली। सूर्य आत्मा, राहु ग्रहण। _आत्मा पर ग्रहण चरित्र पर दाग_।

 

_ 3: भृगु सूत्र 6.11_ 

`एकादशे राहु संयुक्ते लाभेशो दुर्बलो यदि। मित्राणि शत्रुवत् तस्य स्वार्थ सिद्धिं प्रतीक्षते॥` 

_हिंदी:_ एकादश भाव में राहु हो, लाभेश दुर्बल हो तो मित्र शत्रुवत, स्वार्थ सिद्धि की प्रतीक्षा करते हैं। 

 

_फलादेश:_ _एकादश भाव सोशल सर्कल फॉलोअर नेटवर्क_ । राहु फेक। 10 लाख फॉलोअर, शादी में 10 लोग नहीं।

 

4: जातक पारिजात 15.22_ 

`चन्द्र राहु युति योगे लग्ने वा सप्तमेऽपि वा। मनो भ्रमो भवेत् तस्य मिथ्या जन समागमः॥` 

_हिंदी:_ चंद्र राहु युति लग्न या सप्तम भाव में हो तो मनो भ्रम हो, मिथ्या जन समागम हो। 

 

_फलादेश:_ _ग्रहण योग दिमाग का ग्रहण_ । लगता है पूरी दुनिया साथ, पर अकेले रोते हो।

 

_5: मानसागरी 4.18_ 

`राहु शुक्र युते लाभे नारी मित्र कलत्रतः। धन हानि यशो भंगो भवेद् व्यसन संयुतः॥` 

_हिंदी:_ राहु शुक्र युति एकादश भाव में हो तो नारी मित्र पत्नी से धन हानि, यश भंग, व्यसन हो। 

 

_फलादेश:_ _इंस्टा वाली दी हनी ट्रैप_ । फेम के साथ केस फ्री। भीड़ ताली बजाए, पुलिस हथकड़ी।

 

राहु भीर जब संग लावै, स्वारथ की सब रीत। 

नाम बड़ा धन भी मिलै, पर मन रहे भयभीत॥ 

सूर्य अर्घ्य जो देत नित, सत्य मित्र संग आय। 

राहु छाया मिट जात है, यश अमर हो जाय॥`

_ राहु भीड़ जब संग लावे, स्वार्थ की सब रीत। नाम बड़ा धन भी मिले, पर मन रहे भयभीत। सूर्य अर्घ्य जो देत नित, सत्य मित्र संग आय। राहु छाया मिट जाती है, यश अमर हो जाय।

 

`राहु चमक दामिनी जैसी, पल में होय बिलाय। 

सूर्य तेज जुग जुग रहै, सत्य कभी न जाय॥` 

_ राहु चमक दामिनी जैसी, पल में होय विलाय। सूर्य तेज युग युग रहे, सत्य कभी न जाय।

 

_1: मिथुन लग्न राहु दशम भाव सूर्य दशम भाव एकादश भावेश मंगल द्वादश भाव शनि सप्तम भाव राजद्वार अपकीर्ति योग_

__ राहु सूर्य दशम भाव ग्रहण योग कर्म में। एकादश भावेश द्वादश भाव लाभ का व्यय। शनि सप्तम भाव पब्लिक से अपमान। 

_:_ सूर्य सरकार आत्मा। राहु छाया स्कैंडल। _दशम भाव में युति सरकार के साथ नाम, सरकार के हाथ बदनाम_। 

__ मंत्री के साथ उद्घाटन, 6 माह बाद घोटाले में नाम। _1 लाख भीड़, 1 वारंट_। यूट्यूब पर Exposed वीडियो। _फेम गया, केस रह गया_।

 

_: सिंह लग्न राहु एकादश भाव चंद्र एकादश भावेश बुध अष्टम भाव गुरु द्वादश भाव डिजिटल मिथ्या भीड़ योग_ 

__ चंद्र राहु एकादश भाव ग्रहण योग, एकादश भावेश अष्टम भाव लाभ की आयु कम। गुरु द्वादश भाव सलाहकार धोखा। 

_:_ एकादश भाव इच्छा सोशल मीडिया। चंद्र मन पब्लिक। राहु भ्रम वायरल। _युति मन का भ्रम पब्लिक को भ्रमित करे_। 

