
ओ३म् भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात्।
ओ३म् -हे सर्व रक्षक परमेश्वर आप मेरी रक्षा कर रहे हो आपकी रक्षा से ही सुरक्षित हूँ कृपया मेरी और सुरक्षा कीजिए
भू: —आप प्राण को देने वाले हो
भुव: —दु:ख दूर करने वाले हो
स्व: —सुखों व आनन्द को देने वाले हो आप सुख स्वरूप हो प्रभु
तत् – वह आप मेरे समस्त दुखो को दूर करके सुखों को प्राप्त कराइए
सवितु: आप समस्त ब्रह्माण्ड को बनाने वाले सृष्टि कर्ता हो मुझे उत्पन्न करने से आप मेरे परम माता परम पिता हो प्रभु
वरेणयम् :- मैं आपको वरण व धारण करता हूँ
भर्गो: —आप काम क्रोध लोभ मोह अंहकार से रहित पवित्र हो
देवस्य – दिव्य गुणों से युक्त हो प्रभु
धी मही- आपके इस स्वरूप का मैं ध्यान करता हूँ
धियो- आप हमारी बुद्धियों
यो न: —को
प्रचोदयात- प्रकाशित करें जिससे पाप व दुर्गुणो से हट कर नेक रास्ते पर चले और हे प्रभो !हमारी बुद्धि उत्तम गुण कर्म स्वभाव में प्रेरित कीजिए
प्रार्थना:- हे सर्वरक्षक प्रभो ! आप हर समय हमारी अनन्त प्रकार से रक्षा और सुरक्षित कर रहे हो