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कुण्डली के खाली घर का प्रभाव

यदि आप अपनी कुण्डली देखेंगे तो पायेंगे कि हमारी जन्म कुण्डली के कुछ घर हर हालत में खाली रहते हैं ! इन खाली घरों या भावों का विश्लेषण हमें कैसे करना चाहिए आज हम इसी विषय पर यह लेख प्रस्तुत कर रहे हैं !

 

कुण्डली के खाली घरों को कुछ ज्योतिषी सुप्त भाव या रिक्त भाव मानते हैं, पर यह भाव भी सर्वथा सुप्त भाव नहीं होते हैं ! यह खालीघर शुभ या अशुभ फल भी दे सकते हैं ! हमें सावधानी पूर्वक इसकी समीक्षा अवश्य कर लेना चाहिए ! इसकी समीक्षा के भी कुछ विशेष सिद्धांत होते हैं जिसका वर्णन हम आगे क्रमशः करेंगे —

 

  1. यदि खाली घर के स्वामी ग्रह कुण्डली के केन्द्र (1,4,7,10 भाव में) स्थित होंगे तब वह क्रमांक 6 में अंकित पूर्वार्द्ध परिस्थिति को छोड़कर अन्य स्थिति में अच्छा फल देते हैं !

 

  1. यदि खाली घर का स्वामी ग्रह क्रमांक 6 में अंकित पूर्वार्द्ध परिस्थिति को छोड़कर त्रिकोण (1,5,9) भाव में स्थित होगा तब भी शुभ फल देगा !

 

  1. यदि खाली भाव का स्वामी ग्रह शुभ कर्तरी योग में होगा तब भी शुभ फल देगा !

 

  1. खाली भाव का स्वामी ग्रह यदि किसी ग्रह से राशि परिवर्तन करके स्थित होगा तब भी शुभ फल देगा !

 

  1. खाली भाव के स्वामी पर यदि किसी शुभ ग्रह की दृष्टि होगी तब भी वह शुभ फल देगा !

 

  1. खाली घर का स्वामी ग्रह यदि अपने घर से 6, 8, 12वें भाव में स्थित हो गया हो तब वह अशुभ फल देगा ! साथ ही जन्म कुण्डली के त्रिक भाव में स्थित होने पर वह शुभ फल नहीं दे सकेगा !

 

  1. यदि खाली घर का स्वामी ग्रह जहाँ भी स्थित हो वहाँ पाप कर्तरी योग में फँसा होगा तब अशुभ फल देगा !

 

  1. खाली घर का स्वामी यदि पापी ग्रह की दृष्टि में भी होगा तब भी अशुभ फल देगा !

 

  1. खाली घर का स्वामी यदि शत्रु राशि में स्थित होगा तब भी अशुभ फल देगा अथवा शुभता में कमी रहेगी !

 

  1. खाली घर का स्वामी ग्रह यदि अपनी नीच राशि में या अस्त स्थिति में होगा तब भी अशुभ फल ही देगा !

 

  1. खाली घर का स्वामी जिस भाव का कारक होता है, यदि उस भाव में स्थित होगा तब किसी शुभ ग्रह की शुभ दृष्टि न होने पर भी अशुभ फल ही देगा ! क्योंकि “कारकः भाव नाशकः” !

 

  1. खाली भाव के कारक ग्रह की उस भाव पर दृष्टि होने पर शुभ फल प्राप्त होगा !

 

  1. खाली घर का स्वामी यदि चन्द्रमा है तब उसके किसी भी तरफ कोई ग्रह (राहु, केतु, सूर्य को छोड़कर) न होगा तब केमद्रुम योग बनाकर अशुभ फल देगा !

 

  1. खाली घर का स्वामी यदि सूर्य या चन्द्रमा हैं और वह राहु, केतु के साथ या दृष्टि में होंगे तब अशुभ फल देंगे !

 

  1. खाली घर का स्वामी यदि सूर्य या चन्द्रमा हैं और वह सूर्य या चन्द्र के साथ एक ही राशि में 10 अंश से कम दूरी पर या सम सप्तक होकर स्थित होंगे तब भी शुभ फल नहीं मिलेगा !

 

  1. खाली घर का स्वामी यदि चन्द्रमा है और वह शनि के साथ युति या दृष्टि में कहीं स्थित होगा तब विष योग बनने के कारण शुभ फल नहीं दे सकेगा !

 

  1. यदि खाली घर का स्वामी नवमांस कुण्डली में वर्गोत्तम हो या उच्च राशि में स्थित हो तब वह शुभ फल ही देगा !

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