:_ 50 लाख सब्सक्राइबर, Live में 200 लोग। _ब्रांड डील कैंसल Fake Influencer_। डिप्रेशन, नींद की गोली। _भीड़ व्यूज में, अकेलापन रूम में_।

 

_ कुंभ लग्न लग्नेश शनि लग्न भाव राहु लग्न भाव दशम भावेश मंगल षष्ठ भाव सूर्य द्वादश भाव यश भंग जेल योग_

_:_ लग्न भाव में शनि राहु शापित योग, दशम भावेश षष्ठ भाव कर्म शत्रु। सूर्य द्वादश भाव सरकार से दंड। 

_ लग्न भाव शरीर नाम। राहु कलंक। _लग्न भाव में युति नाम पर कालिख_। दशम भावेश षष्ठ भाव नौकरी कोर्ट। 

_:_ सोशल वर्कर, नेता बनो। _1 महिला आरोप मीटू पार्टी से निकालो जेल_। 5 साल फेम, 15 साल केस। _भीड़ नारेबाजी से गालीबाजी पर_।

 

 कन्या लग्न एकादश भाव में राहु शुक्र एकादश भावेश चंद्र षष्ठ भाव दशम भावेश बुध अस्त हनी ट्रैप धन यश नाश_

_ राहु शुक्र एकादश भाव अप्सरा योग। एकादश भावेश षष्ठ भाव लाभ शत्रु। दशम भावेश अस्त बुद्धि अस्त। 

__ शुक्र भोग, राहु जाल। _एकादश भाव में लाभ के लिए जाल_। चंद्र षष्ठ भाव मन शत्रु। 

__ मैम से दोस्ती, होटल, वीडियो, ब्लैकमेल। _50 लाख दो या वायरल कर दूं_। बिजनेस, शादी, इज्जत तीनों गए। _भीड़ कमेंट करे मजा आया_।

 

_वृश्चिक लग्न राहु दशम भाव गुरु दशम भाव चांडाल एकादश भावेश बुध द्वादश भाव शनि चतुर्थ भाव गुरु डुबाऊ योग_ 

_ गुरु राहु दशम भाव चांडाल योग, एकादश भावेश द्वादश भाव लाभ व्यय। शनि चतुर्थ भाव सुख नाश। 

_ गुरु नाम, धर्म। राहु चांडाल धर्म भ्रष्ट। _दशम भाव में कर्म भ्रष्ट_। पब्लिक बोले ढोंगी बाबा। 

_

 1 लाख शिष्य, आश्रम, TV चैनल। _1 शिष्या का आरोप आश्रम सील, खुद जेल_। भीड़ जूता मारे। _फेम 10 साल, बदनामी 100 साल_।

 

_शुभ 1: राहु तृतीय भाव षष्ठ भाव एकादश भाव में बली वरदान_ 

_व्याख्या:_ उपचय भाव में राहु समय के साथ बढ़े। _तृतीय भाव पराक्रम, षष्ठ भाव शत्रु हंता, एकादश भाव अचानक लाभ_। मेहनत करो तो मीडिया, पॉलिटिक्स, AI में टॉप।

 

_शुभ 2: सूर्य बली दशम भाव राहु तृतीय भाव ग्रहण भंग राजयोग_

_व्याख्या:_ सूर्य राजा। राहु तृतीय भाव पराक्रम से राहु काबू। _अपकीर्ति का डर खत्म_। मोदी योग।

 

_शुभ 3: शनि दृष्ट राहु स्लो पर सॉलिड_

_व्याख्या:_ शनि धैर्य। शनि की दृष्टि राहु पर _फेक फेम न मिले, देर से मिले पर परमानेंट_। 40 के बाद स्टार।

 

_अशुभ 1: राहु सूर्य दशम भाव यश भंग_

_व्याख्या:_ सरकार से नाम, सरकार से बदनाम। _CBI, ED, इनकम टैक्स_। पिता से विवाद। हार्ट प्रॉब्लम।

 

_अशुभ 2: चंद्र राहु एकादश भाव मित्र शत्रु_ 

_व्याख्या:_ 10 लाख दोस्त, दिल का 0। _डिप्रेशन, नशा, सुसाइडल_। पैसा हो पर नींद न हो।

