
डॉक्टरी एक ऐसा कैरियर और रोजगार का क्षेत्र है जहाँ अच्छा खासा सम्मान, धन रुतवा आदि सब होता है लेकिन क्या बहुत काबिल/सफल डॉक्टर बन पाएंगे या नही और क्या नामी डॉक्टर रहेंगे या सामान्य आज अब इसी विषय पर बात करते है, क्योंकि डॉक्टरी करने के बाद डॉक्टर तो आप बन सकते है लेकिन डॉक्टरी के क्षेत्र में आपका कैरियर कैसा रहेगा?यह सबसे महत्वपूर्ण बात है।
कुंडली का दसवाँ भाव कैरियर/रोजगार साथ ही पद, प्रतिष्ठा, सम्मान, प्रसिद्धि आदि जैसे विषयों का है तो छठा भाव और इसका स्वामी डॉक्टरी क्षेत्र से सम्बंधित है तो नवग्रहों में हर एक ग्रह किसी न किसी डॉक्टरी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है कि व्यक्ति किस मर्ज का डॉक्टर बनेगा।
जब भी लग्न कुंडली या दशमांश कुंडली मे दसवे भाव या दसवे भाव स्वामी का सम्बन्ध छठे भाव या छठे भाव स्वामी से अच्छी स्थिति में बनेगा और शिक्षा के योग अच्छे होंगे साथ ही शिक्षा सम्बन्धित ग्रहों(पाचवे या नवे भाव स्वामी/शिक्षा स्वामी)ग्रहों का सम्बन्ध भी छठे भाव या दसवे भाव से होगा तब ऐसा जातक/जातिका डॉक्टरी के क्षेत्र में अच्छी सफलता प्राप्त करेंगे साथ ही दसवाँ भाव और इसका स्वामी और जातक/जातिका का लग्न या लग्नेश जितना ज्यादा शुभ योगों और बलवान स्थिति में होगा तब ऐसे जातक/जातिका प्रसिद्ध/नामी(Famous) डॉक्टर बनेंगे क्योंकि यह शुभ योगों का लग्न/लग्नेश और दसवे भाव/दसवे भाव स्वामी पर प्रभाव सफलता डॉक्टर बनाएगा जिससे जातक/जातिका की प्रसिद्धि बढ़ती जाएगी।
मेष लग्न के जन्मकुंडली में जैसे दसवे भाव का स्वामी शनि बनता है और छठे भाव का स्वामी बुध बनता है अब दसवे भाव स्वामी शनि यहाँ छठे भाव मे छ्ठे भाव स्वामी बुध के साथ ही कन्या राशि मे बैठे तब जातक/जातिका सफल डॉक्टर बन जायेंगे और अब यहाँ लग्नेश मंगल होता है अब मंगल दसवे भाव मे बैठ जाये शिक्षा स्वामी सूर्य के साथ तो मेष में दसवे भाव मे मंगल उच्च+दिग्बली होने से बहुत बलवान होता है अब ऐसी स्थिति में जातक/जातिका नामी/प्रसिद्ध डॉक्टर बनेगे जो कि दूर दूर तक नाम डॉक्टरी में होगा।।
कर्क लग्न के जन्मकुंडली में जैसे दसवे भाव(कैरियर/रोजगार) का स्वामी मंगल तो छठे भाव(डॉक्टरी क्षेत्र) का स्वामी गुरु बनता है अब मंगल और गुरु यहाँ बलवान स्थिति में छठे, बारहवे, दसवे भाव या किसी भी अच्छे भाव मे सम्बन्ध कर ले तब जातक/जातिका बहुत सफल डॉक्टर बनेगे क्योंकि मंगल गुरू सम्बन्ध होने से यहाँ कर्क लग्न में राजयोग भी बनता है।अब इन्ही मंगल गुरु के साथ यहाँ लग्नेश मतलब लग्न स्वामी चन्द्रमा का भी सम्बन्ध बन जाये तब ऎसे जातक/जातिका प्रसिद्ध/नामी और बहुत सफल डॉक्टर होंगे क्योंकि यह स्थिति नामी/प्रसिद्ध और सफल डॉक्टर बनाएगी।।
अब डॉक्टरी में स्वयंम का क्लीनिक/अस्पताल खुलेगा या डॉक्टर बनकर डॉक्टरी के क्षेत्र में नौकरी करनी पड़ेगी इसके लिए दसवे भाव का सम्बन्ध जब सातवे भाव सहित 11वे या दूसरे भाव से होगा और बुध अधिक से अधिक बलवान होगा तब स्वयम का क्लीनिक या अस्पताल होता है पर ऐसी स्थिति न हो तब डॉक्टरी में डॉक्टर बनाकर जॉब करेंगे।।