
(ज्योतिष + विज्ञान + अनुभवजन्य शोध)
1.चंद्रमा_का_मूल_सिद्धांत (शास्त्रों के अनुसार)
बृहत्पाराशर होरा शास्त्र में स्पष्ट है:
“चंद्रः मनसः कारकः”
चंद्रमा = मन का कारक
अर्थात:
मन
भावना
स्मृति
मानसिक संतुलन
माता से संबंध
इन सबका नियंत्रण चंद्र करता है।
इसलिए चंद्र कमजोर = मन कमजोर
2.चंद्र_दोष_क्या_होता_है?
जब कुंडली में चंद्र:
नीच का हो,पाप ग्रहों (राहु, केतु, शनि, मंगल) से पीड़ित हो,अमावस्या के बहुत पास हो,6, 8, 12 भाव में पाप दृष्टि में हो,अस्त, ग्रसित या चंद्र-राहु / चंद्र-शनि योग में हो,तो उसे चंद्र दोष कहा जाता है।
3.चंद्र_दोष_से_होने_वाले_मानसिक_रोग
(ज्योतिषीय वर्गीकरण)
(क) सामान्य_मानसिक_असंतुलन
अत्यधिक चिंता,डर,भ्रम,नकारात्मक सोच,निर्णय लेने में असमर्थता
कारण: चंद्र की कमजोरी
(ख) गंभीर_मानसिक_समस्याएँ
योग
चंद्र + राहु
भ्रम, वहम, paranoia
चंद्र + शनि
अवसाद (Depression)
चंद्र + मंगल
क्रोध, हिंसक प्रवृत्ति
चंद्र 8/12 भाव
नींद, डर, अकेलापन
चंद्र नीच
आत्मविश्वास की कमी
आधुनिक मनोविज्ञान इन्हें
Anxiety Disorder, Depression, Bipolar Traits कहता है
4.अमावस्या, पूर्णिमा और मानसिक प्रभाव
पूर्णिमा
भावनाएँ तीव्र
संवेदनशील लोग अधिक प्रभावित
ध्यान और साधना के लिए श्रेष्ठ
पर कमजोर चंद्र वालों में चिड़चिड़ापन
अमावस्या
मानसिक ऊर्जा न्यूनतम
डर, अकेलापन, अनिद्रा
आत्मघाती विचार (चरम मामलों में)
आधुनिक_रिसर्च:
Full Moon पर नींद और भावनात्मक अस्थिरता बढ़ती है
मानसिक रोगी अधिक संवेदनशील होते हैं
(क) हार्मोनल प्रभाव
चंद्र चक्र ≈ Melatonin और Serotonin बदलाव
नींद और मूड सीधे प्रभावित
(ख) Chronobiology
मानव शरीर चंद्र चक्र से प्रभावित
महिलाओं का मासिक चक्र ≈ 29.5 दिन (चंद्र चक्र)
यह वही है जो ज्योतिष हजारों साल से कह रहा है।
6.महान_ज्योतिषियों_के_मत
डॉ. बी.वी. रमन
“मानसिक रोगों में चंद्र की दशा निर्णायक होती है।”
के.एन. राव
“चंद्र पीड़ित हो तो बुद्धि होते हुए भी निर्णय गलत होते हैं।”
श्रीराम शर्मा आचार्य
“चंद्र साधना से मन शुद्ध होता है।”
7.चंद्र_दोष_के_आध्यात्मिक_और_व्यावहारिक_उपाय
शास्त्रीय_उपाय
सोमवार व्रत
शिव अभिषेक (दूध/जल)
चावल, दूध, सफेद वस्त्र दान
चंद्र बीज मंत्र:
ॐ सोम सोमाय नमः
विशेष_विधि:
पूर्णिमा की रात
चंद्र दर्शन के बाद
108 बार “श्रीराम” जप
8.अंतिम_निष्कर्ष
चंद्र दोष = मन का दोष
मानसिक रोगों का मूल कारण अक्सर चंद्र होता है
ज्योतिष और आधुनिक विज्ञान एक-दूसरे की पुष्टि करते हैं
साधना, मंत्र और अनुशासन से चंद्र दोष शांत हो सकता है