 

_अशुभ 3: राहु शुक्र सप्तम भाव एकादश भाव हनी ट्रैप_ 

_व्याख्या:_ खूबसूरत जाल। _इज्जत, पैसा, पत्नी सब जाए_। सेक्स स्कैंडल, MMS लीक।

 

_अशुभ 4: राहु दशा षष्ठ भावेश अष्टम भावेश अंतर्दशा जेल_

_व्याख्या:_ राहु महादशा में षष्ठ भावेश अष्टम भावेश अंतर्दशा _कोर्ट, हॉस्पिटल, जेल यात्रा_। मीडिया ट्रायल फ्री।

 

_नाम: श्री सूर्य गायत्री आदित्य हृदय_  स्तोत्र

_शास्त्र प्रमाण: ऋग्वेद 1.50.10 वाल्मीकि रामायण युद्ध कांड 105.1_ 

 

_श्लोक:_ 

`ॐ भास्कराय विद्महे महाद्युतिकराय धीमहि। तन्नो आदित्यः प्रचोदयात्॥` 

`आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम्। जयावहं जपेन्नित्यं अक्षय्यं परमं शिवम्॥` 

हम भास्कर को जानते हैं, महा प्रकाश करने वाले का ध्यान करते हैं। वह आदित्य हमें प्रेरित करें। 

आदित्य हृदय पुण्य देने वाला, सर्व शत्रु विनाशक, जय देने वाला है। नित्य जपने से अक्षय परम कल्याण होता है।

 

_:_ राहु तम, सूर्य प्रकाश। _तम का इलाज प्रकाश, राहु का इलाज सूर्य_। सूर्य गायत्री राहु की बुद्धि को प्रेरित करे कि वो फेम की जगह धर्म दे। आदित्य हृदय राम जी का कवच। _रावण राहु, राम सूर्य_। जपो तो लंका जलाओ।

 

  1. _समय:_ सूर्योदय, नित्य।
  2. _विधि:_ तांबे लोटे में जल लाल चंदन गुड़। पूर्व मुख अर्घ्य।

   मंत्र: `ॐ घृणिः सूर्याय नमः` 7 बार। 

  1. _जप:_ सूर्य गायत्री 11 बार आदित्य हृदय 1 पाठ। रविवार 3 पाठ।
  2. _नियम:_ रविवार नमक त्याग। _झूठ, फेक ID, क्लिकबेट त्याग_। पिता का अपमान न।

 

_लाभ 1: राहु दोष विनाशिनी भ्रम टूटे_

_व्याख्या:_ 1000 फॉलोअर असली या नकली, _दिमाग बताए_। Deal साइन करने से पहले _सामने वाले की नियत दिखे_।

 

_लाभ 2: मिथ्या यश नाश स्कैंडल प्रूफ_  

_व्याख्या:_ राहु बदनामी लाए, सूर्य इज्जत बचाए। _100 न्यूज चैनल भी चरित्र हन न कर पाए_। नारद मुनि भी आ जाएं तो सच बोलें।

 

_लाभ 3: सत्य मित्र प्रदायिनी शनि के लोग मिलें_

 

_व्याख्या:_ राहु के 5 लाख जाएं, _शनि के 5 सच्चे आएं_। जो श्मशान तक साथ दें। पत्नी, भाई, दोस्त हीरे।

 

_लाभ 4: राज द्वार प्रतिष्ठा सरकार साथ_

_व्याख्या:_ राहु हटे, सूर्य आए _मंत्री खुद फोन करे_। टेंडर बिना घूस पास। _लाल बत्ती परमानेंट_।

 

_लाभ 5: अक्षय्यं यश मरने के बाद भी नाम_

_व्याख्या:_ राहु का यश 15 दिन। _सूर्य का यश 15 पीढ़ी_। मूर्ति लगे, किताब छपे। _इतिहास में नाम_।

 

_समय: 11 दिन में चाटुकार भागें, 21 दिन में सच्चे लोग जुड़ें, 43 दिन में मीडिया पॉजिटिव, 6 माह में सरकारी सम्मान, 1 साल में राहु मुक्त जीवन।_

 

_नाम: श्री धूमावती दरिद्रता भ्रम नाश सवा लक्ष पुरश्चरण_ 

_शास्त्र प्रमाण: शाक्त प्रमोद धूमावती कल्प 4.11 मुण्डमाला तंत्र 9.7_ 

_अनुकूल विद्या: धूमावती राहु की महाविद्या, अलक्ष्मी नाशिनी, मिथ्या अहंकार भस्म कारिणी_ 

_कुंडली अनुकूलता: राहु लग्न भाव सप्तम भाव दशम भाव एकादश भाव, चंद्र राहु, गुरु राहु, फेक फेम, कर्ज, विधवा योग, डिप्रेशन_

 

धूम्रावतीं विवर्णाम् च चंचलां दुष्टरोहिणीम्।

विवर्णां मलिनवाससां शूर्पहस्तां भयङ्करीम्॥”

​ शास्त्रीय प्रमाण एवं विधान

​शाक्त प्रमोद (धूमावती कल्प 4.11): इसमें देवी के स्वरूप और दरिद्रता नाश के लिए उनके मंत्रों के विनियोग का स्पष्ट वर्णन है।

​मुण्डमाला तंत्र (9.7): यहाँ धूमावती को “कलहप्रिया” और दुखों का अंत करने वाली मोक्षदायिनी शक्ति बताया गया है।

​सवा लक्ष पुरश्चरण: १,२५,००० मंत्रों का जप जब पूर्ण विधि-विधान, दशांश हवन, तर्पण और मार्जन के साथ किया जाता है, तभी यह सिद्ध होता है।

 

`विवर्णा चञ्चलारूक्षा धूम्र मूर्ति भयंकरी। धूमावती स्मृता देवी राहु ग्रह निवारिणी॥` 

`ॐ धूं धूं धूमावती स्वाहा। ॐ धूं धूमावती ठः ठः॥`

 

विवर्ण, चंचल, रूखी, धूम्र मूर्ति, भयंकर धूमावती देवी कही गई, राहु ग्रह निवारिणी है। 

ॐ धूं धूमावती स्वाहा। ॐ धूं धूमावती ठः ठः।

 

_व्याख्या:_ धूमावती विधवा अकेली केतु। _राहु का सिर है तो धूमावती धड़_। राहु भ्रम दे, धूमावती वैराग्य दे। _फेक भीड़ से वैराग्य असली सुख_। धुआं भ्रम। धूमावती धुआं उड़ा दे, सत्य दिखा दे। _राहु की माया काटने को राहु की माँ_।

 

_. _ब्राह्मण वरण:_ 5 शाक्त ब्राह्मण, धूमावती उपासक। श्वेत वस्त्र, रुद्राक्ष।

  1. _मुहूर्त:_ शनिवार अमावस्या, रात्रि 12 बजे। ज्येष्ठा मूल शतभिषा नक्षत्र। मकर कुंभ लग्न।
  2. _संकल्प:_ “मम जन्मांग राहु जनित मिथ्या यश, फेक भीड़, स्वार्थी मित्र, अपकीर्ति भय, चित्त भ्रम, दरिद्रता निवारणार्थं, सत्य यश, सच्चे मित्र, मन शांति प्राप्त्यर्थं, श्री धूमावती सवा लक्ष पुरश्चरण पञ्च ब्राह्मण द्वारा करिष्ये”।
  3. _मंडल स्थापना:_ धुएं में। _धूप खूब जलाएं, दर्शन धुंधला हो_। धूमावती यंत्र काले कपड़े पर। काले तिल, उड़द, सरसों तेल दीप।
  4. _जप:_ 1,25,000। `ॐ धूं धूं धूमावती स्वाहा`। 5 ब्राह्मण 25,000 11 दिन रात्रि 12 से 3 बजे। _बिना आसन, भूमि पर बैठें_।
  5. _हवन:_ दशांश 12,500 आहुति। _हव्य:_ काले तिल घी 1008, सरसों घी 1008, नीम पत्ते 108, धतूरा 108। _धुआं इतना कि मूर्ति न दिखे_।

   _विशेष आहुति:_ 1008 बार “भ्रम नाशय स्वाहा”। 108 बार मोबाइल, सिम, फेक ID, इंस्टा लोगो कागज पर लिखकर। _डिजिटल माया स्वाहा_। 

  1. _वैराग्य प्रयोग:_ हवन भस्म धुआं। _माथे पर लगाओ फेम का नशा उतरे_। _घर के मुख्य द्वार पर लगाओ फेक लोग आएं न_।
  2. _महादान:_ काली कंबल 5 उड़द 1.25 किलो सरसों तेल 1.25 लीटर झाड़ू 8 सूप 8 विधवा ब्राह्मणी को भोजन वस्त्र दक्षिणा। _शनिवार को_।

 

_5 लाभ सहित:_  

_लाभ 1: राहु ग्रह निवारिणी भ्रम फटे_ 

_व्याख्या:_ 1M फॉलोअर का नशा उतरे। _समझ आए 5 लोग ही अपने_। Deal 100 करोड़ की नहीं, नियत 1 रुपये की देखो। _शुगर कोटिंग उतरे, कड़वा सच दिखे_।

 

_लाभ 2: अलक्ष्मी नाशिनी फिजूल खर्च बंद_

_व्याख्या:_ राहु दिखावा iPhone, ब्रांड, पार्टी। धूमावती _सादगी_। _EMI का भूत भागे_। कर्ज उतरे, सेविंग बढ़े।

 

_लाभ 3: मिथ्या यश भस्म बदनामी से अभय_

_व्याख्या:_ धूमावती विधवा _समाज का डर नहीं_। लोग क्या कहेंगे भस्म। _कपड़े फटे हों पर इज्जत न फटे_। ट्रोलिंग से फर्क न पड़े।

 

_लाभ 4: शत्रु उच्चाटन फेक फ्रेंड भागे_

_व्याख्या:_ धूं बीज धुआं _आंख में मिर्च_। चाटुकार, मतलबी, हनी ट्रैप वाली _आंख मसलते भागें_। सन्नाटा पर सुकून।

 

_लाभ 5: मन शांति डिप्रेशन खत्म_  

_व्याख्या:_ चंद्र राहु पागलपन। धूमावती _मन का धुआं साफ_। नींद की गोली बंद। _अकेले में आनंद_। वैराग्य पावर।

 

_समय: 21 दिन में फेक लोग गायब, 43 दिन में खर्च कंट्रोल, 90 दिन में नींद पक्की, 6 माह में कर्ज मुक्त, 1 साल में फकीर बादशाह।_

 

—संदेश:

​”भ्रम विनाशक, मोक्ष प्रदायिनी”

राहु के दोषों का नाश कर, जीवन में वैराग्य और शांति प्रदान करने वाली आदि शक्ति।

 

_06 अंतिम बात सार _

 

_भीड़ राहु है, एकांत सूर्य है  _राहु में शोर, सूर्य में शोर्य_।

 

_फेम चाहिए तो राहु पूजो, नाम चाहिए तो सूर्य पूजो_ । 

_फेम 10 साल, नाम 100 साल_। _चुनाव तुम्हारा_।

 

_धूमावती सिखाती है: अकेला होना शाप नहीं, तप है_ भीड़ में खो जाओगे, एकांत में पाओगे_।

 

_राहु का मंत्र: और चाहिए_। 

_सूर्य का मंत्र: बहुत है_। 

_धूमावती का मंत्र: कुछ नहीं चाहिए_। 

_तीसरा वाला जीता_

 

_सार: नकली भीड़ गई तो असली जिंदगी शुरू_। 

_सूर्य अर्घ्य दो, 5 लोग बचेंगे माँ, पिता, गुरु, दोस्त, ईश्वर_

_और छठा_ 

_वो तुम खुद, जो अब फॉलोअर नहीं, खुद को फॉलो कर रहा है_

 

_ राहु की भीड़ गई, राम की सीढ़ी मिल गई_

राहु एकादश भाव दशम भाव फेक फेम स्वार्थी भीड़ मिथ्या यश

चतुर्थ भाव + चतुर्थेश +भवन-भूमि योग

दशम भाव नवम भाव लग्नेश राजयोग सरकारी सेवा यश अधिकार

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